AI इंटीग्रेशन को मिलेगी रफ़्तार
Srijesh Kumar की CPTO के तौर पर नियुक्ति Practo की AI स्ट्रेटेजी को एक बड़ी रफ्तार देगी। 20 साल से ज़्यादा का अनुभव रखने वाले कुमार, जो Salesforce और Expedia Group जैसी दिग्गजों के साथ काम कर चुके हैं, अब Practo के प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी डिवीज़न को लीड करेंगे। उनका मुख्य फोकस Practo की सभी सर्विसेज़ में एडवांस्ड AI को इंटीग्रेट करना होगा, ताकि पेशेंट और हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके। यह AI पर ज़ोर इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि डिजिटल हेल्थ सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है और AI से एफिशिएंसी (Efficiency) और पेशेंट केयर में सुधार की उम्मीद है। Practo अपने 4 करोड़ से ज़्यादा स्ट्रक्चर्ड डेटा पॉइंट्स का इस्तेमाल AI को और बेहतर बनाने के लिए करेगा।
पब्लिक लिस्टिंग की ओर Practo
कुमार जैसे अनुभवी लीडर की नियुक्ति Practo के पब्लिक लिस्टिंग (Public Listing) की मंशा को और मज़बूत करती है। खबरें हैं कि कंपनी IPO से पहले $100 मिलियन से $125 मिलियन तक की फंडिंग जुटाने के लिए बातचीत कर रही है, जिससे उसकी वैल्यूएशन लगभग $700 मिलियन तक पहुँच सकती है। जहां पहले 2025-26 में लिस्टिंग की बात थी, वहीं अब 2027 को टारगेट किया जा रहा है। यह फंड इंटरनेशनल एक्सपेंशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में लगाया जाएगा। कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) भी इन लक्ष्यों का समर्थन करता है। Practo ने FY25 में पहली बार पूरे साल मुनाफा कमाया है, जिसमें ₹15 करोड़ का ऑपरेटिंग EBITDA ₹234 करोड़ के रेवेन्यू पर दर्ज किया गया। FY24 में 22% ग्रोथ के साथ रेवेन्यू ₹240 करोड़ रहा था, जिससे कंपनी पब्लिक मार्केट में एंट्री के लिए अच्छी पोजीशन में दिख रही है।
बाज़ार में कॉम्पिटिशन और चुनौतियाँ
Practo इंडिया के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल हेल्थ मार्केट में काम कर रहा है, जिसका बाज़ार $106 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है। यह Tata 1mg, Apollo 24/7 और MediBuddy जैसे प्लेयर्स के साथ ऑनलाइन फार्मेसी, डायग्नोस्टिक्स और इंटीग्रेटेड केयर जैसे क्षेत्रों में कॉम्पिटिशन (Competition) में है। हालांकि, AI को हेल्थकेयर में इंटीग्रेट करने में डेटा क्वालिटी, सिस्टम कम्पैटिबिलिटी (Compatibility) और रेगुलेटरी (Regulatory) जैसे मुद्दे एक चुनौती बने हुए हैं। साथ ही, हेल्थ-टेक मार्केट में कड़ा कॉम्पिटिशन है। IPO की तारीख में बदलाव से एग्जीक्यूशन (Execution) में कुछ देरी भी हो सकती है।