Microsoft AI: इंजीनियरों का 'सपोर्ट' करेगा या 'रिप्लेस' करेगा? शेयर में आई **10%** की गिरावट!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Microsoft AI: इंजीनियरों का 'सपोर्ट' करेगा या 'रिप्लेस' करेगा? शेयर में आई **10%** की गिरावट!
Overview

Microsoft के प्रेसिडेंट Brad Smith ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि AI सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और IT प्रोफेशनल्स को बदलने (replace) के बजाय उनकी क्षमताएं बढ़ाने (augment) का काम करेगा।

AI वर्कफोर्स पर टकराव

इंडस्ट्री के चल रहे ट्रेंड्स से बिल्कुल अलग, Microsoft के प्रेसिडेंट Brad Smith ने एक ऐसा विज़न पेश किया है जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स के लिए 'फोर्स मल्टीप्लायर' (force multiplier) का काम करेगा, न कि बड़े पैमाने पर नौकरियों के खत्म होने का संकेत देगा। लोगों की नौकरियों को लेकर बढ़ रही चिंताओं के बीच Smith ने कहा कि Microsoft का लक्ष्य ऐसी AI बनाना है जो "लोगों को और स्मार्ट बनाए", बजाय इसके कि मशीनें इंसानों से बेहतर बन जाएं। इस नज़रिए से Microsoft, Amazon जैसी कंपनियों से अलग खड़ी होती है, जिनके CEO Andy Jassy ने साफ कहा है कि AI से एफिशिएंसी (efficiency) बढ़ने के कारण कॉर्पोरेट वर्कफोर्स में कमी आ सकती है। जहाँ Amazon AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर लगा रही है ताकि ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित कर सके और कर्मचारियों की संख्या कम कर सके, वहीं Microsoft का फोकस मानव क्षमताओं को बढ़ाने पर है। Google भी AI एजुकेशन और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में भारी निवेश कर रहा है, ताकि मौजूदा भूमिकाओं को बदलने के बजाय लोगों को नई स्किल्स (skills) से लैस कर AI के लिए तैयार वर्कफोर्स तैयार की जा सके।

Microsoft का रणनीतिक अपस्किल प्ले

Smith ने बताया कि कैसे AI दोहराए जाने वाले कोडिंग टास्क को ऑटोमेट (automate) कर सकता है, जिससे कुशल इंजीनियर प्रोडक्ट डिजाइन, सिस्टम आर्किटेक्चर, कड़े परीक्षण (rigorous testing) और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल जैसी उच्च-मूल्य वाली गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इस रणनीतिक बदलाव का उद्देश्य IT भूमिकाओं की प्रकृति को बेहतर बनाना है, ताकि वे मानसिक रूप से अधिक उत्तेजक और संतुष्टिदायक बन सकें, जिससे कुशल प्रोफेशनल्स के लिए डिमांड और वेतन में बढ़ोतरी हो सकती है। Microsoft के अपने जेनेरेटिव AI उपयोग पर किए गए शोध से, जिसमें लाखों एनोनिमाइज्ड Copilot बातचीत का विश्लेषण किया गया, यह पता चलता है कि AI का प्रभाव IT भूमिकाओं पर सबसे ज़्यादा पड़ने की संभावना है, लेकिन यह तकनीक पूरी तरह से नौकरियों को खत्म करने के बजाय जॉब फंक्शन्स (job functions) को बदलने की ज़्यादा संभावना रखती है। स्टडी बताती है कि भाषा, लेखन और नियमित डिजिटल कार्यों में अत्यधिक शामिल भूमिकाओं, जिनमें कुछ IT फंक्शन्स भी शामिल हैं, AI की एप्लीकेबिलिटी (applicability) ज़्यादा है। हालांकि, यह नौकरी के खत्म होने के बारे में निश्चित निष्कर्षों से बचने की चेतावनी देता है, ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए जहाँ ऑटोमेशन ने प्रभावित क्षेत्रों में नौकरी की भूमिकाओं में बदलाव और यहां तक कि रोजगार में बढ़ोतरी की है। जिन ऑक्यूपेशन्स (occupations) में महत्वपूर्ण इन-पर्सन इंटरेक्शन (in-person interaction) या विशेष शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है, वे AI व्यवधान के प्रति सबसे कम संवेदनशील दिखाई देते हैं।

मार्केट का पुनर्मूल्यांकन और मार्जिन पर दबाव

इस कर्मचारी-केंद्रित AI विज़न के बावजूद, Microsoft के मार्केट वैल्यूएशन (valuation) में एक पुनर्मूल्यांकन देखा जा रहा है। 29 जनवरी, 2026 को कंपनी के स्टॉक में भारी 10% की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी, और इसने Nasdaq Composite को भी नीचे खींचा। यह गिरावट तब आई जब Microsoft ने अपने वित्तीय दूसरी तिमाही (fiscal second quarter) के रेवेन्यू और अर्निंग्स (earnings) के अनुमानों को पार कर लिया था, और इसका क्लाउड रेवेन्यू $50 बिलियन से अधिक रहा। इसके बजाय, निवेशकों का ध्यान Microsoft की प्रमुख क्लाउड सर्विस Azure में धीमी गति पर था, जो 39% की दर से बढ़ा—जो कुछ निवेशकों की उम्मीदों से थोड़ा कम था। इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़े बढ़ते खर्चे, जिसमें AI प्रोजेक्ट्स के लिए डेटा सेंटर क्षमता का आवंटन भी शामिल है, मार्जिन (margins) पर दबाव डाल रहे हैं। Microsoft का वर्तमान प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 24.85 है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और अपने साथियों के औसत से काफी कम है। यह निवेशकों की इसके बड़े AI निवेशों की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) को लेकर चिंता का संकेत हो सकता है। स्टॉक महत्वपूर्ण $400 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिर गया है, जो AI के लिए बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) के बीच टेक वैल्यूएशन (valuations) के व्यापक बाजार पुनर्मूल्यांकन को दर्शाता है।

इवॉल्विंग टेक टैलेंट लैंडस्केप

व्यापक टेक्नोलॉजी सेक्टर एक दोहरी सच्चाई से जूझ रहा है: AI को तेजी से अपनाना और एक लगातार स्किल्स गैप। AI का उल्लेख करने वाली जॉब पोस्टिंग में भारी बढ़ोतरी हुई है, भले ही कुल हायरिंग ट्रेंड्स सुस्त बने हुए हैं। AI, मशीन लर्निंग (machine learning), डेटा साइंस (data science) और साइबर सिक्योरिटी (cybersecurity) जैसी विशेष स्किल्स की डिमांड बहुत ज़्यादा है, जिससे टैलेंट के लिए एक प्रतिस्पर्धी माहौल बन गया है। कंपनियां अपने वर्कफोर्स को AI-इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स (AI-integrated operations) के लिए तैयार करने हेतु अपस्किलिंग (upskilling) प्रोग्राम्स और निरंतर सीखने में तेजी से निवेश कर रही हैं। यह स्थिति एक जटिल तस्वीर पेश करती है जहाँ Microsoft और Google जैसी स्थापित टेक दिग्गज कंपनियों को महत्वपूर्ण AI-संबंधित कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) और मार्जिन मैनेजमेंट (margin management) की आर्थिक वास्तविकताओं से जूझते हुए वर्कफोर्स डेवलपमेंट (workforce development) और ऑग्मेंटेशन (augmentation) पर जोर देना पड़ रहा है। AI विशेषज्ञता की मांग एक महत्वपूर्ण कारक है, जहाँ कई संगठन अपनी AI स्ट्रेटेजी (strategy) को लागू करने में बाधा के रूप में आंतरिक विशेषज्ञता की कमी का हवाला देते हैं।

द बेयर केस और रिस्क फैक्टर्स

Microsoft के लिए मुख्य रिस्क (risk) इसके बड़े AI निवेशों का अमोर्टाइजेशन (amortization) और लंबे समय तक मार्जिन कम्प्रेशन (margin compression) का संभावित खतरा है। जबकि कंपनी का लक्ष्य प्रोडक्टिविटी (productivity) को बढ़ाना है, AI इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का तत्काल प्रभाव बढ़े हुए खर्चे हैं, जो शॉर्ट से मीडियम-टर्म (short to medium-term) में प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) को सीमित कर सकते हैं। Azure के ग्रोथ रेट पर बाजार की प्रतिक्रिया, जो बाजार की अपेक्षाओं से थोड़ा कम था, कोर क्लाउड सेवाओं में किसी भी धीमी गति की धारणा के प्रति निवेशकों की संवेदनशीलता को उजागर करती है, जो AI डिप्लॉयमेंट (deployment) के लिए महत्वपूर्ण हैं। AI टैलेंट के लिए प्रतिस्पर्धा तीव्र बनी हुई है, जिससे लेबर कॉस्ट (labor cost) बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, मानव ऑग्मेंटेशन (augmentation) के लिए AI को इंटीग्रेट करने की कंपनी की स्ट्रेटेजी (strategy), जो लॉन्ग-टर्म (long-term) में फायदेमंद हो सकती है, शायद उन निवेशकों को संतुष्ट न करे जो तत्काल, मात्रात्मक रिटर्न की मांग कर रहे हैं, खासकर AI खर्च पर। एक हालिया डाउनग्रेड (downgrade) ने Microsoft के वैल्यूएशन (valuation) और बढ़ती कैपिटल इंटेंसिटी (capital intensity) के सामने इसके आक्रामक AI विस्तार की स्थिरता को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

फ्यूचर आउटलुक

Microsoft की बताई गई स्ट्रेटेजी, जो अपनी इंजीनियरिंग टैलेंट बेस को बढ़ाने के लिए AI का लाभ उठाने पर केंद्रित है, एक आकर्षक लॉन्ग-टर्म विज़न (long-term vision) प्रस्तुत करती है। यह उन अधिक सीधी लागत-कटौती रणनीतियों के विपरीत है जो अन्य जगहों पर देखी जाती हैं। यह दृष्टिकोण इनोवेशन (innovation) और एक अधिक अनुकूल, कुशल वर्कफोर्स को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, तत्काल भविष्य कंपनी की अपने AI निवेशों को सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में बदलने और मार्जिन दबावों व Azure जैसी प्रमुख सेवाओं में ग्रोथ मोमेंटम (growth momentum) को लेकर निवेशकों की चिंताओं को दूर करने की क्षमता द्वारा परिभाषित किया जाएगा। टेक्नोलॉजी सेक्टर का समग्र प्रक्षेपवक्र AI इनोवेशन (innovation) को आर्थिक वास्तविकताओं के साथ संतुलित करने पर निर्भर करेगा, और Microsoft की सफलता अपने AI पहलों से ठोस रिटर्न प्रदर्शित करने की इसकी क्षमता पर निर्भर करेगी, जिससे इसके वर्तमान वैल्यूएशन (valuation) और बाजार स्थिति को सही ठहराया जा सके।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.