US में Stablecoin सेक्टर पर बेहतर निगरानी रखने की कोशिशों के तहत, ऑफिस ऑफ द कंट्रोलर ऑफ द करेंसी (OCC) ने GENIUS Act के तहत अपनी पहली प्रस्ताविक नियम-प्रक्रिया (Rulemaking) जारी की है। हालांकि, कई प्रावधानों में पूंजी की आवश्यकताएं (Capital Requirements) और कस्टडी नियंत्रण (Custody Controls) जैसी अपेक्षित चीजें शामिल हैं, लेकिन Yield भुगतान (Yield Payouts) से जुड़े नियम विवाद और भ्रम का मुख्य बिंदु बन गए हैं।
इस प्रस्ताव में साफ तौर पर कहा गया है कि स्वीकृत पेमेंट Stablecoin जारी करने वाली कंपनियों को, केवल Stablecoin रखने के लिए धारकों को किसी भी तरह का ब्याज या Yield नहीं देना चाहिए।
इस खबर का असर तुरंत देखने को मिला। Coinbase के शेयर आज 7% गिरकर $200 पर आ गए, जहाँ 50 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। वहीं, PayPal के शेयर 3% की गिरावट के साथ $85 पर ट्रेड कर रहे थे, जिसमें 70 लाख शेयर बदले गए। निवेशक इस खबर के असर को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
नियमों में असली पेंच तीसरे पक्ष (Third-Party) के माध्यम से अप्रत्यक्ष Yield भुगतान को लेकर है। OCC के प्रस्ताव में यह माना जाएगा कि अगर कोई भुगतान तीसरे पक्ष से हो रहा है, तो वह Yield के लिए ही है, जब तक कि कंपनियां यह साबित न कर दें कि इसके अनुबंध की शर्तें (Contractual Terms) अलग हैं। इस नियम ने बाजार के जानकारों को बांट दिया है। कुछ इसे OCC के अधिकार क्षेत्र से बाहर का कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह GENIUS Act के शब्दों के अनुरूप है।
Coinbase और PayPal जैसी कंपनियों को, साथ ही Circle (USDC) और Paxos (PYUSD) जैसे Stablecoin जारीकर्ताओं को भी अपने साझेदारियों (Partnerships) और ग्राहक समझौतों (Customer Agreements) में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि इन व्यवस्थाओं को सीधे ब्याज भुगतान के बजाय लॉयल्टी प्रोग्राम (Loyalty Programs) की तरह दिखाना पड़ सकता है ताकि प्रस्तावित प्रतिबंधों से बचा जा सके। ऐसे बदलावों से Yield वाले Stablecoin उत्पादों की लाभप्रदता (Profitability) और आकर्षण प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा, प्रस्ताव में 'एफिलिएट' (Affiliate) और 'व्हाइट-लेबल रिलेशनशिप' (White-label Relationships) की परिभाषाओं से भी और कंप्लायंस की मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, जो स्वामित्व हिस्सेदारी (Ownership Stakes) और अनुबंध के विवरण पर निर्भर करेगा।
क्रिप्टो से जुड़ी इक्विटी (Equities) के लिए बाजार की समग्र भावना (Market Sentiment) सतर्क बनी हुई है, विश्लेषक नियामक अनिश्चितता (Regulatory Uncertainty) को मुख्य कारण बता रहे हैं। हालांकि, कुछ का मानना है कि स्पष्ट नियामक ढांचे (Regulatory Frameworks) अंततः अनुपालन करने वाली (Compliant) कंपनियों के लिए फायदेमंद होंगे। इस प्रस्तावित नियम में बाजार सहभागियों के लिए कई जोखिम हैं। सबसे बड़ी चिंता नियामक की हद से बाहर जाने (Regulatory Overreach) की है, क्योंकि कुछ लोग OCC के तीसरे पक्ष के Yield पर रुख को GENIUS Act के तहत उसके वैधानिक अधिकार क्षेत्र (Statutory Mandate) से बाहर का कदम मानते हैं।
यह अनिश्चितता लंबी कानूनी लड़ाइयों और अस्थिर परिचालन वातावरण (Unstable Operating Environment) को जन्म दे सकती है। कुछ वैश्विक Stablecoin जारीकर्ताओं की तुलना में, Coinbase और PayPal जैसी अमेरिकी-केंद्रित संस्थाएं सीधे अमेरिकी नियामक कार्रवाई के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
जबकि GENIUS Act का उद्देश्य स्पष्टता लाना है, यह विशेष प्रस्ताव तीसरे पक्ष के राजस्व बंटवारे (Third-Party Revenue Sharing) के संबंध में अधिक सवाल खड़े करता है। एक और जोखिम यह है कि यदि मार्केट स्ट्रक्चर बिल (Market Structure Bill) कांग्रेस में OCC द्वारा इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले आगे बढ़ता है, तो नियामक को अंतरिम प्रस्ताव (Interim Proposals) जारी करने या पूरी तरह से अलग नियम-प्रक्रिया (Rulemaking Processes) से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे कंप्लायंस की समय-सीमा और जटिल हो जाएगी।
OCC के Stablecoin Yield नियमों का अंतिम स्वरूप अभी भी अनिश्चित है, खासकर जब मार्केट स्ट्रक्चर पर व्यापक विधायी प्रयास (Legislative Efforts) चल रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि OCC का प्रस्ताव कांग्रेस के बिल में Yield के मुद्दे को संबोधित करने की आवश्यकता को कम कर सकता है, जबकि अन्य का मानना है कि विधायी कार्रवाई अनिवार्य है। यदि मार्केट स्ट्रक्चर बिल, OCC द्वारा अपने नियमों को अंतिम रूप देने से पहले कानून बन जाता है, तो नियामक को संभवतः अपने प्रस्तावित ढांचे को अनुकूलित (Adapt) करना होगा। विश्लेषक नियामक कार्यवाही (Regulatory Proceedings) और विधायी विकास (Legislative Developments) दोनों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, और वे Coinbase और PayPal जैसी कंपनियों पर सतर्क लेकिन चौकस रुख बनाए हुए हैं, जो अंतिम नियामक परिणामों के आधार पर संभावित व्यावसायिक मॉडल समायोजन (Business Model Adjustments) की उम्मीद कर रहे हैं।