Paytm: RBI एक्शन का कोई असर नहीं! कंपनी ने जारी रखी तूफानी ग्रोथ, निवेशक खुश

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AuthorMehul Desai|Published at:
Paytm: RBI एक्शन का कोई असर नहीं! कंपनी ने जारी रखी तूफानी ग्रोथ, निवेशक खुश
Overview

RBI द्वारा Paytm Payments Bank Ltd. (PPBL) पर कड़े नियम लागू करने के बावजूद, Paytm का मुख्य कामकाज (core operations) अप्रभावित बना हुआ है। कंपनी ने पहले ही PPBL से अपनी संरचनात्मक दूरी बना ली थी, जिसके चलते इसके मुख्य बिजनेस पर सीमित असर दिख रहा है। Paytm लगातार मजबूत यूजर एंगेजमेंट, मर्चेंट इकोसिस्टम के विस्तार और नेट पेमेंट रेवेन्यू व फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में ग्रोथ दर्ज कर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

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RBI के एक्शन के बावजूद कामकाज जारी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm Payments Bank Ltd. (PPBL) पर सख्त निर्देश जारी किए हैं, लेकिन Paytm की सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आई है। ब्रोकरेज फर्म्स की रिपोर्टों से पता चलता है कि कंपनी के मुख्य बिजनेस पर इसका असर बहुत कम है। इसकी वजह यह है कि Paytm की मूल कंपनी One 97 Communications Ltd. ने पहले ही PPBL से अपने कारोबारी रिश्ते पूरी तरह से अलग कर लिए थे।

स्ट्रैटेजिक अलगाव ने बचाया मुख्य बिजनेस

One 97 Communications Ltd. ने साफ किया है कि उसके सभी यूजर और मर्चेंट्स के लिए सेवाएं पहले की तरह ही चालू हैं। कंपनी का PPBL के साथ कोई खास कारोबारी रिश्ता, बोर्ड में प्रतिनिधित्व या प्रबंधन का जुड़ाव नहीं है। Paytm ने इस साल 31 मार्च, 2024 तक PPBL में अपने निवेश का अवमूल्यन (impairment) कर दिया था। इस कदम ने उसके मुख्य कारोबार को सीधे वित्तीय झटकों से और सुरक्षित कर दिया है और कंपनी के गवर्नेंस फ्रेमवर्क को मजबूत किया है।

एनालिस्ट्स का भी यही कहना

प्रमुख फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने भी इस बात की पुष्टि की है। Emkay Global Financial Services का कहना है कि Paytm, PPBL से 'कानूनी तौर पर अलग-थलग' (legally ring-fenced) है, क्योंकि कंपनी ने पिछले साल मार्च 2024 तक अपने सभी वाणिज्यिक समझौते समाप्त कर दिए थे और इक्विटी निवेश का पूरा अवमूल्यन कर दिया था। Bernstein ने भी कहा है कि इस स्पष्ट अलगाव के कारण 'कंपनी के नंबरों पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है'। Investec ने भी बताया कि मार्च 2024 से उनका कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है।

Paytm ने दिखाई मजबूत यूजर और मर्चेंट ग्रोथ

शुरुआत में बाजार में कुछ घबराहट दिखी, जिसके चलते सोमवार को Paytm के शेयर NSE पर 8% तक गिर गए थे। हालांकि, बाद में स्टॉक संभला और 0.83% की मामूली गिरावट के साथ ₹1,137.80 पर बंद हुआ। यह मजबूती लगातार यूजर और मर्चेंट एंगेजमेंट के साथ-साथ प्रमुख ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में स्थिर विस्तार के कारण आई है। तीसरी तिमाही तक कंपनी के मर्चेंट बेस में 1.44 करोड़ डिवाइस सब्सक्रिप्शन बढ़े, जिससे रिकरिंग रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई। नेट पेमेंट रेवेन्यू में भी पिछली तिमाही की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई। कंज्यूमर की तरफ, मासिक लेनदेन करने वाले यूजर्स (monthly transacting users) 7.6 करोड़ तक पहुंच गए, जबकि FY26 के नौ महीनों में UPI GMV में 35% की ग्रोथ देखी गई, जो इंडस्ट्री की ग्रोथ से काफी आगे है। Goldman Sachs की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 तक वैल्यू के हिसाब से Paytm का UPI मार्केट शेयर बढ़कर 6.5% हो गया है। फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट से भी कंपनी का रेवेन्यू तीसरी तिमाही में बढ़कर ₹672 करोड़ हो गया। एनालिस्ट्स का मानना है कि 2024 की रेगुलेटरी कार्रवाई के बाद आए ये ग्रोथ आंकड़े, Paytm के प्लेटफॉर्म पर लगातार यूजर के भरोसे और मर्चेंट के विश्वास को दर्शाते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.