मार्केट में आई बड़ी दरार, Oppo का प्रीमियम पर दांव
Oppo India भारतीय स्मार्टफोन बाजार के भविष्य को लेकर उत्साहित है, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में। लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है: मार्केट बंट रहा है। सस्ते फोन की डिमांड घट रही है, वहीं सभी फोन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे ग्राहकों की जेब पर दबाव बढ़ रहा है।
बढ़ती कीमतें, घटती एंट्री-लेवल मांग
Oppo India के कम्युनिकेशन हेड, Goldee Patnaik के अनुसार, पिछले साल मिड-प्रीमियम ( 23% ग्रोथ), प्रीमियम ( 37% ग्रोथ) और सुपर-प्रीमियम ( 7% ग्रोथ) सेगमेंट में शानदार तेजी देखी गई। इसी लहर पर सवार होकर Oppo 2026 तक भारत में अपने स्मार्टफोन्स की औसत बिक्री कीमत को ₹15,000 से दोगुना कर ₹30,000 करना चाहता है। कंपनी युवाओं और क्वालिटी को महत्व देने वाले ग्राहकों के लिए 10-12 नए मॉडल लॉन्च करेगी और गुजरात में 11 नए सर्विस सेंटर खोलकर नेटवर्क का विस्तार करेगी।
हालांकि, यह प्रीमियम फोकस तब आ रहा है जब एंट्री-लेवल सेगमेंट 8% सिकुड़ गया है। मार्केट एनालिसिस बताता है कि $100 (लगभग ₹8,300) से कम कीमत वाले फोन की बिक्री में साल-दर-साल 36% की गिरावट आई है, और अब यह कुल शिपमेंट का सिर्फ 14% रह गया है। मेमोरी चिप्स जैसी कंपोनेंट की बढ़ती लागतें बजट फोन को लाभप्रद ढंग से बनाना और बेचना मुश्किल बना रही हैं।
कौन है दौड़ में आगे?
IDC के मुताबिक, Oppo की भारतीय बाजार में 13.3% की हिस्सेदारी है, जिससे वह टॉप तीन ब्रांड्स में शामिल है। लेकिन मुकाबला कड़ा है। 2025 के अंत में Vivo बिक्री मात्रा के मामले में लगभग 20% हिस्सेदारी के साथ आगे था, इसके बाद Samsung और Oppo का नंबर आता है। Samsung ओवरऑल शिपमेंट में दूसरे स्थान पर है और 2025 की दूसरी तिमाही में 49% हिस्सेदारी के साथ प्रीमियम मार्केट का लीडर है। Apple हाई-वैल्यू सेगमेंट में सबसे आगे है, जिसमें iPhone 16 2025 में उसका टॉप सेलर है। कभी लीडर रह चुकी Xiaomi भी प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रही है और अपने नॉन-फोन बिजनेस का विस्तार कर रही है। प्रीमियम मार्केट में यह कड़ी प्रतिस्पर्धा Oppo के हाई-प्रॉफिट डिवाइस पर दांव को उजागर करती है।
ग्लोबल इकोनॉमिक और सप्लाई चेन का दबाव
भारत की इकोनॉमी 2026 में 6.6% से 6.9% के बीच बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई फिलहाल 3.2% के आसपास है, लेकिन साल के अंत तक 3.9-4.8% तक बढ़ सकती है, जो कंज्यूमर खर्च को प्रभावित कर सकती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और जोखिम बढ़ाता है, जबकि Moody's ने सप्लाई में बाधा, ईंधन और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने और खाद्य कीमतों में वृद्धि की आशंकाओं के चलते FY26-'27 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6% कर दिया है।
दुनिया भर में, स्मार्टफोन मार्केट बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। AI डेटा सेंटर की मांग से प्रेरित मेमोरी चिप सप्लाई में गंभीर बाधा ने कंपोनेंट की लागतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इससे 2026 में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट में 7% से 13% से अधिक की भारी गिरावट आ सकती है, जो एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकती है। कंपनियों को कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, 2026 में ग्लोबल एवरेज सेलिंग प्राइस रिकॉर्ड $523 तक पहुंचने की उम्मीद है। यह भारत जैसे बाजारों के लिए विशेष रूप से कठिन है, जहां कीमत हमेशा खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक रही है।
जोखिम: अफोर्डेबिलिटी गैप का बढ़ना
Oppo की प्रीमियम फोन और बेहतर सर्विस पर फोकस करने की योजना में असली जोखिम हैं। सस्ते फोन का बाजार सिकुड़ने के साथ औसत कीमतों को दोगुना करने से लोगों की खरीदने की क्षमता के बीच एक बड़ी खाई पैदा होती है। इससे कई ऐसे ग्राहक दूर हो सकते हैं जिन्होंने पहले बड़ी संख्या में खरीदारी की थी। कंपोनेंट की बढ़ती लागत का मतलब है कि कंपनियों को या तो नुकसान उठाना होगा या कीमतें बढ़ानी होंगी, जिससे स्मार्टफोन बहुत से लोगों के लिए कम सुलभ हो जाएंगे।
ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याएं और भू-राजनीतिक तनाव भारत को अधिक प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि अधिकांश खरीदार प्राइस-सेंसिटिव हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सस्ते फोन पर केंद्रित ब्रांड सबसे ज्यादा संघर्ष करेंगे, जिससे मार्केट में कंसॉलिडेशन हो सकता है। Oppo के प्रीमियम फोन की ओर बढ़ने की राह Samsung और Apple जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करेगी, जिनके पास मजबूत सप्लाई चेन और वफादार ग्राहक हैं। प्रीमियम में शिफ्ट होने से Oppo के मौजूदा ग्राहकों को भी ठेस पहुंच सकती है अगर इसे ठीक से हैंडल नहीं किया गया, खासकर जब 2026 में कुल मार्केट बिक्री में गिरावट की उम्मीद है।
आगे क्या: प्रीमियम का फासला
भारत के स्मार्टफोन बाजार में 2026 में बिक्री मात्रा में मामूली गिरावट का अनुमान है। हालांकि, प्रीमियम फोन और उच्च कीमतों की ओर लगातार रुझान के कारण कुल मार्केट वैल्यू मजबूत बनी रह सकती है। Oppo का प्रीमियम प्रोडक्ट्स और ग्राहक अनुभव पर फोकस, अधिक सर्विस सेंटरों के समर्थन के साथ, इस ट्रेंड के अनुरूप है। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह महंगी फोन की मांग को कई भारतीयों के लिए मौजूदा अफोर्डेबिलिटी चुनौतियों के साथ कैसे संतुलित करती है, साथ ही ग्लोबल सप्लाई मुद्दों और आर्थिक अनिश्चितताओं से भी निपटती है।