Olyv ने जुटाई ₹208 करोड़ की फंडिंग! Fintech कंपनी का नया प्लान, जानें क्या है खास

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Olyv ने जुटाई ₹208 करोड़ की फंडिंग! Fintech कंपनी का नया प्लान, जानें क्या है खास
Overview

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Olyv ने निवेशकों का भरोसा जीतते हुए **$23 मिलियन** (लगभग **₹208 करोड़**) की सीरीज़ बी फंडिंग हासिल कर ली है। इस फंडिंग की अगुवाई The Fundamentum Partnership ने की, जिसमें SMBC Asia Rising Fund ने भी भाग लिया। यह पैसा इंश्योरेंस, UPI और बिज़नेस लोन जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार के साथ-साथ कंपनी की टेक्नोलॉजी को और मजबूत करेगा।

Olyv के लिए ₹208 करोड़ का बड़ा बूस्ट: नए Fintech युग की तैयारी

Olyv, भारत के डिजिटल फाइनेंस स्पेस में एक जाना-माना नाम, ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने $23 मिलियन (यानी लगभग ₹208 करोड़) की सीरीज़ बी फंडिंग (Series B Funding) राउंड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस राउंड में The Fundamentum Partnership प्रमुख निवेशक रहे, जबकि SMBC Asia Rising Fund ने भी इसमें हिस्सा लिया। ये फंड्स Olyv को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने में मदद करेंगे, जिसमें इंश्योरेंस, UPI सर्विसेज और बिज़नेस लोन जैसे नए प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी और ब्रांड वैल्यू को भी मजबूत करेगी। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत का फिनटेक लेंडिंग सेक्टर एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सख्त नियमों के कारण, कंपनियाँ अब 'ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट' (Growth at all cost) की पुरानी रणनीति से हटकर टिकाऊ मुनाफे (Sustainable Profitability) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

'अल्फा एंगल': रेगुलेटरी चुनौतियाँ और छोटे शहरों पर फोकस

यह $23 मिलियन का निवेश Olyv के लिए एक बड़ा बूस्ट है। कंपनी की असली ताकत इस बात में है कि यह तेजी से बदलते रेगुलेटरी और मार्केट माहौल में खुद को कैसे तैयार कर रही है। 2025 के RBI के डिजिटल लेंडिंग डायरेक्शन्स (Digital Lending Directions) सभी डिजिटल लेंडर्स के लिए कड़े अनुपालन (Compliance) नियम लाते हैं, जिनमें पारदर्शिता, ग्राहकों का हित और मजबूत डेटा गवर्नेंस पर जोर दिया गया है। इसके चलते, अंडरराइटिंग और ऑपरेशंस में एक अनुशासित दृष्टिकोण अपनाना ज़रूरी हो गया है। Olyv ने लगातार 11 तिमाहियों तक लगातार प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ग्रोथ दर्ज करके अपनी काबिलियत साबित की है। कंपनी का फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले मध्यम-आय वर्ग के लोगों पर है। यह रणनीति भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देने के सरकारी लक्ष्य के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिसे इंडिया स्टैक (India Stack) जैसे मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का सहारा मिला हुआ है।

मार्केट की चाल और कॉम्पिटिशन का विश्लेषण

भारत का डिजिटल लेंडिंग मार्केट काफी तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2030 तक यह $2.4 बिलियन तक पहुंच सकता है, जिसका मुख्य कारण इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल और स्मार्टफ़ोन का प्रचलन है। वर्तमान में, फिनटेक कंपनियाँ पर्सनल लोन मार्केट का 52% हिस्सा कवर करती हैं। Olyv एक बेहद प्रतिस्पर्धी (Competitive) माहौल में काम कर रही है, जहाँ KreditBee, MoneyTap, EarlySalary, CASHe, और Navi जैसे बड़े प्लेयर्स मौजूद हैं। Olyv की रणनीति, अपने मौजूदा पर्सनल लोन और क्रेडिट हेल्थ प्रोडक्ट्स में इंश्योरेंस, UPI और बिज़नेस लोन को जोड़ना, उसे एक ज्यादा मजबूत और लचीले फाइनेंशियल इकोसिस्टम की ओर ले जाती है। इंडिया स्टैक के e-KYC और UPI जैसे कंपोनेंट्स का इस्तेमाल ग्राहकों को जोड़ने और ट्रांजैक्शन को आसान बनाता है, जो 19,000+ पिन कोड में फैले ग्राहकों तक पहुँचने के लिए महत्वपूर्ण है। Olyv का मार्च 31, 2025 तक ₹355 करोड़ का रेवेन्यू और लगातार PAT ग्रोथ, इस डायनामिक सेक्टर में इसकी परिपक्वता को दिखाता है।

खतरे की घंटी: रेगुलेटरी जोखिम और मुनाफे का दबाव

हालांकि, इस बड़ी फंडिंग के बावजूद Olyv के सामने चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। 2025 में लागू हुए RBI के कड़े नियम, भले ही ग्राहकों की सुरक्षा के लिए हों, लेकिन लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर्स (LSPs) के लिए कंप्लायंस की लागत और ऑपरेशंस की जटिलता को बढ़ाते हैं। निवेशकों का ध्यान भी अब सिर्फ ग्रोथ से हटकर साबित होने वाले मुनाफे (Demonstrable Profitability) और मजबूती पर आ गया है। Olyv ने लगातार PAT ग्रोथ दिखाई है, लेकिन वर्तमान मार्केट में मजबूत यूनिट इकोनॉमिक्स और लगातार मुनाफे का स्पष्ट रास्ता दिखाना ज़रूरी है, खासकर जब कैपिटल कॉस्ट बढ़ सकती है। बढ़ता कंपटीशन और चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो बढ़ने का खतरा भी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। कंपनी का फोकस असुरक्षित, छोटे-टिकट वाले लोन पर है, जो वित्तीय समावेशन के लिए ज़रूरी है, लेकिन इसमें स्वाभाविक रूप से ज्यादा रिस्क होता है, जिसके लिए एडवांस AI-बेस्ड क्रेडिट असेसमेंट की ज़रूरत होती है, जैसा कि निवेशकों ने भी माना है।

भविष्य की राह: समावेशी और किफायती विकास

Olyv का महत्वाकांक्षी लक्ष्य साल 2029 तक अपने यूजर बेस को 100 मिलियन तक पहुंचाना और $1 बिलियन एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करना है। यह लक्ष्य इस सीरीज़ बी कैपिटल का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर निर्भर करेगा। कंपनी का प्रोडक्ट सूट बढ़ाने और टेक स्टैक को बेहतर बनाने की रणनीति, ग्राहकों के साथ जुड़ाव को गहरा करने और अपने टारगेट डेमोग्राफिक में ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करने के लिए बनाई गई है। जैसे-जैसे भारतीय फिनटेक सेक्टर परिपक्व हो रहा है, Olyv का अनुशासित ग्रोथ, रेगुलेटरी कंप्लायंस और टियर-2/3 शहरों में समावेशी पहुँच पर ध्यान देना, उसे फाइनेंशियल सर्विसेज के डिजिटलाइजेशन का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में रखता है। यह मार्केट खुद भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें 2025 से 2030 के बीच डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए 31.5% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) अनुमानित है।

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