NCLT ने Demerger को दी मंज़ूरी, अब आगे क्या?
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने 27 फरवरी, 2026 को Protean Infosec Services Limited और Protean eGov Technologies Limited के बीच होने वाले कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) के Demerger ऑर्डर को 'मंजूर' कर दिया है। इस फैसले से दोनों कंपनियों के अलग-अलग ग्रोथ के रास्ते खुलेंगे।
रीस्ट्रक्चरिंग की ओर बढ़ा कदम
NCLT की यह मंजूरी, Demerger प्लान के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस फैसले के बाद Protean Infosec Services Limited और Protean eGov Technologies Limited के बीच कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का काम आगे बढ़ेगा। फिलहाल, कंपनी NCLT के इस ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी का इंतजार कर रही है, जिसे स्टॉक एक्सचेंजों (Stock Exchanges) में जमा कराना होगा।
क्यों है यह फैसला अहम?
NCLT की मंजूरी से दोनों कंपनियों के बिज़नेस ऑपरेशन्स को अलग करने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि इससे दो अलग और फोकस्ड एंटिटीज (Entities) बनेंगी, जिनसे ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और स्ट्रैटेजिक एजिलिटी (Strategic Agility) बढ़ सकती है। Demerger का मकसद शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाना है, ताकि हर बिज़नेस सेगमेंट अपनी खास मार्केट डायनामिक्स (Market Dynamics) के हिसाब से अलग ग्रोथ स्ट्रैटेजी (Growth Strategy) और कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) प्लान पर काम कर सके।
Demerger का बैकग्राउंड
Protean eGov Technologies Limited और Protean Infosec Services Limited के बीच यह Demerger इसलिए प्लान किया गया है ताकि दोनों कंपनियां अलग-अलग लिस्टेड एंटिटीज (Listed Entities) के तौर पर काम कर सकें। इस स्ट्रैटेजिक कदम का लक्ष्य यह है कि हर बिज़नेस अपने कोर कॉम्पिटेंसी (Core Competency) पर ध्यान केंद्रित करे और अलग ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठाए। यह ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करने और ग्रुप के अंदर छिपे वैल्यू को बाहर निकालने की एक बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।