IPO की ओर Practo का कदम: लीडरशिप में बड़े बदलाव
Practo अपने आने वाले Initial Public Offering (IPO) के लिए कमर कस चुकी है, जो 2026 के दूसरे हाफ में आने की उम्मीद है। इस बड़े कदम के लिए कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम को री-स्ट्रक्चर किया है और नए बोर्ड मेंबर्स को शामिल किया है। यह बदलाव Practo के उस विजन को दर्शाता है, जहाँ वह सिर्फ डॉक्टर खोजने वाले प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर एक फुल-स्टैक, AI-संचालित कंज्यूमर हेल्थ सर्विस बनना चाहती है।
पिछले एक साल में, Practo ने पांच अहम एग्जीक्यूटिव्स को हायर किया है। इनमें दो बड़े भारतीय टेक कंपनियों से आए ग्लोबल सीओओ (COO) और सीएमओ (CMO) शामिल हैं। इसके अलावा, एक वीपी (VP) ऑफ AI और एक चीफ प्रोडक्ट एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर भी टीम में शामिल हुए हैं। पूर्व यूनियन हेल्थ सेक्रेटरी सी.के. मिश्रा ने भी एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड जॉइन किया है।
महत्वाकांक्षी लक्ष्य और फाइनेंशियल हेल्थ
ये लीडरशिप बदलाव Practo के महत्वाकांक्षी फाइनेंशियल लक्ष्यों से जुड़े हुए हैं। कंपनी का लक्ष्य जून 2026 तक $1 बिलियन का एनुअल जीएमवी (GMV) रन-रेट हासिल करना है। इसमें से $250-300 मिलियन का योगदान यूएस ऑपरेशन्स से आने की उम्मीद है। यह पिछले साल के लगभग $400 मिलियन के जीएमवी से एक बड़ी छलांग है।
Practo ने फाइनेंशियल ईयर 24 (FY24) में लगभग ₹240 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि नेट लॉस घटकर ₹17 करोड़ रह गया। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में कंपनी ने ₹234 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹15 करोड़ का ऑपरेटिंग एबिटडा (EBITDA) प्रॉफिट कमाया है, साथ ही पॉजिटिव कैश फ्लो भी रिपोर्ट किया है।
हेल्थटेक मार्केट और AI स्ट्रेटेजी
Practo भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल हेल्थ मार्केट में काम कर रही है, जिसका अनुमानित मूल्य 2024 में $14.5 बिलियन था और इसके 2033 तक $106 बिलियन से अधिक होने की उम्मीद है। हेल्थ-टेक मार्केट इससे भी बड़ा है, जिसके 2024 में $6.5 बिलियन से बढ़कर 2033 तक $78 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है।
Practo की स्ट्रेटेजी का एक बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इंटीग्रेशन है। भारतीय हेल्थकेयर में AI सेगमेंट के 40% से अधिक सालाना बढ़ने और 2025 तक $1.6 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। Practo AI का इस्तेमाल स्मार्ट सर्च, सिम्पटम चेकिंग और क्लिनिकल फीडबैक जैसी सुविधाओं के लिए कर रही है, ताकि यूजर एक्सपीरियंस और एफिशिएंसी को बेहतर बनाया जा सके।
चुनौतियां और कॉम्पीटिशन
हाल के ऑपरेशनल प्रॉफिट के बावजूद, Practo को बड़े कॉम्पीटिशन का सामना करना पड़ रहा है। हेल्थ-टेक मार्केट में Tata 1mg, Apollo 24x7, और PharmEasy जैसे बड़े प्लेयर्स मौजूद हैं। Practo के लिए $1 बिलियन जीएमवी का लक्ष्य हासिल करना और पब्लिक मार्केट में वैल्यूएशन बनाए रखना एक चुनौती होगी। यूएस में विस्तार करने में भी जटिल रेगुलेटरी और हेल्थकेयर सिस्टम की बाधाएं शामिल हैं।