IPO फंड का इस्तेमाल और बड़े सवाल
CARE Ratings Limited की रिपोर्ट के अनुसार, Physics Wallah ने अपने IPO के तहत जुटाए फंड्स को ऑफर डॉक्यूमेंट में बताए गए उद्देश्यों के अनुसार ही इस्तेमाल किया है, जिसमें कोई बड़ा विचलन (deviation) नहीं हुआ है। Q3FY26 में ₹285.68 करोड़ के उपयोग में शामिल हैं:
- नए सेंटर्स के फिट-आउट्स (fit-outs) के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure): ₹2.42 करोड़
- सेंटर्स के लिए लीज पेमेंट्स (Lease Payments): ₹13.47 करोड़
- सब्सिडियरी Utkarsh Classes & Edutech Private Limited में अतिरिक्त शेयरधारिता (stake) हासिल करना: ₹26.47 करोड़, जिससे कंपनी का स्टेक बढ़कर 75.50% हो गया है।
इस तिमाही के खर्चों का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹243.33 करोड़, 'अनआइडेंटिफाइड एक्विजिशन (unidentified acquisitions) और जनरल कॉर्पोरेट पर्पसेज (general corporate purposes)' के तहत क्लासिफाई किया गया है। इस राशि में मुख्य रूप से कर्मचारी लाभ (employee benefit expenses) और प्रोफेशनल फीस (professional fees) (₹240.82 करोड़) और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) (₹2.50 करोड़) शामिल थे। 'अनआइडेंटिफाइड एक्विजिशन' जैसे बड़े खर्चों की विस्तृत जानकारी न होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
कंपनी का घाटा और निवेश
ऑफर डॉक्यूमेंट के उद्देश्यों के साथ फंड्स का अलाइनमेंट होने के बावजूद, कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन चिंताजनक है। Physics Wallah ने FY25 में ₹243 करोड़ का आफ्टर-टैक्स लॉस (after-tax loss) और H1FY26 में ₹57 करोड़ का आफ्टर-टैक्स लॉस दर्ज किया है। इस दौरान IPO के ₹2,814.32 करोड़ जैसे भारी-भरकम फंड्स बिना इस्तेमाल हुए पड़े हैं, जिन्हें मुख्य रूप से विभिन्न बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) में रखा गया है, जिन पर 5.25% से लेकर 6.80% तक का ब्याज मिल रहा है।
आगे क्या?
सभी बताए गए उद्देश्य समय पर चल रहे हैं और किसी देरी की रिपोर्ट नहीं है। निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी अपनी पूंजी और विस्तार योजनाओं को लाभप्रदता (profitability) में कैसे बदल पाती है, खासकर हालिया घाटे और IPO फंड के बड़े हिस्से के अप्रयुक्त रहने को देखते हुए। 'अनआइडेंटिफाइड एक्विजिशन' पर स्पष्टता और उनके वास्तविक उद्देश्य निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
