Persistent Systems शेयर में आई तूफानी गिरावट! दमदार नतीजों के बावजूद क्यों मचा हाहाकार?

TECH
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Persistent Systems शेयर में आई तूफानी गिरावट! दमदार नतीजों के बावजूद क्यों मचा हाहाकार?
Overview

Persistent Systems ने अपने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने रेवेन्यू में **25.1%** और पैट (PAT) में **33.7%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। यह कंपनी की लगातार **24वीं तिमाही** है जब रेवेन्यू में सीक्वेंशियल ग्रोथ देखने को मिली। लेकिन, इन बेहतरीन नतीजों के बावजूद, शेयर में **5.3%** की बड़ी गिरावट आई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी की ग्रोथ रेट, जो पहले से ही हाई एक्सपेक्टेशन में शामिल थी, उससे बहुत ज्यादा ऊपर नहीं गई।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

दमदार नतीजों पर भी क्यों गिरी Persistent Systems?

Persistent Systems ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो देखने में काफी मजबूत लग रहे हैं। रेवेन्यू में 25.1% का ईयर-ऑन-ईयर उछाल आया और यह ₹4,056 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 33.7% बढ़कर ₹529 करोड़ हो गया। यह लगातार 24वीं बार है जब कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

उम्मीदों पर खरा न उतरना बना वजह

हालांकि, शेयर बाजार ने इन नतीजों को हाथों-हाथ नहीं लिया और स्टॉक 5.3% तक गिर गया। इसकी मुख्य वजह यह थी कि कंपनी की ग्रोथ रेट, जो कि पिछले कुछ समय से बहुत मजबूत थी, इस बार उम्मीद से थोड़ी कम रही। डॉलर रेवेन्यू में 16.2% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज हुई, जो पिछली कुछ तिमाहियों (Q1 FY26 में 18.8%, Q2 में 17.6%, Q3 में 17.3%) की तुलना में थोड़ी धीमी थी। जब कोई कंपनी बहुत ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हो, तो ग्रोथ में थोड़ी सी भी नरमी बिकवाली का कारण बन सकती है। इन्वेस्टर्स ने पहले से ही कंपनी से तगड़ी ग्रोथ की उम्मीद लगा रखी थी, और इस बार के नतीजे उस उम्मीद पर खरे नहीं उतरे।

पूरे साल के नतीजे और डिविडेंड

पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, Persistent Systems का रेवेन्यू 23.5% बढ़कर ₹14,748 करोड़ रहा, जबकि PAT 33.2% बढ़कर ₹1,865 करोड़ हो गया। चौथी तिमाही में EBIT मार्जिन 190 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 16.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने ₹18 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, जिससे FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹40 प्रति शेयर हो गया है।

क्लाइंट बेस और ऑपरेशनल हेल्थ

कंपनी के सभी प्रमुख बिजनेस सेक्टर्स में ग्रोथ अच्छी रही। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर में 24.3% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई। कंपनी ने अपने हाई-वैल्यू क्लाइंट्स का दायरा भी बढ़ाया है। सालाना $5 मिलियन से ज्यादा का रेवेन्यू देने वाले क्लाइंट्स की संख्या 41 से बढ़कर 62 हो गई, और $10 मिलियन से ज्यादा वाले क्लाइंट्स 21 से बढ़कर 29 हो गए। ऑपरेशनल मोर्चे पर, पिछले 12 महीनों में एम्प्लॉई एट्रिशन 13.0% रहा और स्टाफ यूटिलाइजेशन 88.0% पर बना हुआ है। कंपनी ने साल भर में 2,908 नए कर्मचारी जोड़े हैं, जो कुछ अन्य आईटी कंपनियों के विपरीत है जहां छंटनी हो रही थी।

वैल्यूएशन और बाजार के जोखिम

Persistent Systems का शेयर फिलहाल प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 41.4x है, जबकि इंडस्ट्री का औसत 22x है। हालांकि, 3 साल में 26.4% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से EPS में हुई बढ़ोतरी इसे कुछ हद तक सही ठहराती है। इसके बावजूद, यह प्रीमियम वैल्यूएशन बाजार में थोड़ी सी भी गलती की गुंजाइश कम कर देता है। कंपनी की 81% आय अमेरिका से आती है, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और व्यापारिक मुद्दों के बीच एक चिंता का विषय बन सकती है। इस माहौल में आईटी सेक्टर के स्टॉक्स पर निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

AI पर फोकस और कॉन्ट्रैक्ट्स

बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया से परे देखें तो, Persistent Systems का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत नजर आता है, खासकर 20 फॉर्च्यून 50 क्लाइंट्स के साथ। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित और प्लेटफॉर्म-केंद्रित सेवाओं पर अपना फोकस बढ़ा रही है। Q4 FY26 में, नए टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) बुकिंग $1,465.8 मिलियन और नए एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) बुकिंग $994.7 मिलियन रही, जो भविष्य की ग्रोथ के लिए मजबूत पाइपलाइन का संकेत देती है। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे हाई-ग्रोथ कंपनियां बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद बाजार की कड़ी जांच का सामना कर सकती हैं, जब उम्मीदें प्रदर्शन से काफी ज्यादा हों।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.