Micron India Plant: AI मेमोरी के लिए गेम-चेंजर? ₹22,516 Cr का निवेश, शेयर **361%** चढ़ा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Micron India Plant: AI मेमोरी के लिए गेम-चेंजर? ₹22,516 Cr का निवेश, शेयर **361%** चढ़ा!
Overview

Micron Technology ने गुजरात के सानंद में **₹22,516 करोड़** के निवेश से तैयार हुए अपने सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट का उद्घाटन किया है। यह प्लांट AI एप्लीकेशन्स के लिए महत्वपूर्ण DRAM और NAND प्रोडक्ट्स का उत्पादन करेगा, और भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान देगा।

भारत में Micron का 'AI मेमोरी बूस्ट': ₹22,516 करोड़ का मेगा प्लांट तैयार!

Micron Technology ने गुजरात के सानंद में अत्याधुनिक असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) सुविधा का उद्घाटन कर भारतीय सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी का बड़ा ऐलान किया है। ₹22,516 करोड़ के इस भारी-भरकम निवेश से तैयार हुआ यह प्लांट, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर के लिए जरूरी DRAM और NAND मेमोरी चिप्स का उत्पादन करेगा। कंपनी का लक्ष्य बढ़ती ग्लोबल मेमोरी डिमांड को पूरा करना है। इस प्रोजेक्ट से करीब 5,000 लोगों को सीधी नौकरी मिलेगी, जबकि 15,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

Micron के शेयर में तूफानी तेजी, मार्केट को उम्मीदें!

Micron के शेयर में इस साल जबरदस्त तेजी देखी गई है। साल 2026 में अब तक स्टॉक 40% से ज्यादा चढ़ चुका है, और पिछले 12 महीनों में तो 361.71% का बंपर रिटर्न दिया है। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 39.7 है, जो इसे एक ग्रोथ स्टॉक के तौर पर दिखाता है, हालांकि यह इसके पुराने औसत से थोड़ा ज्यादा है। यह प्लांट ऐसे समय में तैयार हुआ है जब AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग और सप्लाई-डिमांड गैप के चलते मेमोरी चिप्स की कीमतें आसमान छू रही हैं।

सानंद प्लान: भारत को ग्लोबल सप्लाई हब बनाने की तैयारी

Micron का सानंद स्थित यह ATMP प्लांट भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ ग्लोबल सप्लाई चेन हब के तौर पर भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। यह प्लांट एडवांस DRAM और NAND वेफर्स को तैयार मेमोरी प्रोडक्ट्स में बदलेगा, जिनका इस्तेमाल सर्वर, डेटा सेंटर और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में होगा, खासकर AI के लिए जरूरी हाई-परफॉरमेंस मेमोरी सॉल्यूशंस पर फोकस रहेगा। यह भारत सरकार के 'सेमीकॉन इंडिया' प्रोग्राम के अनुरूप है, जो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव दे रहा है। Micron फिलहाल $413.25-$429.00 के बीच ट्रेड कर रहा है, जिसकी मार्केट कैप $450 बिलियन से ज्यादा है।

मेमोरी मार्केट की रेस: AI की मांग बनी सबसे बड़ी वजह

ग्लोबल मेमोरी मार्केट इस वक्त अभूतपूर्व तेजी से गुजर रहा है। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में DRAM कॉन्ट्रैक्ट प्राइस 55-60% और NAND फ्लैश 33-38% तक बढ़ सकते हैं। इसकी मुख्य वजह AI सर्वर के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और एडवांस्ड DRAM की जबरदस्त मांग है। ऐसे में Micron जैसी कंपनियां इन हाई-मार्जिन सेगमेंट्स को प्राथमिकता दे रही हैं। Micron ने 2026 के लिए अपने सभी HBM3e और HBM4 इन्वेंटरी को पहले ही बुक कर लिया है, जिससे कंपनी को प्राइसिंग पावर मिली है। हालांकि, OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट) इंडस्ट्री में ताइवान की ASE ( 44.6% मार्केट शेयर) और Amkor Technology ( 15.2% मार्केट शेयर) जैसे स्थापित प्लेयर्स कड़ी टक्कर दे रहे हैं। भारत अभी भी सप्लाई चेन इंटीग्रेशन, स्किल्ड टैलेंट और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन हासिल करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

बाजार की उठापटक और चुनौतियां: क्या है जोखिम?

फिलहाल मेमोरी मार्केट में बूम चल रहा है, लेकिन यह स्वाभाविक रूप से साइक्लिकल (चक्रीय) है और इसमें अचानक गिरावट भी आ सकती है। एनालिस्ट्स ओवरसप्लाई के जोखिमों और 2026-2027 तक मार्जिन में पीक आने की आशंका जता रहे हैं। 2018 में Micron, Samsung और SK Hynix पर DRAM सप्लाई को कृत्रिम रूप से सीमित कर कीमतें बढ़ाने के आरोप लगे थे। AI मेमोरी पर कंपनी का फोकस बढ़ने से आम कंज्यूमर डिवाइसेज के लिए मेमोरी की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, भारत के सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अभी भी अंडरडेवलप्ड सप्लाई चेन और कुशल मैन्युफैक्चरिंग टैलेंट की कमी जैसी दिक्कतें हैं, जो नए प्लांट्स की लॉन्ग-टर्म सफलता को प्रभावित कर सकती हैं। Micron अपने प्रोडक्शन के लिए ग्लोबल वेफर फैब्रिकेशन प्लांट्स पर निर्भर है, जो अपस्ट्रीम सप्लाई चेन की कमजोरियों को उजागर कर सकता है।

एनालिस्ट्स का नज़रिया: उम्मीदें बरकरार

वॉल स्ट्रीट के एनालिस्ट्स Micron Technology पर काफी बुलिश (आशावादी) हैं। 55 एनालिस्ट्स के अनुसार, इसका मीडियन प्राइस टारगेट $400.00 के आसपास है, हालांकि मौजूदा स्टॉक प्राइस $429.00 इस कंसेंसस से थोड़ा ऊपर चल रहा है। फरवरी 2026 की रेटिंग्स में प्राइस टारगेट्स $450.00 से $480.00 तक हैं, जो मेमोरी प्राइस में बढ़ोतरी और AI डिमांड से प्रेरित हैं। कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2027-2028 तक सप्लाई शॉर्टेज बनी रहेगी, जिससे प्राइजिंग पावर बरकरार रहेगी। वर्ल्ड सेमीकंडक्टर ट्रेड स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 2026 में ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेल्स $975 बिलियन तक पहुंच सकती है, जिसमें मेमोरी का हिस्सा करीब 25% होगा। हालांकि, AI पर बहुत ज्यादा निर्भरता में कंसंट्रेशन रिस्क भी है, क्योंकि मेमोरी कॉस्ट बढ़ने से पीसी और स्मार्टफोन सेगमेंट में ग्रोथ धीमी रहने की उम्मीद है। Micron की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी मेमोरी मार्केट की साइक्लिकल नेचर को कैसे नेविगेट करती है और भारत में अपने विस्तृत मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट का कितना फायदा उठा पाती है।

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