MicroStrategy की नई बिटकॉइन खरीद
MicroStrategy ने फिर से बिटकॉइन (Bitcoin) में निवेश किया है। कंपनी ने लगभग $43 मिलियन (करीब ₹360 करोड़) में 535 बिटकॉइन और खरीदे हैं।
यह खरीदारी प्रेफर्ड स्टॉक (preferred stock) बेचने से हासिल फंड से की गई है, और यह ट्रांज़ैक्शन 10 मई 2026 तक पूरा हो गया था। इस नई खरीद के साथ, कंपनी की कुल बिटकॉइन होल्डिंग्स बढ़कर 818,869 बिटकॉइन हो गई हैं।
कंपनी ने इन नए बिटकॉइन को $80,340 प्रति कॉइन के औसत भाव पर खरीदा है। कुल मिलाकर, कंपनी ने 818,869 बिटकॉइन औसतन $75,540 प्रति कॉइन की कीमत पर खरीदे हैं, जिसकी कुल लागत $61.86 बिलियन (लगभग ₹5,15,000 करोड़) है। मौजूदा समय में बिटकॉइन की कीमत $81,000 के आसपास चल रही है, जिसका मतलब है कि कंपनी की विशाल होल्डिंग पर, खासकर हाल की खरीदारियों पर, अभी बहुत पतला पेपर प्रॉफिट (paper profit) दिख रहा है।
MicroStrategy अपनी बिटकॉइन खरीद को कैपिटल मार्केट्स (capital markets) के जरिए फंड करती है, जिसमें स्टॉक और कन्वर्टिबल नोट्स (convertible notes) का इस्तेमाल होता है। इस खबर के बाद MicroStrategy (MSTR) के स्टॉक में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में हल्की बढ़त देखी गई।
MicroStrategy की खास बिटकॉइन स्ट्रैटेजी
MicroStrategy, दूसरी कंपनियों के मुकाबले बिटकॉइन की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट होल्डर है। Marathon Digital Holdings के पास लगभग 52,477 BTC और Tesla के पास करीब 11,509 BTC हैं।
कंपनी की रणनीति पूरी तरह से फाइनेंशियल मार्केट्स तक पहुंच पर निर्भर करती है। वे प्रेफर्ड स्टॉक (जिनपर 10% तक का डिविडेंड रेट है) और कन्वर्टिबल नोट्स का इस्तेमाल डिजिटल एसेट खरीदने के लिए करते हैं। कंपनी का कहना है कि वे बिटकॉइन तभी बेचेंगे जब यह "पर-शेयर बेसिस पर बिटकॉइन बढ़ाने वाला (accretive on a Bitcoin-per-share basis)" हो।
फिलहाल बिटकॉइन मार्केट का सेंटीमेंट (sentiment) न्यूट्रल से फियर (fear) के बीच है, हालांकि बिटकॉइन ईटीएफ (ETFs) में भारी इनफ्लो (inflow) देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर मार्केट सेंटीमेंट बदला तो 2026 के अंत तक बिटकॉइन $150,000 तक पहुंच सकता है।
कर्ज़ का बोझ और फाइनेंशियल रिस्क
कंपनी की आक्रामक बिटकॉइन खरीद रणनीति उनके बड़े कर्ज़ से जुड़ी हुई है, जो करीब $4.25 बिलियन (लगभग ₹35,000 करोड़) के कन्वर्टिबल नोट्स के रूप में है। इस हाई लेवरेज (high leverage) में जोखिम भी है, खासकर कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजों को देखते हुए।
MicroStrategy ने 2026 की पहली तिमाही में $12.54 बिलियन (लगभग ₹1,04,000 करोड़) का बड़ा नेट लॉस (net loss) दर्ज किया है, जिसका मुख्य कारण बिटकॉइन होल्डिंग्स पर $14.46 बिलियन (लगभग ₹1,20,000 करोड़) का अनरियलाइज्ड लॉस (unrealized loss) है।
S&P Global Ratings ने कंपनी को जंक-लेवल क्रेडिट रेटिंग (junk-level credit rating) दी है। उनकी चिंता कंपनी के सीमित बिजनेस फोकस और इस संभावना पर है कि कर्ज़ की समय-सीमा बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट के साथ मेल खा सकती है, जिससे एसेट बेचने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
माइनिंग फर्मों या Tesla जैसी डाइवर्सिफाइड कंपनियों के विपरीत, MicroStrategy का बिजनेस अब काफी हद तक बिटकॉइन की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रॉक्सी (proxy) बन गया है, जिसे नए स्टॉक और डेट से फंड किया जाता है।
जोखिमों के बावजूद एनालिस्ट्स बुलिश
इन फाइनेंशियल जोखिमों और पिछले बारह महीनों में नेगेटिव P/E रेशियो (-13.2x) के बावजूद, वॉल स्ट्रीट के एनालिस्ट्स (analysts) MicroStrategy (MSTR) पर बुलिश (bullish) बने हुए हैं।
कंसेंसस (consensus) रेटिंग "स्ट्रॉन्ग बाय (Strong Buy)" है, जिसमें 87.76% एनालिस्ट्स खरीदने या स्ट्रॉन्ग खरीदने की सलाह दे रहे हैं। एवरेज प्राइस टारगेट $320 से $360 के बीच है, जो मौजूदा लेवल से काफी अच्छी बढ़त का संकेत देता है।
यह उम्मीद माइक्रोस्ट्रेटेजी की बिटकॉइन एक्युमुलेशन (accumulation) स्ट्रैटेजी से शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने और बिटकॉइन के डिजिटल स्टोर ऑफ वैल्यू (store of value) के रूप में ग्रोथ पर आधारित है। कंपनी का फॉरवर्ड P/E रेशियो लगभग 1.39 रहने का अनुमान है, जो भविष्य की कमाई की उम्मीदों को दर्शाता है।
