AI की दुनिया में क्लाउड पर निर्भरता बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके साथ आती हैं भारी लागतें और परफॉरमेंस की दिक्कतें। लंदन की AI स्टार्टअप Mirai इसी समस्या का समाधान लेकर आई है। हाल ही में, Mirai ने 10 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग (Seed Funding) जुटाई है, जिसका नेतृत्व Uncork Capital ने किया। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने ऑन-डिवाइस (On-Device) AI इंफेरेंस इंजन (Inference Engine) को बेहतर बनाने में करेगी, ताकि AI मॉडल्स को सीधे यूज़र के डिवाइस पर ज़्यादा तेज़ी से और कम खर्च में चलाया जा सके।
Mirai के को-फाउंडर Dima Shvets और Alexey Moiseenkov, जो AI की दुनिया के जाने-माने चेहरे हैं, का मानना है कि क्लाउड-आधारित AI की बढ़ती लागतें एक बड़ी चुनौती हैं। बड़े संगठनों के लिए AI इंफेरेंस के लिए क्लाउड सर्वर चलाने में सालाना लाखों डॉलर खर्च हो सकते हैं। एक NVIDIA A100 GPU इंस्टेंस (Instance) का सालाना खर्च ही 40,000 डॉलर से ज़्यादा हो सकता है, और डेटा ट्रांसफर (Data Transfer) का खर्च अलग।
इस लिहाज़ से, ऑन-डिवाइस AI एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है। Mirai का कहना है कि उनके समाधान से एनर्जी की खपत 95% तक कम हो सकती है और कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) 88% तक घट सकता है। इस ऑन-डिवाइस AI मार्केट के 2032 तक 124 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छूने का अनुमान है।
Mirai की कामयाबी का राज़ उसके खास Rust-आधारित इंफेरेंस इंजन में छिपा है। यह इंजन Apple Silicon पर AI मॉडल चलाने की स्पीड को 37% तक बढ़ा सकता है, वह भी बिना क्वालिटी से समझौता किए। खास बात यह है कि Mirai का यह इंजन Apple Silicon के लिए गहराई से ऑप्टिमाइज़ (Optimize) किया गया है, जिससे यह बेहतर परफॉरमेंस और प्राइवेसी (Privacy) सुनिश्चित करता है।
इस स्टार्टअप की एक बड़ी ताकत इसके फाउंडर्स का अनुभव है। Dima Shvets ने Reface की सह-स्थापना की थी, जिसे 300 मिलियन से ज़्यादा बार डाउनलोड किया गया है। वहीं, Alexey Moiseenkov Prisma ऐप के सह-संस्थापक रहे हैं। उनका यह अनुभव Mirai को कंज्यूमर AI स्पेस में आगे बढ़ने में मदद करेगा। कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा 'LLM OS' बनाना है जो AI को ऑन-डिवाइस चलाने को बेहद आसान बना दे।