Niyogin Fintech शेयर रॉकेट! Q3 में 70% रेवेन्यू ग्रोथ, iServeU बना गेम चेंजर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Niyogin Fintech शेयर रॉकेट! Q3 में 70% रेवेन्यू ग्रोथ, iServeU बना गेम चेंजर
Overview

Niyogin Fintech ने Q3 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल के मुकाबले **70%** बढ़कर **₹28.9 करोड़** पर पहुँच गया। इस ज़बरदस्त ग्रोथ के पीछे मुख्य रूप से फिनटेक सब्सिडियरी iServeU का बड़ा हाथ रहा, जिसने अपने रेवेन्यू को दोगुना से भी ज़्यादा कर दिया।

Niyogin Fintech के दमदार Q3 नतीजे

Niyogin Fintech Limited ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी के लिए बेहद दमदार रहे हैं। कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू (Consolidated Net Revenue) में साल-दर-साल (YoY) 70% का उछाल देखने को मिला, जो ₹28.9 करोड़ रहा। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) के आधार पर भी रेवेन्यू में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। EBITDA में 28% QoQ की बढ़ोतरी के साथ यह ₹6.2 करोड़ पर पहुंच गया।

सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने ESOP लागत को छोड़कर प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में ज़बरदस्त वापसी की है। Q3 FY26 में कंपनी ने ₹2.3 करोड़ का PBT दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹4.6 करोड़ के लॉस से 95% की रिकवरी दिखाता है।

iServeU: ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन

Niyogin की फिनटेक सब्सिडियरी iServeU इस तिमाही की स्टार परफॉर्मर रही। इसके नेट रेवेन्यू में शानदार 107% YoY की ग्रोथ आई और यह ₹21.2 करोड़ पर पहुंच गया। यह तेज़ी आर्डर की सफल एग्जीक्यूशन और नए क्लाइंट्स के जुड़ने से आई। iServeU ने ₹5.4 करोड़ का EBITDA और ₹2.5 करोड़ का PBT (ex-ESOP) दर्ज किया, जो Q3 FY25 के ₹0.7 करोड़ के लॉस से एक मज़बूत वापसी है। iServeU लगातार छह तिमाहियों से पॉजिटिव EBITDA बनाए हुए है। कंपनी के पास लगभग ₹635 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जिसमें 43 कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल हैं। इस तिमाही के नतीजों को RBI से मिले ₹9.2 करोड़ के इंसेंटिव इनकम ने भी बूस्ट किया।

NBFC सेगमेंट: क्वालिटी पर ज़ोर

Niyogin का स्टैंडअलोन NBFC बिजनेस भी बेहतर वित्तीय स्थिति दिखा रहा है। PBT (ex-ESOP) ₹1.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल के लॉस की तुलना में एक सुधार है। कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30% YoY बढ़कर ₹314 करोड़ हो गया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 36% YoY बढ़कर ₹10.3 करोड़ रहा। NBFC सेगमेंट में अब अनसिक्योर्ड लेंडिंग (Unsecured Lending) में ग्रोथ को रणनीतिक रूप से नियंत्रित किया जा रहा है, और एसेट क्वालिटी पर ज़ोर दिया जा रहा है। लगभग 50% लोन बुक अब इक्वेटेड डेली इंस्टॉलमेंट्स (EDI) से जुड़ा हुआ है।

🚩 आगे का आउटलुक (Outlook)

कंपनी ने FY26 के लिए अपने गाइडेंस को बरकरार रखा है। iServeU से ₹70-80 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है, जो 1.8x-2.0x YoY ग्रोथ दर्शाता है। वहीं, EBITDA मार्जिन 15-18% रहने का अनुमान है। NBFC बिजनेस के लिए AUM को ₹330-350 करोड़ पर सेट किया गया है, जो जोखिम-समायोजित ग्रोथ की रणनीति को दर्शाता है। NBFC PBT (ex-ESOP) के लिए ₹5.5-5.7 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।

ऑपरेशनल हाइलाइट्स में iServeU के साउंडबॉक्स की तैनाती 408.3K यूनिट्स तक पहुंचना और ग्रॉस ट्रांजेक्शन वैल्यू (GTV) का ₹10,000 करोड़ से अधिक होना शामिल है। NBFC सेगमेंट ने तिमाही के दौरान सफलतापूर्वक ₹40 करोड़ का बॉरोइंग (Borrowings) जुटाया है। Niyogin की रणनीति अनुशासित ग्रोथ, लगातार कमाई सुनिश्चित करने और अपने फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर पार्टनरशिप्स बढ़ाने पर केंद्रित है, ताकि डिजिटल पेमेंट के ट्रेंड्स का फायदा उठाया जा सके।

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