Pine Labs Lock-in Expiry: ₹865 करोड़ के शेयर खुलेंगे बाजार में, निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Pine Labs Lock-in Expiry: ₹865 करोड़ के शेयर खुलेंगे बाजार में, निवेशकों की बढ़ी चिंता
Overview

Pine Labs Ltd. के निवेशकों के लिए **10 फरवरी** का दिन अहम होने वाला है, क्योंकि कंपनी का तीन महीने का लॉक-इन पीरियड खत्म हो रहा है। इससे बाजार में करीब **₹865 करोड़** के शेयर आ सकते हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। हालाँकि कंपनी ने ग्रॉस ट्रांज़ैक्शन वैल्यू (GTV) में **92%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल बने हुए हैं।

₹865 करोड़ के शेयर होंगे 'फ्री', बड़ा सप्लाई शॉक!

Pine Labs Ltd. 10 फरवरी को एक बड़े सप्लाई शॉक का सामना करने के लिए तैयार है। इस दिन कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के बाद का तीन महीने का लॉक-इन पीरियड समाप्त हो रहा है। इसके चलते लगभग 39.7 मिलियन शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का 3% है, ओपन मार्केट में आ जाएंगे। मौजूदा वैल्यूएशन पर देखें तो यह लगभग ₹865 करोड़ के शेयर बाजार में आ सकते हैं, जो बिकवाली का दबाव बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि सभी शेयर बेचे जाएं, लेकिन इनवेस्टर्स इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे। यह कंपनी के लिए दिसंबर 2025 में हुए दो छोटे लॉक-इन एक्सपायरी के बाद एक और बड़ा इवेंट है।

प्रॉफिटेबिलिटी पर लगी सवालिया निशानी

कंपनी के तिमाही नतीजों पर अगर गहराई से नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी मिली-जुली है। जहां एक ओर ग्रॉस ट्रांज़ैक्शन वैल्यू (GTV) में 92% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और यह $48.2 बिलियन तक पहुंच गई, वहीं ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में भी 44% का उछाल देखा गया। लेकिन, एडजस्टेड EBITDA पिछले साल के मुकाबले लगभग सपाट यानी ₹122 करोड़ पर रहा। नेट प्रॉफिट में जो मामूली बढ़ोतरी दिख रही है, वह मुख्य रूप से इम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के खर्चों में 28% की कमी का नतीजा है। ESOP खर्च अब रेवेन्यू का केवल 4% रह गया है, जबकि पहले यह 7% था। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) -3.31% और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) -0.49% पर बना हुआ है।

वैल्यूएशन और सेक्टर में तुलना

Pine Labs का शेयर फिलहाल ₹217.77 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके IPO प्राइस ₹221 से थोड़ा नीचे है। वहीं, कंपनी का पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टु-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 1033x है, जो कि फाइनेंसियल सेक्टर के एवरेज P/E 13.4x से कहीं ज्यादा है। कुछ समय तो नेट लॉस के कारण यह नेगेटिव भी रहा। सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे PB Fintech (P/E 120.17x) और One97 Communications (P/E ~-443.51x) भी ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं, लेकिन Pine Labs के नेगेटिव प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स के चलते सीधे तुलना करना मुश्किल है। वहीं, C.E. Info Systems जैसी कुछ कंपनियों का ROE 18.61% है, जो बेहतर प्रदर्शन दिखाता है। भारतीय फिनटेक सेक्टर फिलहाल मजबूत दिख रहा है और कंपनियां अब सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी पर भी ध्यान दे रही हैं।

एनालिस्ट्स का क्या है मानना?

वैल्यूएशन और प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स की राय Pine Labs पर बंटी हुई है। तीन एनालिस्ट्स में से एक 'बाय' की सलाह दे रहा है, एक 'सेल' की और एक 'होल्ड' पर है। यानी, कंसेंसस 'न्यूट्रल' बना हुआ है। औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹261.67 का है, जो मौजूदा भाव से लगभग 20% का अपसाइड दिखाता है। यह दर्शाता है कि कुछ एनालिस्ट कंपनी की मार्केट पोजीशन और फ्यूचर ग्रोथ को देखकर तेजी की उम्मीद कर रहे हैं, बशर्ते कि वह सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर सके। ₹865 करोड़ के शेयर्स बाजार में आने के बाद यह देखना अहम होगा कि इनवेस्टर्स कंपनी की असल अर्निंग पावर और वैल्यूएशन को कैसे देखते हैं।

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