Oracle का बड़ा दांव: AI में भारी निवेश के लिए भारतीय कैंपस जॉब्स कैंसिल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Oracle का बड़ा दांव: AI में भारी निवेश के लिए भारतीय कैंपस जॉब्स कैंसिल
Overview

Oracle ने भारत के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों को दिए गए कई कैंपस जॉब ऑफर्स को अचानक वापस ले लिया है। यह कदम कंपनी के ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश से जुड़ा है।

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AI पर फोकस, बदले टैलेंट के नियम!

Oracle ने अपने भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे IIT Roorkee और IIT Hyderabad के छात्रों को दिए गए एप्लीकेशंस डेवलपर्स और सर्वर टेक्नोलॉजी टीम्स के जॉब ऑफर्स को कैंसिल कर दिया है। यह फैसला कंपनी की ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग और कॉस्ट-कटिंग एफर्ट्स का हिस्सा है, ताकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के लिए फंड्स जुटाए जा सकें। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए लगभग $2.1 बिलियन के रीस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट का अनुमान लगा रही है।

AI में $50 बिलियन का निवेश और बदलती जरूरतें

Oracle इस मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में AI डेटा सेंटर्स और क्लाउड सर्विसेज को बढ़ाने के लिए करीब $50 बिलियन खर्च करने की तैयारी में है। टेक इंडस्ट्री में 2025 में हायरिंग को लेकर थोड़ी नरमी की उम्मीद के बीच, Oracle AI सर्विसेज की डिमांड को पूरा करने के लिए तैयार दिख रहा है। हालांकि, कैंपस ऑफर्स को रद्द करने से यह साफ है कि कंपनी की हायरिंग प्रायोरिटीज बदल गई हैं, और अब वह स्पेसिफिक AI रोल्स पर ज्यादा फोकस कर रही है, न कि एंट्री-लेवल पोजीशन पर। इस स्ट्रैटेजी से कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ सकती है, लेकिन इसे लागू करने में रिस्क भी शामिल है। Oracle का मार्केट वैल्यू लगभग $540 बिलियन है, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो 33.5 के आसपास है, जो निवेशकों का भरोसा दिखाता है। एनालिस्ट्स ने औसतन इस स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और $260 का टारगेट प्राइस रखा है, जो इसकी AI स्ट्रैटेजी के आधार पर 30% से ज्यादा के पोटेंशियल अपसाइड का संकेत देता है।

भविष्य के टैलेंट पर सवालिया निशान?

एनालिस्ट्स के ऑप्टिमिज्म के बावजूद, Oracle के सामने फाइनेंशियल आउटलुक के अलावा भी चिंताएं हैं। कंपनी पहले भी हायरिंग और पे प्रैक्टिसेस को लेकर रेगुलेटरी जांच का सामना कर चुकी है। इन कैंपस ऑफर्स को रद्द करना, खासकर एक महत्वपूर्ण फ्यूचर टैलेंट सोर्स से, Oracle की रेपुटेशन को नुकसान पहुंचा सकता है और ग्रेजुएट्स को दूर कर सकता है। इस कदम से Oracle अपने कॉम्पिटीटर्स जैसे Microsoft और Amazon से पिछड़ सकता है, जो शायद अपनी वर्कफोर्स कट के बावजूद ब्रॉडर हायरिंग पाइपलाइन ओपन रखे हुए हैं। AI के बढ़ते एडवांसेज के चलते टेक इंडस्ट्री में एंट्री-लेवल और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स कम हो रहे हैं, जिससे भविष्य की इनोवेशन के लिए चुनौतियां पैदा हो रही हैं। Oracle का मौजूदा अप्रोच AI इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे के लॉन्ग-टर्म इनोवेशन के लिए जरूरी Diverse Talent को अट्रैक्ट और रिटेन करना मुश्किल बना सकता है।

इंडस्ट्री ट्रेंड्स और Oracle की राह

2024-2025 में छंटनी के बाद, टेक सेक्टर में जॉब ग्रोथ की उम्मीद है, और 2026 तक नेट एम्प्लॉयमेंट बढ़ने का अनुमान है। Oracle का AI में बड़ा इन्वेस्टमेंट इस इंडस्ट्री ट्रेंड के साथ मेल खाता है। हालांकि, अपने वर्कफोर्स को मैनेज करने का इसका तरीका, जो इन ऑफर कैंसलेशन से जाहिर होता है, इसकी फ्यूचर टैलेंट स्ट्रैटेजी पर सवाल खड़े करता है। अपने बड़े AI खर्च को एक जिम्मेदार टैलेंट एक्विजिशन प्लान के साथ बैलेंस करना Oracle के लिए कॉम्पिटिटिव, AI-फोकस्ड टेक लैंडस्केप में नेविगेट करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.