AI प्लान पर फंडिंग का भारी संकट
Oracle का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए विशाल डेटा सेंटर बनाने का सपना अब फंड की तंगी से जूझ रहा है। कंपनी अपनी इस महत्वाकांक्षी विस्तार योजना के लिए जरूरी फंड जुटाने में बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
बढ़ती ब्याज दरें और बैंकों का पीछे हटना
इस स्थिति की मुख्य वजह अमेरिकी बैंकों द्वारा Oracle के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग (financing) में कटौती करना है। इसके चलते Oracle के लिए लोन लेने की लागत (borrowing costs) काफी बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर से डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए लोन पर इंटरेस्ट रेट प्रीमियम दोगुना हो गया है। यह बढ़ी हुई लागत Oracle की फाइनेंसिंग एक्सपेंसेस को उस स्तर पर ले जा रही है, जो आमतौर पर नॉन-इन्वेस्टमेंट-ग्रेड कंपनियों के लिए होता है। इस फाइनेंसिंग की कमी के चलते कई मल्टीपल डेटा सेंटर लीज डील्स (lease deals) अटकी हुई हैं। इन चिंताओं ने Oracle के शेयर पर भी असर डाला है, जो हाल के दिनों में गिरा है। 2 फरवरी, 2026 तक Oracle का मार्केट कैप (market cap) लगभग $472.85 बिलियन था, लेकिन शेयर की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 30 जनवरी, 2026 को शेयर लगभग $164.58 पर ट्रेड कर रहा था।
कितनी है पैसों की जरूरत?
TD Cowen की एक रिपोर्ट के अनुसार, Oracle को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) के लिए कुल $156 बिलियन कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) की जरूरत पड़ सकती है। इसे पूरा करने के लिए, Oracle साल 2026 में डेट (debt) और इक्विटी (equity) के मिश्रण से $45 बिलियन से $50 बिलियन जुटाने की योजना बना रही है। इसमें इन्वेस्टमेंट-ग्रेड सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड (investment-grade senior unsecured bonds) जारी करना, $20 बिलियन का एट-द-मार्केट इक्विटी प्रोग्राम (at-the-market equity program) और मैंडेटरी कन्वर्टिबल प्रेफर्ड सिक्योरिटीज (mandatory convertible preferred securities) जैसे उपाय शामिल हैं।
वहीं, Amazon Web Services (AWS), Microsoft Azure और Google Cloud जैसे इसके बड़े कॉम्पिटीटर्स (competitors) अपने मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो (operating cash flow) और विविध डेट मार्केट के जरिए बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर कर रहे हैं, जो उन्हें बेहतर स्थिति में रखता है।
Oracle अपनी लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ाने के लिए 2022 में $28.3 बिलियन में खरीदे गए Cerner को बेचने पर भी विचार कर रही है, हालांकि इसकी वर्तमान वैल्यूएशन (valuation) अधिग्रहण मूल्य से कम हो सकती है।
निवेशकों की चिंता और आगे का रास्ता
Oracle की कैपिटल एक्सपेंडिचर योजनाओं और कर्ज पर आधारित ग्रोथ स्ट्रैटेजी (debt-fueled growth strategy) को लेकर निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। TD Cowen की रिपोर्ट में कहा गया है कि इक्विटी और डेट दोनों निवेशकों ने Oracle की भारी-भरकम बिल्डआउट (buildout) को फाइनेंस करने की क्षमता पर चिंता जताई है। इस बात ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है कि Oracle का फ्री कैश फ्लो (free cash flow) भारी खर्चों के कारण 2030 तक नेगेटिव (negative) रहने का अनुमान है।
कंपनी ने कैश फ्लो को मजबूत करने के लिए कुछ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जैसे नए ग्राहकों से भारी अपफ्रंट डिपॉजिट (upfront deposit) लेना और हार्डवेयर लागत को शिफ्ट करने के लिए "ब्रिंग योर ओन चिप" (bring your own chip) जैसे अरेंजमेंट की तलाश करना।
हालांकि Oracle अपनी फाइनेंसिंग योजना से बैलेंस शीट को इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बनाए रखने की कोशिश कर रही है, पर 2026 के बाद इस स्ट्रैटेजी की स्थिरता पर अनिश्चितता बनी हुई है। कंपनी अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्ड-आउट को सही ठहराने के लिए AMD, Meta, NVIDIA, OpenAI, TikTok और xAI जैसे बड़े क्लाइंट्स (clients) से मिले कॉन्ट्रैक्टेड डिमांड (contracted demand) पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
S&P Global Ratings ने Oracle की क्रेडिट रेटिंग (credit rating) BBB बताई है, लेकिन लेवरेज (leverage) को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।