सेल्स में उछाल, पर स्टॉक में दबाव क्यों?
PhysicsWallah ने अपने 20 दिन के 'विश्वास दिवस' ऑनलाइन कैंपेन से ₹205 करोड़ का कलेक्शन किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 36% की बढ़ोतरी दिखाता है और कंपनी की तिमाही ऑनलाइन रेवेन्यू का लगभग एक तिहाई है। इस कैंपेन में पूरे देश से 439,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया।
इतना ही नहीं, ऐप इंस्टॉल्स में 90% का उछाल देखा गया और सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की एंगेजमेंट बढ़ी। कंपनी ने स्टेट बोर्ड कैटेगरी और वर्नाक्युलर (क्षेत्रीय भाषाओं) कोर्सेज में भी अच्छी ग्रोथ दिखाई है, जो दिखाता है कि कंपनी टेस्ट प्रिपरेशन से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में भी पैर पसार रही है। कंपनी के AI टूल AskAI ने लगभग 30 लाख सवालों के जवाब दिए, वहीं 'जीरो CAC' (Customer Acquisition Cost) मॉडल ने ऑर्गेनिक ट्रैफिक पर फोकस किया।
परफॉर्मेंस और स्टॉक पर दबाव
इस शानदार कैंपेन परफॉर्मेंस के बावजूद, PhysicsWallah के शेयर पर भारी दबाव बना हुआ है। 30 मार्च 2026 तक, शेयर साल-दर-तारीख 35.16% गिर चुका था और करीब ₹87.30 पर ट्रेड कर रहा था। यह शेयर नवंबर 2025 के अपने 52-हफ्ते के हाई ₹161.99 से लगभग 47% नीचे है और मार्च 2026 में ₹77.72 के लो तक भी गया था।
18 नवंबर 2025 को लिस्टिंग के बाद से ही स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो अपने इश्यू प्राइस से नीचे गिर गया था। यह लगातार दबाव बताता है कि बाजार कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ या रेवेन्यू सस्टेनेबिलिटी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
बढ़ती EdTech मार्केट में प्रॉफिटेबिलिटी की चिंता
भारतीय EdTech मार्केट काफी बड़ा है और इसके 2025 तक $10.4 बिलियन और 2035 तक $61.25 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, इस ग्रोथ के साथ ही इंडस्ट्री में कंसॉलिडेशन और रिजल्ट-आधारित मॉडल्स पर ज्यादा फोकस बढ़ रहा है।
PhysicsWallah के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रहा नेट लॉस है। दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹1,082 करोड़ था, लेकिन नेट प्रॉफिट सिर्फ ₹102 करोड़ रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, FY25 के लिए ₹136 करोड़ का नेट लॉस और ₹1,548.68 मिलियन का ऑपरेटिंग इनकम लॉस दर्ज किया गया था।
ट्रेलिंग 12-महीने के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) -0.92 पर निगेटिव है, और मार्च 2026 में इसका पी/ई रेशियो -107.64 था, जो दिखाता है कि कंपनी मुनाफा कमाने के बजाय पैसा गंवा रही है।
सेक्टर की चुनौतियाँ और निवेशक का संशय
EdTech सेक्टर में बदलाव आ रहा है, जहां फंड्स मिलना मुश्किल हो रहा है और सिर्फ ग्रोथ दिखाने के बजाय रिजल्ट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इससे PhysicsWallah जैसी कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। कई बड़ी EdTech फर्म्स या तो दिवालिया हो गई हैं या उनके वैल्यूएशन में भारी गिरावट आई है।
PW पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है, जो एक अच्छी बात है, लेकिन लगातार हो रहे ऑपरेटिंग लॉस के कारण यह ताकत फीकी पड़ जाती है। 'विश्वास दिवस' जैसे कैंपेन-आधारित सेल्स पर भारी निर्भरता, भले ही रेवेन्यू में अचानक उछाल लाए, लेकिन लगातार मुनाफे की गारंटी नहीं देती।
मार्केट में यह भी चिंता है कि प्रमोशन के बाहर नए स्टूडेंट्स को लगातार आकर्षित करने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। भविष्य में सेक्टर एकीकृत लर्निंग सिस्टम्स की ओर बढ़ रहा है, जो काफी जटिल हो सकता है और PW के संसाधनों पर दबाव डाल सकता है। आईपीओ प्राइस से बड़ी गिरावट और 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेडिंग, निवेशकों के संशय को दर्शाता है।
विश्लेषकों की राय और वैल्यूएशन पर सवाल
इन चुनौतियों के बावजूद, कुछ एनालिस्ट्स अभी भी PhysicsWallah को लेकर सतर्कता से आशावादी हैं। कई एनालिस्ट्स की 'Buy' रेटिंग और ₹122.00 के एवरेज प्राइस टारगेट के अनुसार, शेयर में 36% से ज्यादा की बढ़ोतरी की संभावना है। उदाहरण के लिए, JM Financial ने ₹110 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है।
हालांकि, इन उम्मीदों को कंपनी के मौजूदा निगेटिव पी/ई रेशियो और लिस्टिंग के बाद के ट्रेडिंग इतिहास को ध्यान में रखते हुए देखना होगा। हाई प्राइस टारगेट भविष्य के मुनाफे पर आधारित हैं, जो अभी तक कंपनी की बैलेंस शीट में नजर नहीं आए हैं। यह सवाल खड़ा करता है कि मौजूदा निगेटिव परफॉरमेंस के बावजूद वैल्यूएशन क्यों इतना ऊंचा है। सेक्टर का भविष्य साबित हुए नतीजों और मजबूत फाइनेंस पर निर्भर करेगा, जिन पर PhysicsWallah के लिए अभी और काम बाकी है।