AI के लिए Meta का बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग
Meta Platforms ने अपनी ग्लोबल टीम में एक बड़ा फेरबदल करते हुए लगभग 10% कर्मचारियों, यानि करीब 8,000 लोगों की छंटनी का ऐलान किया है। इसके साथ ही, कंपनी 7,000 कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी नई भूमिकाओं में ट्रांसफर कर रही है। कंपनी का कहना है कि ये बदलाव ऑर्गनाइजेशन को ज़्यादा चुस्त (agile) और फ्लैट बनाने के लिए किए जा रहे हैं, और इसमें AI के सिद्धांतों का भी सहारा लिया गया है। यह पूरा रीस्ट्रक्चरिंग Meta के $1.55 ट्रिलियन मार्केट कैप वाली कंपनी के कुल वर्कफ़ोर्स का करीब 20% प्रभावित करेगा।
डेटा कलेक्शन पर कर्मचारियों का विरोध
AI में इस आक्रामक निवेश के बावजूद, कंपनी के अंदर ही विरोध के सुर उठने लगे हैं। 1,000 से ज़्यादा कर्मचारियों ने एक पिटीशन पर हस्ताक्षर कर AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे एम्प्लॉई मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर पर आपत्ति जताई है। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर के ज़रिए कर्मचारियों के कंप्यूटर डेटा को इकट्ठा किया जा रहा है, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मैनेजमेंट की ओर से ट्रांसपेरेंसी की कमी है। इस बीच, कर्मचारियों के कुल मुआवजे (median total compensation) में भी गिरावट आई है, जो 2024 में $417,400 से घटकर 2025 में $388,200 रह गया है, जिसका एक कारण स्टॉक-बेस्ड रेज़ में कमी आना भी बताया जा रहा है।
AI में भारी निवेश और मार्केट का रिएक्शन
Meta AI इंफ्रास्ट्रक्चर, कस्टम चिप्स और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) में बड़े पैमाने पर पैसा लगा रही है, ताकि AI एजेंट्स को अपने प्रोडक्ट्स और ऑपरेशन्स में गहराई से शामिल किया जा सके। इस स्ट्रेटेजिक बदलाव के बीच Meta का शेयर पिछले 30 दिनों में करीब 10% गिरा है और अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से 22% नीचे ट्रेड कर रहा है। कई एनालिस्टों ने $817.71 के औसत टारगेट प्राइस के साथ इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग दी है, लेकिन कुछ एग्जीक्यूशन रिस्क को देखते हुए अपने टारगेट कम कर चुके हैं।
AI पुश के रिस्क
Meta की यह स्ट्रेटेजी कई मायनों में जोखिम भरी हो सकती है। एक तरफ, AI ट्रेनिंग के तरीकों पर कर्मचारियों का विरोध और घटता मुआवजा टॉप AI टैलेंट को दूर कर सकता है। खास तौर पर, टॉप AI रिसर्चर्स को जहां $100 मिलियन तक के पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं, वहीं आम कर्मचारियों का मुआवजा कम हो रहा है। इससे एक 'टू-टियर' वर्कफ़ोर्स बन सकता है। इसके अलावा, कंपनी के आक्रामक डेटा कलेक्शन के तरीके रेगुलेटरी जांच के घेरे में आ सकते हैं। Microsoft और Google जैसी कंपनियाँ भी AI में भारी निवेश कर रही हैं, ऐसे में Meta की ह्यूमन कैपिटल स्ट्रेटेजी उसके लिए एक अहम अंतर पैदा करेगी।