Persistent Systems ने पिछले साल की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों के साथ अपने निवेशकों को उत्साहित किया है। कंपनी की AI-फोकस्ड स्ट्रैटेजी (AI-focused strategy) और क्लाइंट्स (clients) की मजबूत मांग के चलते प्रदर्शन में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में, कंपनी ने ₹529 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (consolidated net profit) दर्ज किया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 20.4% अधिक है। वहीं, रेवेन्यू (revenue) में 7.4% का इजाफा हुआ और यह ₹4,056 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी ने ₹18 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) भी घोषित किया है, जिससे पूरे साल का डिविडेंड बढ़कर ₹40 हो गया है।
हालांकि, इन शानदार आंकड़ों के बीच, कंपनी के EBIT मार्जिन (EBIT margin) में थोड़ी गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है। यह 16.7% से घटकर 16.3% पर आ गया है। कंपनी का कहना है कि AI क्षेत्र में निवेश और लागत बढ़ने की वजह से यह गिरावट आई है। इस तिमाही में कंपनी ने $600.8 मिलियन का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) और $445.1 मिलियन का एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) हासिल किया है।
Persistent Systems का वैल्यूएशन (valuation) उसके प्रतिस्पर्धियों (competitors) की तुलना में काफी ज्यादा है। इसका P/E रेशियो (P/E ratio) लगभग 48.5 से 50.4 के बीच है, जबकि TCS (18.86), Infosys (19.00) और Wipro (16.03) जैसे बड़े IT स्टॉक्स का P/E रेशियो काफी कम है। ऐसे में, मार्जिन में आई यह हल्की सी कमी निवेशकों के लिए जांच का विषय बन गई है। नतीजों के बाद 21 अप्रैल, 2026 को शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में शुरुआती कारोबार में थोड़ी नरमी देखी गई और यह करीब ₹5,321.10 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
विश्लेषकों (Analysts) का मानना है कि AI ट्रांसफॉर्मेशन (AI transformation) और भविष्य की ग्रोथ को लेकर बाजार की उम्मीदें काफी ऊंची हैं, जिसके चलते Persistent Systems को अपने प्रीमियम वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। कंपनी के CEO, Sandeep Kalra ने भरोसा जताया है कि Q4 के नतीजे कंपनी के मजबूत एग्जीक्यूशन (execution) और AI-संचालित क्लाइंट डिमांड को पूरा करने की क्षमता को दर्शाते हैं। भविष्य के लिए, विश्लेषक कंपनी की सालाना आय में 18.9% और रेवेन्यू में 14.9% की ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं।
