Choice Institutional Equities ने IT सर्विस कंपनी Persistent Systems पर अपनी कवरेज की शुरुआत 'BUY' रेटिंग और ₹6,200 के टारगेट प्राइस के साथ की है। यह टारगेट 35x के फ्यूचर अर्निंग मल्टीपल (PE Multiple) पर आधारित है, जो कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर एनालिस्ट के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
फर्म का अनुमान है कि Persistent Systems का रेवेन्यू (Revenue) फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2029 के बीच हर साल औसतन 20.0% की दर से बढ़ेगा। इसी अवधि में, कंपनी के ईबीआईटी (EBIT) में 23.7% और नेट प्रॉफिट (PAT) में 23.4% की सालाना ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से कंपनी के बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) और हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज (HLS) जैसे मजबूत सेगमेंट्स से आने की उम्मीद है।
हाल ही में, Persistent Systems ने Q4 FY26 के लिए अपने नतीजे घोषित किए थे, जिसमें नेट प्रॉफिट 33% बढ़कर ₹529 करोड़ और रेवेन्यू 7.4% बढ़कर ₹4,056 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, ईबीआईटी मार्जिन पिछले क्वार्टर के 16.7% से घटकर 16.3% पर आ गया। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह मामूली गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं में री-इन्वेस्टमेंट के कारण है, जो कंपनी के भविष्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
फिर भी, बाजार की नजरें कंपनी के हाई वैल्यूएशन (High Valuation) पर बनी हुई हैं। Persistent Systems अपने प्रतिस्पर्धियों और बड़े आईटी सेक्टर की तुलना में काफी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) पीई रेशियो लगभग 43.5x से 55.6x है, जो आईटी इंडस्ट्री के औसत 22.6x और कई पीयर्स (Peers) के 30.5x से काफी ऊपर है। एनालिस्ट का 35x का टारगेट पीई भी मौजूदा हाई वैल्यूएशन को देखते हुए महत्वपूर्ण है।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय आईटी सेक्टर को इकोनॉमिक अनिश्चितता और कस्टमर खर्च में कमी का सामना करना पड़ रहा है, जहां FY25-FY26 के लिए ग्रोथ का अनुमान 4-6% लगाया गया है। कंपनी का AI पर फोकस उसे भविष्य के सौदे हासिल करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे मार्जिन में और गिरावट के बिना भुनाना होगा। अगर AI निवेशों से तेजी से लाभदायक ग्रोथ नहीं आई, तो कंपनी का हाई वैल्यूएशन एक बड़ी समस्या बन सकता है।
कंपनी के सीईओ संदीप कलरा (Sandeep Kalra) के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वे रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखें, ईबीआईटी मार्जिन में सुधार करें और AI निवेशों से मुनाफा कमाएं। इसके अतिरिक्त, कंपनी द्वारा किए गए पिछले अधिग्रहणों (acquisitions) के इंटीग्रेशन (Integration) जोखिमों को भी सावधानी से मैनेज करना होगा। Persistent Systems का लक्ष्य AI-फर्स्ट अप्रोच के साथ $2 बिलियन की कंपनी बनना है।
शेयरधारकों को खुश करने के लिए, कंपनी ने FY26 के लिए ₹18 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी प्रस्तावित किया है।
