मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
Network People Services Technologies Limited (NPST) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें साल-दर-साल (YoY) ज़बरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला है। कंपनी ने इस तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 147.7% की भारी उछाल दर्ज की है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹2,124.41 लाख से बढ़कर ₹5,262.30 लाख पर पहुंच गया।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 134.8% का इज़ाफ़ा हुआ और यह ₹1,598.62 लाख पर पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 124.8% की बढ़त के साथ ₹1,154.23 लाख दर्ज किया गया। इस तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) ₹5.92 रहा।
स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स में भी इसी तरह की मज़बूत ग्रोथ देखने को मिली, जिसमें रेवेन्यू 147.0% बढ़कर ₹5,252.21 लाख रहा। स्टैंडअलोन PBT और नेट प्रॉफिट में क्रमशः 136.7% और 127.1% की YoY ग्रोथ देखी गई। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन दोनों रेवेन्यू में लगभग 12.7% का सुधार हुआ है, जो लगातार ग्रोथ की गति को दर्शाता है।
फंड यूटिलाइजेशन पर क्या है मामला?
इन शानदार वित्तीय नतीजों के बीच, एक ज़रूरी बात सामने आई है। रेटिंग एजेंसी CARE Ratings ने कंपनी द्वारा प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट से जुटाई गई ₹300 करोड़ की राशि के फंड यूटिलाइजेशन में ₹3.18 करोड़ के डेविएशन (विसंगति) की ओर इशारा किया था। एजेंसी ने पाया कि रेंट और सैलरी जैसे खर्चों को 'जनरल कॉर्पोरेट पर्पस' (GCP) के तहत वर्गीकृत किया गया था, जो ऑफर डॉक्यूमेंट में स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं था।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि ये खर्च वैध ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर हैं और GCP के दायरे में आते हैं। NPST ने इस अवलोकन को स्वीकार किया है और भविष्य में और अधिक स्पष्टता के साथ डिस्क्लोजर करने की प्रतिबद्धता जताई है। गौरतलब है कि इस अलॉटमेंट से ₹291.67 करोड़ की राशि अभी भी अप्रयुक्त (unutilized) है और फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट्स में रखी गई है।
कंपनी ने आगे के लिए कोई विशेष गाइडेंस या आउटलुक नहीं दिया है। निवेशकों की नज़र अब कंपनी के एग्जीक्यूशन और ग्रोथ के मोमेंटम पर बनी रहेगी।