मुनाफे की वापसी के साथ PRISM का IPO दांव
ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म OYO की पेरेंट कंपनी PRISM ने पब्लिक लिस्टिंग की अपनी उम्मीदों को फिर से जगा दिया है। कंपनी ने भारतीय सिक्योरिटी रेगुलेटर SEBI के पास IPO (Initial Public Offering) के लिए सीक्रेट पेपर फाइल किए हैं। यह कंपनी का पब्लिक ऑफरिंग की ओर दूसरा बड़ा कदम है, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स से ₹6,650 करोड़ तक फंड जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। PRISM ने $7 अरब से $8 अरब के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा है। इस बार का उत्साह कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉर्मेंस से उपजा है। 31 मार्च 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, PRISM ने ₹245 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो कि पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की तुलना में लगभग 20% बढ़कर ₹6,253 करोड़ हो गया। यह ग्रोथ कंपनी-सर्विस पोर्टफोलियो के विस्तार, यूके और SEAME जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स में पैठ जमाने और G6 Hospitality के इंटीग्रेशन से संभव हुई है। 31 मार्च 2025 तक, PRISM का ऑपरेशनल नेटवर्क 35 से ज़्यादा देशों में फैला हुआ था, जिसमें लगभग 21,000 होटल और 120,000 घर शामिल थे।
वैल्यूएशन पर सवाल और पिछली नाकामयाबी का साया
PRISM द्वारा IPO के लिए $7 अरब से $8 अरब के बीच रखी गई वैल्यूएशन, चर्चा का बड़ा विषय है। इसकी तुलना कंपनी के पिछले IPO प्रयास और पब्लिक मार्केट में मौजूद स्थापित खिलाड़ियों से की जा रही है। PRISM ने 2021 में भी IPO फाइल किया था, लेकिन ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता और कमजोर इकोनॉमिक माहौल के कारण अपने प्लान को वापस लेना पड़ा था। इसके अलावा, कंपनी के अनलिस्टेड (Unlisted) शेयरों की वैल्यू में 2021 के बाद से 65% से ज़्यादा की गिरावट आई है, जो ₹46 प्रति शेयर तक नीचे चली गई थी। दिसंबर 2024 में हुए सेकेंडरी मार्केट ट्रांजैक्शन में Oravel Stays (PRISM की पैरेंट कंपनी) का वैल्यूएशन $4.6 अरब आंका गया था।
अगर PRISM की $7.5 अरब की टारगेट वैल्यूएशन की तुलना पब्लिक कंपनियों से करें, तो यह काफी अलग नजर आती है। Booking Holdings 29-33 के P/E ratio पर ट्रेड करती है, जबकि Airbnb का P/E ratio 16 से 35 के बीच है। भारत में MakeMyTrip के P/E ratio 45 से 195 तक देखे गए हैं। PRISM के FY25 नेट प्रॉफिट ₹245 करोड़ (लगभग $29 मिलियन डॉलर) के मुकाबले $7.5 अरब का वैल्यूएशन, इसे अपने स्थापित और लगातार मुनाफे वाले पब्लिक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बहुत हाई P/E ratio देता है। ऐसे में, कंपनी के IPO के लिए निवेशक की दिलचस्पी और बाजार की स्वीकार्यता पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर ट्रैवल सेक्टर की साइक्लिकैलिटी और मौजूदा आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए।
मार्केट का माहौल और G6 Hospitality का असर
PRISM का IPO की ओर यह कदम ग्लोबल इकोनॉमी और ट्रैवल-टूरिज्म सेक्टर में एक मिले-जुले माहौल के बीच आया है। 2026 के लिए ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान हैं, लेकिन ट्रेड पॉलिसी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे खतरे अभी भी मौजूद हैं। हालांकि, ट्रैवल सेक्टर में बेहतर सेंटीमेंट और रीजनल ग्रोथ के चलते इंटरनेशनल डिमांड में तेज़ी की उम्मीद है। इस इंडस्ट्री में वैल्यू-फॉर-मनी, पर्सनलाइजेशन, AI का इस्तेमाल और सस्टेनेबिलिटी जैसे ट्रेंड्स महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
PRISM ने $525 मिलियन में G6 Hospitality, जो Motel 6 और Studio 6 जैसे ब्रांड्स चलाती है, का अधिग्रहण किया है। उम्मीद है कि FY26 में सिर्फ Motel 6 से ₹630 करोड़ से ज़्यादा का EBITDA PRISM को मिलेगा। यह स्ट्रैटेजिक मूव कंपनी की नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में मौजूदगी और रेवेन्यू बेस को मजबूत करेगा, जो कि एक सफल पब्लिक लिस्टिंग के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है।