NCW की रिपोर्ट में क्या खुलासे?
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की 8 मई को जारी की गई 50 पन्नों की रिपोर्ट में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नैशिक प्लांट में गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह यूनिट कार्यस्थल सुरक्षा कानूनों, खासकर पॉश एक्ट (POSH Act) के पालन में 'ज़ीरो कंप्लायंस' पर है। आयोग ने एक बड़े 'गवर्नेंस डेफिसिट' का भी उल्लेख किया है, जिसमें असंवेदनशीलता, सिस्टमैटिक बदमाशी (bullying) और व्यापक यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। ये निष्कर्ष कंपनी के नैतिक निगरानी तंत्र में मूलभूत कमजोरियों की ओर इशारा करते हैं।
नैशिक यूनिट में 'टॉक्सिक वर्कप्लेस' का सच
NCW ने अपनी रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सौंपी है, जिसमें नैशिक यूनिट को एक 'टॉक्सिक वर्कप्लेस' बताया गया है। यहां कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशीलता, सिस्टमैटिक बदमाशी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। इन खुलासों से TCS की साख और टैलेंट रिटेंशन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शेयर बाज़ार और निवेशक भरोसे पर असर
11 मई, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, TCS के शेयर लगभग ₹2390-₹2400 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे, जिसका P/E रेश्यो लगभग 17.6 और मार्केट कैप ₹8.66 ट्रिलियन था। हालांकि, हालिया हफ्तों में शेयर की कीमतों में गिरावट देखी गई है, और NCW की इस रिपोर्ट से निवेशकों के सेंटीमेंट पर और नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। कंपनी का P/E रेश्यो ऐतिहासिक औसत और इंडस्ट्री के मुकाबले नीचे आ गया है, जो ग्रोथ और गवर्नेंस को लेकर निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट से कंपनी की साख और टैलेंट पर पड़ सकता है असर
NCW के खुलासे IT सेक्टर में talent को आकर्षित करने और बनाए रखने में TCS की क्षमता को भी प्रभावित कर सकते हैं। TCS के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच सालों में यौन उत्पीड़न की शिकायतें 128% बढ़ी हैं, जो FY21 में 27 से बढ़कर FY25 में 125 हो गई हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि POSH कमेटी अक्सर असंवेदनशील पाई गई और पुणे व नैशिक के लिए एक ही इंटरनल कमेटी (IC) का इस्तेमाल किया गया, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। साथ ही, नैशिक में IC की कोई विजिट भी नहीं हुई। अवेयरनेस मटेरियल की कमी और खराब CCTV कैमरों ने इन विफलताओं को और गंभीर बना दिया। धार्मिक अपमान के आरोप भी लगे हैं, जिससे यह 'टॉक्सिक वर्कप्लेस' का मामला और संगीन हो जाता है।
आगे का रास्ता: भरोसे का पुनर्निर्माण
NCW की इन गंभीर टिप्पणियों के बाद TCS को सिर्फ आंतरिक समीक्षा से कहीं आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। भविष्य में नियामक दंड (regulatory penalties) और ग्राहकों व निवेशकों की ओर से कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है, जो अब कार्यस्थल के आचरण को एक महत्वपूर्ण ESG फैक्टर मानते हैं। TCS को पारदर्शिता, जवाबदेही और वास्तविक सुधारों के माध्यम से भरोसा फिर से जीतना होगा। इस संकट पर कंपनी की प्रतिक्रिया, कार्यबल और विकसित हो रहे श्रम कानूनों व AI इंटीग्रेशन के बीच इसकी स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगी।
