Nvidia का 'फिजिकल AI' की ओर झुकाव एक बड़ा बदलाव है। कंपनी अब सिर्फ चिप डिजाइन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशंस जैसे रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर भी ज़ोर दे रही है। इस स्ट्रैटेजी के लिए उसे अपने एशियाई मैन्युफैक्चरिंग और टेक पार्टनर्स के साथ और भी गहरे तालमेल की ज़रूरत है, जिससे उनके मार्केट पोजिशन में बड़े बदलाव आ रहे हैं।
'फिजिकल AI' में Nvidia के इस बढ़ते निवेश का सीधा असर उसके एशियाई सप्लाई चेन पार्टनर्स के शेयरों पर दिख रहा है। रोबोटिक्स में LG Electronics के साथ और इंटेलिजेंट ड्राइविंग सिस्टम्स में Huizhou Desay SV Automotive और Pateo Connect Technology जैसी कंपनियों के साथ हुई पार्टनरशिप के चलते इन शेयरों में भारी तेजी आई है। 15% तक की उछाल LG Electronics के शेयरों में देखी गई, वहीं Nanya Technology के शेयर भी पार्टनरशिप की खबरों के बाद 10% चढ़ गए। इससे साफ है कि Nvidia की ताकत अब AI हार्डवेयर की एक विस्तृत रेंज के लिए डिमांड पैदा कर रही है।
Nvidia की सप्लाई चेन में एशिया अब एक बेहद अहम भूमिका निभा रहा है। पिछले साल जहां एशियाई सप्लायर्स Nvidia के प्रोडक्शन कॉस्ट का करीब 65% थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 90% हो गया है। यह एशियाई मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और कंपोनेंट सप्लायर्स के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है। AI चिप्स बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फाउंड्री, Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC), AI चिप्स के सेमीकंडक्टर फाउंड्री मार्केट में 70-72% की हिस्सेदारी रखती है। TSMC की 2nm और 3nm जैसी एडवांस्ड नोड्स बनाने की क्षमता अगली पीढ़ी के AI के लिए महत्वपूर्ण है। Nvidia, जो AI एक्सीलरेटर मार्केट का लगभग 80-92% हिस्सा रखती है, TSMC पर काफी हद तक निर्भर है। AMD जैसे प्रतिस्पर्धियों की मार्केट हिस्सेदारी 15% से भी कम है, वहीं Intel भी AI एक्सीलरेटर्स में टक्कर दे रही है। मार्केट की सकारात्मक प्रतिक्रिया इन पार्टनर्स को Nvidia की 'फिजिकल AI' स्ट्रैटेजी के लिए महत्वपूर्ण मान रही है।
हालांकि, Nvidia के इकोसिस्टम में गहरी पैठ बनाने से वर्तमान स्टॉक परफॉर्मेंस को फायदा हो रहा है, लेकिन इससे एशियाई पार्टनर्स के लिए कंसंट्रेशन रिस्क (एकाग्रता का जोखिम) भी पैदा होता है। AI एक्सीलरेटर्स में Nvidia की 80-92% की लीड और फाउंड्रीज में TSMC की 70-72% की डोमिनेंस का मतलब है कि पार्टनर्स कुछ प्रमुख प्लेयर्स की स्ट्रैटेजी और डिमांड पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो जाते हैं। कई पार्टनर्स का वैल्यूएशन मौजूदा कमाई के बजाय भविष्य की ग्रोथ पोटेंशियल और एनालिस्ट प्राइस टारगेट पर आधारित है। उदाहरण के तौर पर, Nanya Technology के प्राइस टारगेट लगभग 40% के संभावित अपसाइड का संकेत देते हैं, और SK Hynix के टारगेट इन पार्टनरशिप्स के दम पर करीब 31% के गेन का अनुमान लगाते हैं। हालांकि, Nvidia की स्ट्रैटेजी में बदलाव, AI खर्च में मंदी, या भू-राजनीतिक घटनाएं इन केंद्रित सप्लायर्स को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। AMD के MI450 जैसे नए GPU और Intel की मार्केट में वापसी की कोशिशें प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा रही हैं। पार्टनर्स को केवल कमोडिटी सप्लायर बनने से बचने के लिए इनोवेशन करना होगा। S&P Global Ratings द्वारा LG Electronics के आउटलुक को 'पॉजिटिव' में रिवाइज करने जैसे सकारात्मक विकास के बावजूद, एक प्रमुख ग्राहक पर अत्यधिक निर्भरता का जोखिम बना हुआ है।
एनालिस्ट्स Nvidia के 'फिजिकल AI' पुश में शामिल कंपनियों को लेकर मोटे तौर पर आशावादी हैं। Nanya Technology, SK Hynix, और LG Electronics को आम तौर पर 'बाय' या 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग्स मिली हुई हैं, जिनके प्राइस टारगेट में महत्वपूर्ण अपसाइड की उम्मीद है। Nanya Technology के टारगेट लगभग 40% गेन का संकेत देते हैं, और SK Hynix के टारगेट ~31% की वृद्धि का अनुमान लगाते हैं। Samsung Electronics को भी आमतौर पर 'बाय' रेटिंग्स मिलती हैं, हालांकि कुछ विश्लेषकों को इसमें निकट भविष्य में सीमित अपसाइड दिख रहा है। Amazon, Microsoft, और Alphabet जैसी बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों द्वारा AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश पूरे टेक सेक्टर की ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। यह निरंतर खर्च Nvidia के पार्टनर्स से चिप्स और कंपोनेंट्स की डिमांड को बढ़ाता है, जिससे AI बिल्डआउट जारी रहने के साथ-साथ, खासकर उत्तरी एशिया में, उन्हें फायदा हो रहा है।
