NSE IX Global Access: अब भारतीय रिटेल इन्वेस्टर्स भी खरीदेंगे Apple जैसे विदेशी शेयर! जाने कैसे

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AuthorNeha Patil|Published at:
NSE IX Global Access: अब भारतीय रिटेल इन्वेस्टर्स भी खरीदेंगे Apple जैसे विदेशी शेयर! जाने कैसे
Overview

NSE International Exchange (NSE IX) ने भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए 'ग्लोबल एक्सेस' नाम से एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इससे अब भारतीय निवेशक अमेरिका जैसे **30 से ज्यादा** देशों के शेयर मार्केट में सीधा निवेश कर पाएंगे। इस प्लेटफॉर्म की मदद से आप Apple जैसे महंगे शेयरों के **छोटे हिस्से (fractional shares)** भी खरीद सकेंगे और यह सब RBI की **LRS स्कीम** के तहत पूरी तरह लीगल होगा।

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विदेशी शेयर मार्केट में भारतीय निवेशकों की ग्रैंड एंट्री!

NSE International Exchange (NSE IX) ने भारतीय शेयर बाज़ार में एक बड़ा कदम उठाया है। अपने नए 'ग्लोबल एक्सेस' प्लेटफॉर्म के ज़रिए, NSE IX ने अब आम भारतीय निवेशक के लिए दुनिया भर के शेयर बाज़ारों के दरवाज़े खोल दिए हैं। शुरुआत अमेरिका से हो रही है, लेकिन जल्द ही 30 से ज़्यादा देशों में निवेश का मौका मिलेगा। यह पहल भारत के GIFT City, गुजरात से हो रही है, जिससे भारतीय निवेशकों को विदेशी ब्लू-चिप कंपनियों में सीधे पैसा लगाने का रास्ता मिलेगा।

Apple जैसे शेयर के छोटे हिस्से भी अब मुमकिन!

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको Apple (AAPL) जैसे महंगे स्टॉक खरीदने के लिए लाखों रुपये की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। मान लीजिए Apple का एक शेयर करीब $272.18 का है, तो आप इस प्लेटफॉर्म पर कुछ डॉलर में भी उसका छोटा हिस्सा (fractional share) खरीद पाएंगे। यह उन निवेशकों के लिए ज़बरदस्त मौका है जो 33.68 के P/E रेश्यो वाले शेयरों में सीमित पूंजी के साथ भी निवेश करना चाहते हैं।

RBI की LRS स्कीम के तहत मिलेगी पूरी सुरक्षा

निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि NSE IX का यह प्लेटफॉर्म भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत पूरी तरह कंप्लायंट (compliant) है। इस स्कीम के तहत, हर भारतीय निवासी हर फाइनेंशियल ईयर में $250,000 USD तक विदेशी निवेश कर सकता है। प्लेटफॉर्म पर डिजिटल KYC के ज़रिए आपका खाता 45 सेकंड से भी कम समय में खुल जाएगा। हालांकि, ध्यान रखें कि ₹10 लाख से ज़्यादा के रेमिटेंस पर 20% TCS (Tax Collected at Source) लग सकता है, जिसे आप अपनी टैक्स देनदारी में एडजस्ट कर पाएंगे। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर शेयर और ETF में निवेश के लिए है; डेरिवेटिव्स (derivatives) और डिजिटल एसेट्स (digital assets) इसमें शामिल नहीं हैं।

GIFT City का बढ़ता दबदबा और बाज़ार में मुकाबला

NSE IX का GIFT City में होना भारत की ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनने की बड़ी मंशा को दर्शाता है। यह सेंटर सिंगापुर और दुबई जैसे पुराने केंद्रों को टक्कर देने की तैयारी में है। GIFT City में लगभग 21 घंटे तक ट्रेडिंग की सुविधा, रेगुलेटरी स्पष्टता और टैक्स के फायदे मिलते हैं। वहीं, बाज़ार में INDmoney, Vested, HDFC Securities जैसे कई फिनटेक और ब्रोकरेज हाउस पहले से ही US स्टॉक्स में निवेश का विकल्प दे रहे हैं, जिनकी फीस 0.5% से 1.2% तक होती है। NSE IX अपनी एक्सचेंज इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्ट रेंज के दम पर अलग पहचान बना रहा है।

निवेश के साथ इन जोखिमों पर भी रखें नज़र

इस ज़बरदस्त मौके के साथ कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा जोखिम करेंसी फ्लक्चुएशन (currency fluctuation) का है। डॉलर में किए गए निवेश का जब आप भारतीय रुपये में कन्वर्ट करेंगे, तो आपके मुनाफे पर इसका असर पड़ सकता है। विदेशी ब्रोकर पार्टनर पर निर्भरता से भी एक छोटा काउंटरपार्टी रिस्क (counterparty risk) पैदा हो सकता है। LRS की $250,000 की सीमा बड़े निवेशकों के लिए एक बाधा बन सकती है। साथ ही, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, जैसे अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी में बदलाव या लगातार बढ़ती महंगाई, भी आपके निवेश पर असर डाल सकती है।

भविष्य की योजनाएं: इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स भी होंगे शामिल

NSE IX की आगे की योजना केवल रिटेल निवेशकों तक सीमित नहीं है। भविष्य में, प्लेटफॉर्म पर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (institutional investors) को भी जोड़ा जाएगा। यह कदम GIFT City को ग्लोबल कैपिटल के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.