डच कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को डच कॉरपोरेशन्स से कहा कि वे भारत में अपने डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करें। उन्होंने भारत को स्केल (scale) और स्थिरता (stability) का एक प्रमुख केंद्र बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 17% वृद्धि (growth) में योगदान देता है, जिसके पीछे इसकी शानदार ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स का बड़ा हाथ है।
सुधारों से मजबूत हो रहा भारत
मोदी ने देश में हो रहे बड़े आर्थिक सुधारों पर भी जोर दिया, जिनका मकसद पॉलिसी की स्पष्टता (policy predictability) को बढ़ाना और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इनमें स्पेस, माइनिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे सेक्टर्स को खोलना, अनुपालन के बोझ (compliance burden) को कम करना और बिजनेस करने में आसानी (ease of doing business) को बेहतर बनाना शामिल है। टैक्सेशन (taxation), लेबर लॉ (labor laws) और गवर्नेंस (governance) में हुए सुधारों को इसमें महत्वपूर्ण बताया गया।
ASML संग चिप मैन्युफैक्चरिंग डील
इस बीच, एक अहम डेवलपमेंट में Tata Electronics और ASML के बीच एक समझौता हुआ है। ASML सेमीकंडक्टर लिथोग्राफी इक्विपमेंट (lithography equipment) बनाने वाली एक बड़ी डच कंपनी है। यह डील गुजरात के धोलेरा (Dholera) में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (fabrication plant) को सपोर्ट करेगी, जो भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ASML की टेक्नोलॉजी एडवांस्ड चिप्स बनाने के लिए बेहद जरूरी है।