Microsoft Share Price: AI के भारी खर्च का झटका! ₹28 लाख करोड़ का मार्केट कैप गायब

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Microsoft Share Price: AI के भारी खर्च का झटका! ₹28 लाख करोड़ का मार्केट कैप गायब
Overview

Microsoft के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के शेयर में अचानक भारी गिरावट आई है, जिससे उसका मार्केट कैप **$381 बिलियन** (करीब **₹31.5 लाख करोड़**) घट गया। इस गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कंपनी के भारी-भरकम खर्च का अनुमान है, जो उम्मीद से ज्यादा है।

AI पर खर्च की चिंता हावी

Microsoft के नतीजे भले ही उम्मीदों पर खरे उतरे हों, लेकिन निवेशकों का ध्यान कंपनी के क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस (Azure) की धीमी पड़ती ग्रोथ और इस साल $100 बिलियन (लगभग ₹8.3 लाख करोड़) से ज्यादा के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के अनुमान पर चला गया। इसके चलते शेयर में 10% की भारी गिरावट आई, जिसने दो दिनों में कंपनी का $381 बिलियन (लगभग ₹31.5 लाख करोड़) मार्केट कैप साफ कर दिया। यह मार्च 2020 के बाद शेयर की सबसे बड़ी गिरावट है।

निवेशकों का कहना है कि जब कंपनियां AI में इतना बड़ा निवेश कर रही हैं, तो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरना ही होगा। Meta Platforms का उदाहरण देखें, जिसके रेवेन्यू ग्रोथ के आंकड़े काफी अच्छे थे, लेकिन भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजनाओं के कारण शेयर में शुरुआत में तेजी के बाद गिरावट आ गई।

निवेशक बदल रहे हैं मिजाज

'बिग टेक' कंपनियों की मौजूदा तेजी का मुख्य आधार अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी में उनका आक्रामक निवेश रहा है। लेकिन अब निवेशक इस बात का सबूत मांग रहे हैं कि यह भारी-भरकम खर्च असल में कितना फायदेमंद साबित हो रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अब हम उस दौर में पहुँच गए हैं जहाँ AI पर किए गए कैपिटल एक्सपेंडिचर का मुद्रीकरण (Monetization) होना जरूरी है, तभी टेक शेयरों की वैल्यूएशन (Valuation) सही ठहराई जा सकती है।

इस बदले हुए मिजाज का असर 'Magnificent Seven' स्टॉक्स पर भी दिख रहा है, जिनका इंडेक्स पिछले तीन महीनों में 1.5% गिरा है, जबकि S&P 500 में 0.7% की तेजी आई है। Oracle Corp. के शेयर भी क्लाउड की उम्मीदों के बावजूद अपने पीक से 50% गिर चुके हैं, क्योंकि स्टार्टअप्स से खर्च की प्रतिबद्धताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आगे किन पर रहेगी नजर?

अब सबकी निगाहें Alphabet Inc. और Amazon.com Inc. के नतीजों पर टिकी हैं। Microsoft और Meta के साथ ये टेक दिग्गज इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अकेले $500 बिलियन (लगभग ₹41.5 लाख करोड़) से ज्यादा खर्च करने वाले हैं। Alphabet, जो पिछले छह महीनों में 'Magnificent Seven' में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही है, पर Gemini AI मॉडल और अपने कस्टम प्रोसेसर को लेकर काफी उम्मीदें हैं। वहीं, Amazon को अपने क्लाउड बिजनेस की रफ्तार बनाए रखनी होगी। बाजार की 'Growth at any cost' वाली भूख को अब परखा जा रहा है, और अगर खर्च कमाई से ज्यादा हुआ तो और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

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