OFSS के शेयर में तूफानी तेजी! ग्लोबल बैंक से बड़े सॉफ्टवेयर डील ने लगाई 7% की छलांग

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
OFSS के शेयर में तूफानी तेजी! ग्लोबल बैंक से बड़े सॉफ्टवेयर डील ने लगाई 7% की छलांग
Overview

Oracle Financial Services Software (OFSS) के शेयर में आज जोरदार तेजी देखने को मिली, स्टॉक **7%** तक चढ़ गया। इस उछाल की मुख्य वजह एक बड़े ग्लोबल बैंक के साथ हुआ नया सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग सौदा है। यह तेजी तब आई जब बाजार और Nifty IT इंडेक्स दबाव में थे।

सॉफ्टवेयर डील से OFSS में जबरदस्त उछाल

Oracle Financial Services Software (OFSS) के शेयरों ने शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को कारोबार की शुरुआत के साथ ही 3% की बढ़त दर्ज की और ₹7,062 के ऊपरी स्तर को छुआ। सुबह 11 बजे तक, यह स्टॉक 6% बढ़कर ₹7,002 पर पहुंच गया। यह तेजी एक मौजूदा ग्लोबल बैंक क्लाइंट के साथ हुए नए सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग एग्रीमेंट की खबर के बाद आई। इस डील में सॉफ्टवेयर, ट्रांजिशन सर्विसेज और पर्सनल शामिल हैं, जो OFSS की टेक्नोलॉजी में क्लाइंट के भरोसे को दिखाता है। इंट्राडे में OFSS के शेयरों ने बेंचमार्क Nifty 50 को भी पीछे छोड़ दिया, जो 1% से ज्यादा नीचे था। Nifty IT इंडेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद, OFSS इस इंडेक्स का टॉप परफॉर्मर रहा। OFSS में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी सामान्य से 15% ज्यादा रहा, जो निवेशकों की बढ़ी हुई दिलचस्पी का संकेत देता है।

टेक्नीकल फैक्टर दिखा रहे मिला-जुला संकेत

एक्सपर्ट्स का मानना है कि OFSS के हालिया उछाल के पीछे मुख्य रूप से टेक्नीकल वजहें हैं। Choice Equity Broking के Aakash Shah के मुताबिक, खरीदारी शॉर्ट-कवरिंग और ओवरसोल्ड कंडीशन के कारण हुई, खासकर ₹6,400–₹6,500 के सपोर्ट लेवल से। हालांकि, स्टॉक अभी भी अपने 50, 100 और 200-दिन के मूविंग एवरेज (moving averages) से नीचे ट्रेड कर रहा है। Nifty IT इंडेक्स, जो खबर से पहले के हफ्ते में 6.4% गिरा था, वह भी कमजोर टेक्नीकल संकेत दे रहा है। OFSS का एक साल का रिटर्न -17.03% है और इसने मार्च 2026 के मध्य में लगभग ₹6,234.50 का 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ था। OFSS के लिए ₹7,444 के आसपास रेजिस्टेंस (resistance) है, जबकि ₹6,680 और ₹6,500 के बीच सपोर्ट (support) बना हुआ है।

इंडस्ट्री में मुकाबला और सेक्टर पर दबाव

OFSS, BFSI मार्केट में Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसे दिग्गजों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है। OFSS का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 23.5-23.6 है, जो इसके 10-साल के औसत के करीब है। यह वैल्यूएशन Infosys (P/E 17.98) और HCL Technologies (P/E 21.83) के बराबर है, लेकिन TCS (P/E 16.83) और Wipro (P/E 14.95) से ज्यादा है। भारतीय IT सेक्टर पर दबाव है, जिसका एक कारण AI का प्रॉफिट मार्जिन और बिजनेस मॉडल पर संभावित असर है, जिसने 2025 में वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट देखी। बाजार का यह मुश्किल माहौल, OFSS की टेक्नीकल कमजोरी के साथ मिलकर, स्टॉक की हालिया बढ़त की टिकाऊपन पर सवाल खड़े करता है। Nifty IT इंडेक्स महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया है, जो आगे गिरावट का संकेत दे सकता है।

एनालिस्ट अभी भी बुलिश

टेक्नीकल चिंताओं के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स OFSS के लिए 'BUY' रेटिंग की सलाह दे रहे हैं। वॉल स्ट्रीट एनालिस्ट्स के अनुसार, स्टॉक का औसत एक साल का टारगेट प्राइस लगभग ₹9,800 से ₹9,996 है, जो काफी ऊपर जाने की संभावना दिखाता है। अनुमानों के मुताबिक, सालाना अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में करीब 9.7% और रेवेन्यू में 9.5% की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, हाल के दिनों में एनालिस्ट टारगेट प्राइस में मिला-जुला रुख देखा गया है। OFSS का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) काफी मजबूत है, जो पिछले तीन सालों में औसतन 27.8% रहा है और वर्तमान में लगभग 40.6% है। यह लगभग 4.02-4.12% का डिविडेंड यील्ड (dividend yield) भी प्रदान करता है। OFSS के मुख्य प्रोडक्ट्स में इसके Flexcube सॉल्यूशंस और ग्लोबल फाइनेंशियल इंडस्ट्री के लिए अन्य फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस शामिल हैं।

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