OpenAI का $1 ट्रिलियन IPO का सपना: AI रेस में पैसों की भारी कमी, ad टेस्ट की शुरुआत

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AuthorNeha Patil|Published at:
OpenAI का $1 ट्रिलियन IPO का सपना: AI रेस में पैसों की भारी कमी, ad टेस्ट की शुरुआत
Overview

AI की दुनिया में तेज़ी से आगे बढ़ रही OpenAI के सामने अब पैसों का भारी संकट खड़ा हो गया है। कंपनी का सालाना बर्न रेट (खर्च) **$17 अरब** तक पहुंच गया है, जबकि उसका लक्ष्य **$1 ट्रिलियन** का IPO लाना है।

AI की दौड़ में 'कैश की आग': OpenAI के सामने भारी वित्तीय चुनौती

OpenAI, जिसने ChatGPT जैसे प्रोडक्ट्स से दुनिया भर में धूम मचा दी है, अब एक बड़े वित्तीयThe ₹17 अरब (अरबों डॉलर) के भारी सालाना 'बर्न रेट' (पैसे खर्च होने की दर) से जूझ रही है। कंपनी के पास 80 से 90 करोड़ साप्ताहिक यूज़र्स हैं, जो इसकी ज़बरदस्त पॉपुलैरिटी को दिखाता है। इसके बावजूद, कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू (Revenue) उसके खर्चों के मुकाबले काफी कम है।

2025 में, OpenAI का रेवेन्यू $20 अरब (अरबों डॉलर) के पार चला गया, जो 2024 के $6 अरब और 2023 के $2 अरब से काफी ज़्यादा है। लेकिन यह पैसा भी AI मॉडल्स को चलाने के लिए ज़रूरी बड़े कंप्यूटिंग खर्चों (Compute Costs) को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कंपनी ने 2027 तक $1 ट्रिलियन वैल्यूएशन वाले IPO (Initial Public Offering) का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस भारी 'कैश क्रंच' (पैसे की कमी) के चलते यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नज़र आ रहा है।

तेज़ कॉम्पिटिशन और नए रेवेन्यू के रास्ते

AI के बाज़ार में कॉम्पिटिशन (Competition) लगातार बढ़ रहा है। OpenAI के मुख्य प्रतिद्वंद्वी Anthropic ने हाल ही में $30 अरब की फंडिंग जुटाकर $380 अरब का वैल्यूएशन हासिल किया है। वहीं, Google का Gemini प्लेटफॉर्म 75 करोड़ से ज़्यादा मासिक यूज़र्स के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

इस दबाव के चलते OpenAI अब अपने फ्री ChatGPT टियर्स और $8 वाले "Go" प्लान पर विज्ञापन (Advertisements) टेस्ट कर रही है। CEO Sam Altman पहले विज्ञापनों को लेकर झिझक दिखा रहे थे, लेकिन अब कंपनी तेज़ी से कमाई बढ़ाने के तरीके तलाश रही है। माना जा रहा है कि शुरुआती विज्ञापनदाताओं ने $200,000 (लाख डॉलर) से ज़्यादा का कमिटमेंट किया है।

आर्थिक मॉडल पर सवाल और भविष्य का रास्ता

कई एक्सपर्ट्स OpenAI के बिजनेस मॉडल की स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कंपनी के 5-6% फ्री यूज़र्स ही पेड सर्विस की ओर जाते हैं, जो कुल मिलाकर 2% से भी कम है। ऐसे में हर यूज़र को सर्विस देने की लागत बहुत ज़्यादा है। अनुमान है कि 2026 में खर्च $17 अरब और 2027 में $35 अरब तक पहुंच सकता है, और 2029 तक कंपनी $143 अरब (अरबों डॉलर) का घाटा उठा सकती है।

$1 ट्रिलियन के IPO का लक्ष्य, 2025 के अनुमानित रेवेन्यू से करीब 100 गुना ज़्यादा है, जिससे कुछ एनालिस्ट्स (Analysts) इसे टेक बबल (Tech Bubble) का संकेत मान रहे हैं। इसके अलावा, दुनिया भर में AI रेगुलेशन (Regulations) को लेकर बढ़ती चिंताएं और अनुपालन (Compliance) की लागतें भी कंपनी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं।

IPO ही आखिरी उम्मीद?

OpenAI के लिए आगे का रास्ता मुश्किल है, लेकिन $1 ट्रिलियन का IPO ही उसकी सबसे बड़ी उम्मीद है। कंपनी 2026 के आखिर या 2027 तक IPO लाने की तैयारी कर रही है ताकि वह AI डेवलपमेंट के लिए ज़रूरी भारी-भरकम फंड जुटा सके और Anthropic और Google Gemini जैसी कंपनियों को टक्कर दे सके। इस IPO की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेशक OpenAI की कमाई बढ़ाने की क्षमता और लागतों को कंट्रोल करने की काबिलियत पर कितना भरोसा दिखाते हैं।

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