Midas को मिले $50 मिलियन! Tokenized Assets में लिक्विडिटी की बड़ी समस्या होगी हल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Midas को मिले $50 मिलियन! Tokenized Assets में लिक्विडिटी की बड़ी समस्या होगी हल
Overview

Midas ने **$50 मिलियन** की सीरीज ए (Series A) फंडिंग पूरी कर ली है। यह बड़ी फंडिंग कंपनी को अपने Midas Staked Liquidity (MSL) सिस्टम को स्केल करने में मदद करेगी, ताकि टोकनाइज्ड एसेट्स (Tokenized Assets) के लिए तुरंत पैसा वापस (Instant Redemption) मिल सके।

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए टोकनाइज्ड एसेट लिक्विडिटी का समाधान

Midas की यह $50 मिलियन की सीरीज ए फंडिंग, टोकनाइज्ड एसेट स्पेस की एक बड़ी चुनौती - लिक्विडिटी - को हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भले ही बड़े निवेशक (Institutions) टोकनाइज्ड पोर्टफोलियो में लगातार दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन जल्दी कैपिटल एक्सेस न कर पाना उनके लिए एक बड़ी रुकावट रहा है। कई मौजूदा टोकनाइज्ड प्रोडक्ट्स ऐसे स्ट्रक्चर पर काम करते हैं जो निवेशक के फंड को लॉक कर देते हैं, जिससे रिडेम्पशन धीमा हो जाता है। RRE Ventures और Creandum की अगुआई वाली इस फंडिंग में Framework Ventures, Franklin Templeton, और Coinbase Ventures जैसी फर्मों की भी भागीदारी रही है। इस पैसे का इस्तेमाल Midas के MSL सिस्टम को स्केल करके एक ज्यादा लिक्विड मार्केट बनाने में किया जाएगा।

Midas Staked Liquidity: इंस्टेंट रिडेम्पशन का मतलब

Midas जिस मुख्य सिस्टम को बड़ा कर रहा है, वह है Midas Staked Liquidity (MSL) सिस्टम। पारंपरिक मॉडलों के विपरीत, जहाँ हर बार पैसे निकालने के लिए अंडरलाइंग एसेट्स को बेचना पड़ता है, MSL एक अलग लिक्विडिटी पूल का उपयोग करता है जिसमें पहले से तय कैपिटल रखा जाता है। इससे यूजर्स को मार्केट लिक्विडिटी या सेटलमेंट का इंतजार किए बिना, तुरंत और ऑन-डिमांड रिडेम्पशन मिल पाता है। कंपनी के को-फाउंडर और CEO, डेनिस डिंकेल्मेयर (Dennis Dinkelmeyer) ने कहा, "यह रेज़ हमें इंस्टेंट रिडेम्पशन, गहरी लिक्विडिटी और व्यापक स्ट्रेटेजी एक्सेस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करने का कैपिटल देता है, वह भी ट्रांसपेरेंसी या यील्ड को खोए बिना।" यह तत्काल एक्सेस की सुविधा बड़े निवेशकों की एक महत्वपूर्ण जरूरत को पूरा करती है, जिन्हें कुशलतापूर्वक और बड़े पैमाने पर कैपिटल डिप्लॉय और विद्ड्रॉ करने की आवश्यकता होती है। टोकनाइज्ड एसेट मार्केट के $2 ट्रिलियन से $16 ट्रिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, और Midas का MSL इस बढ़ते मार्केट में अपनी जगह बनाने को तैयार है।

मार्केट की ग्रोथ और कॉम्पिटिटर्स

Midas की यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब टोकनाइज्ड एसेट मार्केट में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी और ग्रोथ देखी जा रही है। 2026 तक, इस मार्केट के करीब $400 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। BlackRock (BUIDL फंड), Franklin Templeton (FOBXX फंड) और J.P. Morgan जैसे बड़े प्लेयर पहले ही टोकनाइज्ड ट्रेजरी और मनी मार्केट फंड लॉन्च कर चुके हैं या उन पर काम कर रहे हैं। Midas की इंस्टेंट लिक्विडिटी देने की क्षमता उसे ऐसे प्रतिस्पर्धियों से अलग करती है जिनके सिस्टम में अभी भी सेटलमेंट में देरी हो सकती है। कंपनी ने 2024 की शुरुआत से अब तक $1.7 बिलियन के टोकनाइज्ड एसेट्स इश्यू किए हैं और $37 मिलियन का यील्ड बांटा है।

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