नतीजे शानदार, पर शेयर क्यों लुढ़का?
Persistent Systems के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 33.7% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो ₹529.26 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू भी 25.1% बढ़कर ₹4,055.93 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने ₹18 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इन मजबूत नतीजों के बावजूद, शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में Persistent Systems का स्टॉक लगभग 4.47% गिरकर ₹5,096.65 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट दिखाती है कि निवेशक नतीजों से ज्यादा कंपनी के भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को लेकर चिंतित हैं।
वैल्यूएशन का प्रीमियम है बड़ी वजह
बाजार की इस प्रतिक्रिया की मुख्य वजह कंपनी का ऊँचा वैल्यूएशन प्रीमियम है। Persistent Systems का पिछले 12 महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 55.65x है, जबकि फॉरवर्ड P/E 37.36x अनुमानित है। इसकी तुलना में, इसके प्रतिद्वंद्वी जैसे Hexaware Technologies का P/E 21.70x और Mphasis का 24.68x है। Coforge जैसी तेजी से बढ़ने वाली कंपनी का P/E भी लगभग 33.05x है। यह बड़ा अंतर बताता है कि निवेशक Persistent Systems से बहुत तेज ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, और अगर यह उम्मीदें पूरी नहीं हुईं तो शेयर पर दबाव बढ़ सकता है।
ग्रोथ की गति धीमी और मार्जिन पर दबाव
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर ग्रोथ की गति धीमी पड़ने के संकेत भी चिंता बढ़ा रहे हैं। एनालिस्ट्स के मुताबिक, सॉफ्टवेयर लाइसेंस को छोड़कर रेवेन्यू ग्रोथ लगातार पांच तिमाहियों से धीमी पड़ रही है। टॉप पांच क्लाइंट्स से रेवेन्यू पिछले क्वार्टर से 1.2% कम रहा, जबकि साल-दर-साल ग्रोथ घटकर 12% रह गई। वहीं, कंपनी के EBIT मार्जिन में भी पिछली तिमाही के 16.7% से थोड़ी गिरावट आकर 16.3% पर आ गया। CEO संदीप कलरा का कहना है कि यह AI और डिजिटल इंजीनियरिंग में किए जा रहे अतिरिक्त निवेश के कारण हो सकता है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
अलग-अलग ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई है। Nomura ने वैल्यूएशन को देखते हुए 'Neutral' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹5,200 कर दिया है। वहीं, Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट को बढ़ाकर ₹6,200 कर दिया है। औसत एनालिस्ट टारगेट करीब ₹5,831.91 है, जो मौजूदा स्तर से कुछ ऊपर की संभावना दिखाता है। कंपनी के लिए अब यह साबित करना अहम होगा कि वह अपनी AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी के दम पर लगातार ग्रोथ और बेहतर मार्जिन कैसे बनाए रखती है, ताकि ऊँचे वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके।
