डिजिटल पेमेंट्स को और सुरक्षित बनाने के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के जोर को देखते हुए, Paytm (One 97 Communications Limited द्वारा संचालित) अपनी पेमेंट सेवाओं को और मजबूत कर रहा है। कंपनी अब UPI ट्रांज़ैक्शन्स और कार्डलेस ATM विड्रॉल के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन) का इस्तेमाल करने की सुविधा ला रहा है। इस नई सुविधा से यूजर्स को पेमेंट कन्फर्म करने, बैलेंस चेक करने और कैश निकालने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Paytm का कहना है कि यह बायोमेट्रिक डेटा केवल यूजर के डिवाइस पर ही प्रोसेस और स्टोर होगा, जिससे प्राइवेसी बनी रहेगी। UPI पेमेंट्स के लिए बायोमेट्रिक्स के जरिए ट्रांज़ैक्शन की सीमा ₹5,000 तक होगी, और UPI PIN भी एक विकल्प के तौर पर उपलब्ध रहेगा।
हालांकि, Paytm इस दौड़ में अकेला नहीं है। PhonePe, जो लगभग 46% मार्केट शेयर के साथ UPI प्लेटफॉर्म पर हावी है, पहले ही फरवरी 2026 में ₹5,000 तक के ट्रांज़ैक्शन्स के लिए बायोमेट्रिक UPI फीचर लॉन्च कर चुका है। वहीं, Google Pay भी अपने 37% मार्केट शेयर के साथ बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करता है। Razorpay भी Mastercard और Visa के साथ मिलकर बायोमेट्रिक 'Passkey' सॉल्यूशन पेश कर रहा है।
इस नई बायोमेट्रिक सुविधा से Paytm यूजर्स के लिए ट्रांज़ैक्शन्स काफी तेज और आसान हो जाएंगे। UPI PIN डालने की झंझट खत्म होने से चेकआउट टाइम कम होगा। कार्डलेस ATM विड्रॉल में भी QR कोड स्कैन करके बायोमेट्रिक्स या UPI PIN से वेरिफाई किया जा सकेगा। कार्डलेस ATM विड्रॉल की सीमा आमतौर पर ₹10,000 प्रति ट्रांज़ैक्शन होती है, जो बैंक की नीतियों के अधीन है। भले ही UPI बायोमेट्रिक पेमेंट्स के लिए ₹5,000 की सीमा हो, लेकिन बड़े अमाउंट के लिए PIN की जरूरत पड़ सकती है। भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट 2026 तक $10 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, ऐसे में यह तेजी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
लेकिन, Paytm के लिए यह सब राह आसान नहीं है। जनवरी 2024 में RBI ने Paytm Payments Bank पर अनुपालन (compliance) की खामियों के चलते सख्त प्रतिबंध लगाए थे। इस एक्शन का असर One 97 Communications के स्टॉक पर भी पड़ा और ग्रुप की रेगुलेटरी कंप्लायंस को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। भले ही यह नया बायोमेट्रिक फीचर One 97 Communications का हिस्सा है, न कि बैन हुए पेमेंट्स बैंक का, लेकिन RBI की पिछली कार्रवाई ने यूजर्स और इन्वेस्टर्स के बीच एक 'ट्रस्ट डेफिसिट' (विश्वास की कमी) पैदा कर दिया है।
एनालिस्ट्स की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में, One 97 Communications Limited (Paytm) का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹64,357 करोड़ था। कंपनी का P/E रेश्यो -363.96 है, जो इसकी प्रॉफिटेबिलिटी में अस्थिरता को दर्शाता है। स्टॉक हाल ही में ₹983.85 और ₹1005.50 के बीच ट्रेड कर रहा था। 12 महीने के टारगेट प्राइस ₹1312.50 से ₹1576 तक दिए गए हैं, जो संभावित अपसाइड की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, रेगुलेटरी कंप्लायंस और प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसी नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के बावजूद, Paytm को अभी भी कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। RBI की कार्रवाई का असर, PhonePe और Google Pay जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा, और कंपनी की लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की कमी इसके फ्यूचर ग्रोथ पर भारी पड़ सकती है।