Meta Platforms: AI में लगाएंगे भारी भरकम पैसा, **8,000** कर्मचारियों की छंटनी का बड़ा ऐलान!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Meta Platforms: AI में लगाएंगे भारी भरकम पैसा, **8,000** कर्मचारियों की छंटनी का बड़ा ऐलान!
Overview

Meta Platforms अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी **2026** मई तक लगभग **8,000** कर्मचारियों, यानी अपनी वर्कफोर्स का करीब **10%**, की छंटनी करने की योजना बना रही है। यह कदम लोगों पर होने वाले खर्च को कम करके टेक्नोलॉजी पर फोकस करने का हिस्सा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

AI की दौड़ में Meta का बड़ा फैसला: 8,000 नौकरियों पर कैंची!

Meta Platforms ने अपने कर्मचारियों की संख्या घटाने का एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी 20 मई, 2026 तक करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी में है। यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 10% है। CEO मार्क जकरबर्ग ने कहा कि AI कंप्यूटिंग पावर पर बढ़ते खर्चों को मैनेज करने के लिए यह छंटनी जरूरी है। साथ ही, कंपनी 6,000 खाली पदों पर भर्ती पर भी रोक लगा रही है।

Meta का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस वक्त $1.55 ट्रिलियन है और इसका P/E रेश्यो लगभग 24-25 के आसपास बना हुआ है। कंपनी ने 2026 की पहली तिमाही में 33% की शानदार ईयर-ओवर-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन इस छंटनी के ऐलान के बाद स्टॉक में गिरावट देखने को मिली। ऐसा इसलिए है क्योंकि निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी-भरकम खर्चों को लेकर चिंतित हैं। कंपनी ने 2026 के लिए अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) का अनुमान $125-$145 बिलियन तक बढ़ा दिया है। 2026 की पहली तिमाही में कंपनी के ऑपरेशनल खर्चे 35% बढ़े हैं, जो दिखाता है कि खर्चों में बढ़ोतरी हो रही है।

AI रेस और निवेशकों का दबाव

AI के क्षेत्र में Meta, Amazon, Alphabet और Microsoft जैसी दिग्गजों से सीधी टक्कर ले रही है। इन सभी कंपनियों ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश किया है। Meta का P/E रेश्यो जहां 24-25 के आसपास है, वहीं Microsoft जैसे प्रतिस्पर्धी 21.64 के फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि AI के कारण वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आ सकती है।

ज्यादातर एनालिस्ट्स Meta के स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस में अच्छी-खासी तेजी की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स Meta के AI पर हो रहे भारी खर्चों पर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को लेकर चिंता जता रहे हैं, खासकर जब Google और Amazon जैसी कंपनियों के पास AI से कमाई के स्पष्ट रास्ते दिख रहे हैं। पिछली बार भी Meta ने जब बड़ी छंटनी का ऐलान किया था, तो स्टॉक ने नेगेटिव रिएक्शन दिया था, हालांकि बाद में उसने रिकवर किया। 2026 में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अनुमानित $650 बिलियन का खर्च एक बड़ा ट्रेंड है, जिसमें ग्रोथ की उम्मीद के साथ 'AI बबल' का खतरा भी है।

ROI पर सवाल और संसाधनों का शिफ्ट

Meta जहां छंटनी को AI में निवेश के लिए फंड जुटाने का एक तरीका बता रही है, वहीं कर्मचारियों से पैसा निकालकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाने से ROI और कंपनी की लॉन्ग-टर्म वायबिलिटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान 2026 के लिए $10 बिलियन बढ़ा दिया गया है। 2026 की पहली तिमाही में 35% खर्चों में बढ़ोतरी के साथ, यह एक लंबी निवेश अवधि का संकेत देता है, जिससे तुरंत लाभ की उम्मीद कम है। यह स्ट्रैटेजी मुनाफे को कम कर सकती है और स्टॉक पर दबाव बढ़ा सकती है, खासकर जब प्रतिस्पर्धियों के पास AI से कमाई के बेहतर प्लान हैं। यह भी हो सकता है कि AI के नाम पर सिर्फ लागत कम करने की कोशिश की जा रही हो। इससे AI पर सीधे काम नहीं कर रहे टैलेंटेड कर्मचारियों का नुकसान हो सकता है और उनका मनोबल भी गिर सकता है। भारत में, डायरेक्ट जॉब कट्स का असर सिर्फ कुछ सौ कर्मचारियों पर होगा, लेकिन भर्ती पर लगी रोक से नए और अनुभवी पेशेवरों के लिए मौके कम हो जाएंगे, जो Meta के लिए एक महत्वपूर्ण टैलेंट हब है। Meta अभी भी 97.8% रेवेन्यू के लिए एडवरटाइजिंग पर निर्भर है, जो एक बड़ा रिस्क है अगर AI से नए रेवेन्यू सोर्स नहीं बने।

AI निवेश और ग्रोथ में संतुलन

एनालिस्ट्स ज्यादातर Meta को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। वे AI और कोर एडवरटाइजिंग बिजनेस से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। कंपनी के स्ट्रेटेजिक निवेश, जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शामिल है, को भविष्य की कॉम्पिटिटिवनेस और आय में बढ़ोतरी के लिए अहम माना जा रहा है। Meta का रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान मजबूत बना हुआ है, जिसका सपोर्ट उसके डोमिनेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और नए क्षेत्रों में विस्तार से मिल रहा है। हालांकि, कंपनी को AI खर्चों पर स्पष्ट रिटर्न दिखाने और निवेशकों को धैर्य बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। AI मॉडल्स जैसे Muse Spark को मोनेटाइज करना, स्टॉक वैल्यू को सही ठहराने और बदलते टेक लैंडस्केप में टिके रहने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.