IPO की राह में गवर्नेंस को मजबूती
OYO की पैरेंट कंपनी PRISM ने पूर्व SEBI चेयरमैन अजय त्यागी को अपने बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल किया है। यह नियुक्ति कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, खास तौर पर तब जब OYO अपनी $7-8 बिलियन की वैल्यूएशन वाली IPO लाने की तैयारी में है। PRISM पहले ही SEBI के पास ₹6,650 करोड़ जुटाने के लिए शुरुआती कागजात जमा कर चुकी है। अजय त्यागी जैसे रेगुलेटरी अनुभव वाले व्यक्ति का बोर्ड में शामिल होना निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और पब्लिक मार्केट में उतरने की जटिलताओं से निपटने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
IPO की तीसरी कोशिश और दमदार नतीजे
यह OYO का IPO के लिए तीसरा प्रयास है। कंपनी ने 2021 और 2023 में बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की चिंताओं के चलते अपनी IPO योजनाओं को वापस ले लिया था। हालांकि, इस बार कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे उत्साहजनक हैं। PRISM ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹245 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू (Revenue) में करीब 20% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹6,253 करोड़ रहा। मूडीज (Moody's) ने भी PRISM की रेटिंग को बरकरार रखा है और EBITDA में बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।
वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धा का समीकरण
OYO की $7-8 बिलियन की प्रस्तावित वैल्यूएशन बड़ी तो है, लेकिन यह कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उद्योग के साथियों की तुलना में थोड़ी ज्यादा लगती है। उदाहरण के लिए, Booking Holdings और Airbnb जैसी कंपनियां काफी ऊंचे P/E रेश्यो पर ट्रेड करती हैं, जबकि भारतीय कंपनी MakeMyTrip के P/E रेश्यो भी काफी ऊपर हैं। PRISM का FY25 में 6.6% का PAT मार्जिन, जो कि इंडस्ट्री के 15-20% के औसत से कम है, वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े करता है। ऐसे में, Airbnb, MakeMyTrip और FabHotels जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच अपनी पोजिशनिंग बनाए रखना एक चुनौती होगी।
जोखिमों पर एक नज़र
इन सकारात्मक कदमों के बावजूद, PRISM की IPO राह में कुछ जोखिम भी हैं। कंपनी को अपने इतिहास में कई बार भारी घाटा हुआ है। साथ ही, FY25 तक कंपनी पर ₹70 बिलियन से अधिक का भारी डेट (Debt) है, जिससे IPO से जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जा सकता है। Zostel जैसे कुछ पक्षकारों की ओर से OYO के IPO का विरोध पूंजी संरचना के मुद्दों को उजागर करता है। इसके अलावा, कई बोर्डों पर स्वतंत्र निदेशकों के समय की कमी का जोखिम भी बना रहता है। यात्रा उद्योग के अपने जोखिम भी कंपनी के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।
पब्लिक मार्केट की ओर बढ़ते कदम
अजय त्यागी का बोर्ड में शामिल होना, PRISM की ओर से एक मजबूत गवर्नेंस प्रोफाइल पेश करने का स्पष्ट संकेत है। यह निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए महत्वपूर्ण है। IPO की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि PRISM लगातार मुनाफा कमाने, अपने कर्ज को मैनेज करने और अपनी महत्वाकांक्षी वैल्यूएशन को इंडस्ट्री मानकों के अनुसार सही ठहराने में कितना सफल होता है। आने वाले महीने PRISM के लिए बेहद अहम होंगे क्योंकि कंपनी रेगुलेटरी समीक्षा और बाजार सहभागिता के अंतिम चरणों से गुजरेगी, जिसमें त्यागी की उपस्थिति निवेशकों के नजरिए में एक मुख्य स्तंभ के तौर पर देखी जा रही है।