Vibhor Jain होंगे ONDC के CEO, कंपनी की कमाई में जबरदस्त उछाल
Vibhor Jain की Open Network for Digital Commerce (ONDC) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर स्थायी नियुक्ति हो गई है। वह अप्रैल 2025 से इस पद पर अपना कार्यभार संभालेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ONDC ने चालू फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में 127% की शानदार ग्रोथ देखी गई है। कंपनी ने ₹33.41 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि नेट लॉस को घटाकर ₹147.13 करोड़ कर लिया है।
नई टीम और नेटवर्क का विस्तार
Jain की नियुक्ति से ONDC को एक स्थिर नेतृत्व मिला है, जो हालिया बदलावों के बाद महत्वपूर्ण है। उनकी प्राथमिकताएं नेटवर्क की ओपन आर्किटेक्चर का फायदा उठाकर ऐसी डिजिटल कॉमर्स सुविधाएं देना होगा जो अलग-अलग प्लेटफॉर्म नहीं दे सकते। इससे छोटे व्यवसायों, किसानों और गिग वर्कर्स को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य है। इस बीच, रोहित लोहिया (चीफ बिजनेस ऑफिसर) और मनोज ठाकुर (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर) जैसे नए अधिकारी भी कंपनी की रणनीति और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए जुड़ गए हैं। ONDC ने जनवरी 2023 से अगस्त 2025 के बीच 288 मिलियन से ज्यादा ऑर्डर फैसिलिटेट किए हैं और 167,500 से अधिक रिटेल सेलर्स को ऑनबोर्ड किया है।
मार्केट में बढ़ती पैठ, पर चुनौतियाँ बरकरार
ONDC भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स मार्केट में काम कर रहा है, जिसका अनुमान 2025 तक $65-66 बिलियन है और 2030 तक $170-180 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, ONDC की मार्केट हिस्सेदारी अभी 4.3% है, जबकि Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म 83% पर हावी हैं। ONDC विक्रेताओं को 8-10% की कम कमीशन दर (निजी प्लेटफॉर्म की 25-30% की तुलना में) देकर बड़ा कॉस्ट एडवांटेज देता है। इसके बावजूद, ONDC रिटेल ऑर्डर्स में हालिया गिरावट का सामना कर रहा है। ग्राहकों का कहना है कि 60% लोगों ने ONDC आजमाया है और वे इसका इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं, लेकिन कई लोगों को इंटरफेस का इस्तेमाल करना कठिन लगता है और सर्विस में कंसिस्टेंसी की कमी है। 2024 के अंत में प्लेटफॉर्म इंसेटिव्स में की गई भारी कटौती के बाद ये समस्याएं और बढ़ गई हैं, जिससे ONDC का प्राइस एडवांटेज कम हुआ है।
मोनेटाइजेशन और गवर्नेंस पर सवाल
Jain की नियुक्ति और सकारात्मक वित्तीय आंकड़े ONDC की रणनीति को लागू करने में आ रही दिक्कतों को छुपाते हैं। ONDC ने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तय की गई फीस को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया है, जो दिसंबर 2024 से लागू होनी थी। यह एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बनाने में आ रही मुश्किलों को दर्शाता है। हालांकि, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में कुछ फीस लागू की जा रही हैं, लेकिन यह व्यापक नेटवर्क से रेवेन्यू जेनरेट करने की मुख्य समस्या का समाधान नहीं करता। पिछले CEO थम्पी कोशी (अप्रैल 2025) और डायरेक्टर अरविंद गुप्ता (जून 2025) जैसे अधिकारियों के इस्तीफे भी रणनीतिक स्पष्टता और लंबी अवधि की स्थिरता पर सवाल खड़े करते हैं। गवर्नेंस का बिखराव और विवाद समाधान की कमी भी जोखिम पैदा करती है, जिससे ग्राहकों में निराशा बढ़ सकती है। PhonePe का Pincode जैसे प्रमुख पार्टनर के कंपनी छोड़ने और Paytm ऐप से ONDC आइकन का हटाया जाना, यह दर्शाता है कि बड़े प्लेयर्स ONDC की व्यावसायिक व्यवहार्यता का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।