डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म, पेटीएम ने अप्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट पेश किया है। अब, 12 विशिष्ट देशों में रहने वाले एनआरआई अपने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर का उपयोग करके पेटीएम ऐप तक पहुंच सकते हैं। यह उन्हें अपने नॉन-रेसिडेंट एक्सटर्नल (NRE) या नॉन-रेसिडेंट ऑर्डिनरी (NRO) बैंक खातों का उपयोग करके यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के माध्यम से भुगतान करने की अनुमति देता है। इस सुविधा का उद्देश्य एनआरआई के लिए लेनदेन को सरल बनाना है जब वे भारत में हों या भारतीय प्लेटफार्मों पर ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हों।\n\nमुख्य लाभ: मुख्य लाभ यह है कि अंतर्राष्ट्रीय भुगतान गेटवे या मैन्युअल मुद्रा रूपांतरण की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। इसका मतलब है कि एनआरआई भौतिक दुकानों पर सीधे यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं या भारतीय ई-कॉमर्स साइटों पर अतिरिक्त शुल्क या पारंपरिक सीमा-पार भुगतान विधियों से जुड़ी देरी के बिना भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ता अपने खातों के बीच आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं या भारत के भीतर अन्य यूपीआई आईडी या लिंक किए गए मोबाइल नंबरों पर तुरंत पैसे भेज सकते हैं, जिससे प्रेषण में देरी और विदेशी मुद्रा की ऊंची लागत से बचा जा सकता है।\n\nउपयोग कैसे करें: इस सुविधा का उपयोग करने के लिए, एनआरआई को पेटीएम ऐप डाउनलोड या खोलना होगा, अपने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर से लॉग इन करना होगा, एसएमएस के माध्यम से इसे सत्यापित करना होगा, और अपने पात्र एनआरई या एनआरओ बैंक खाते को लिंक करना होगा।\n\nयूपीआई का महत्व: यह खबर भारत में यूपीआई की जबरदस्त वृद्धि से और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, यूपीआई लेनदेन की मात्रा 2019 में 1,079 करोड़ से बढ़कर 2024 में 17,221 करोड़ हो गई, जिसमें लेनदेन मूल्य 18.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 246.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। यूपीआई अब भारत के डिजिटल भुगतान की मात्रा का 85% है, जो इसके महत्व को रेखांकित करता है और पेटीएम जैसी फिनटेक कंपनियों द्वारा एनआरआई खंड में प्रवेश करने का एक रणनीतिक कदम है।\n\nशीर्षक "प्रभाव"\nइस पहल से पेटीएम के लेनदेन की मात्रा में वृद्धि, एनआरआई खंड से उपयोगकर्ता जुड़ाव में सुधार और संभवतः अन्य फिनटेक खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल कायम करने की उम्मीद है। एनआरआई द्वारा यूपीआई को अधिक अपनाए जाने से भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी।\n\nरेटिंग: 8/10\n\nशीर्षक "कठिन शब्द"\nएनआरआई (NRIs): भारतीय नागरिक जो रोजगार, व्यवसाय या अन्य उद्देश्यों के लिए भारत के बाहर रहते हैं। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI): इंटर-बैंक लेनदेन के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित एक तत्काल रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली। एनआरई खाता (NRE Account): एनआरआई के लिए भारत में एक बैंक खाता जहां वे अपनी विदेशी कमाई को भारतीय रुपये में पार्क कर सकते हैं। एनआरओ खाता (NRO Account): एनआरआई के लिए भारत में एक बैंक खाता जहां वे भारत में अर्जित आय (जैसे किराया, लाभांश, आदि) का प्रबंधन कर सकते हैं। विदेशी मुद्रा शुल्क (Forex Charges): विदेशी मुद्रा शुल्क, जो एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में पैसे परिवर्तित करते समय लगने वाली फीस है। प्रेषण (Remittance): धन भेजने का कार्य, विशेष रूप से किसी विदेशी देश में। यूपीआई क्यूआर कोड (UPI QR Code): एक त्वरित प्रतिक्रिया कोड जिसे यूपीआई-सक्षम ऐप द्वारा स्कैन करने पर भुगतान अनुरोध शुरू होता है।
पेटीएम ने एनआरआई (NRI) को यूपीआई भुगतान के लिए अंतर्राष्ट्रीय नंबर का उपयोग करने में सक्षम बनाया
TECHOverview
पेटीएम ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिससे 12 देशों के अप्रवासी भारतीय (NRIs) अपने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और यूपीआई (UPI) भुगतान कर सकते हैं। यह सुविधा एनआरई (NRE) और एनआरओ (NRO) खातों का समर्थन करती है, जिससे भारतीय दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्बाध लेनदेन संभव होता है, बिना अंतर्राष्ट्रीय भुगतान गेटवे या मुद्रा रूपांतरण की आवश्यकता के, जिससे प्रेषण (remittance) में देरी और विदेशी मुद्रा (forex) शुल्क कम हो जाते हैं।
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