AI से बढ़ी सेल्स और एफिशिएंसी
Meesho के नतीजों में AI का कमाल साफ दिख रहा है। कंपनी ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल करके अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर बनाने में कामयाब रही है, जिससे घाटा भी काफी कम हुआ है। Q4 FY26 में नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) पिछले साल के मुकाबले 43% बढ़कर ₹11,371 करोड़ हो गई। इसी दौरान घाटे में 66% की भारी कमी आई, जो दिखाता है कि कंपनी की एफिशिएंसी में कितना सुधार हुआ है।
कंट्रीब्यूशन मार्जिन NMV का 4.0% रहा। वहीं, एडजस्टेड इबिट्डा (मार्केटप्लेस) में 245 बेसिस पॉइंट्स की तिमाही-दर-तिमाही बढ़ोतरी देखी गई, जो NMV का -1.7% तक पहुंच गया। AI-पावर्ड लॉजिस्टिक्स जैसे Atlas सिस्टम, बेहतर एड्रेस सिस्टम Geo-India, और AI शॉपिंग एजेंट Vaani (जिसने कन्वर्जन रेट 22% बढ़ाया) ने डिलीवरी कॉस्ट कम की और गलतियां घटाईं। कुल ऑर्डर वॉल्यूम भी GMV के साथ बढ़ा, Q4 में 717 मिलियन ऑर्डर आए, जो 43% ज्यादा हैं।
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए, NMV 39% बढ़कर ₹41,560 करोड़ रहा। एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) 264 मिलियन तक पहुंच गए, जो 33% ज्यादा हैं। प्लेटफॉर्म पर सालाना 2.67 बिलियन ऑर्डर हैंडल किए गए, और हर यूजर ने औसतन 10.1 बार ऑर्डर किया। PRISM (रेकमेंडेशन के लिए) और Trendpulse (ट्रेंड की पहचान के लिए) जैसे AI टूल्स के अलावा, AI वॉइस एजेंट अब सेलर्स के लिए हर दिन करीब 300,000 कॉल हैंडल करते हैं।
भारत के बढ़ते ई-कॉमर्स मार्केट में Meesho
Meesho भारत के बढ़ते ई-कॉमर्स मार्केट का फायदा उठा रही है, जिसके 2026 में 12.4% की ग्रोथ के साथ ₹19.7 ट्रिलियन ($225.9 बिलियन) तक पहुंचने की उम्मीद है। बढ़ती कंज्यूमर डिमांड, डिजिटल पेमेंट्स पर भरोसा और AI शॉपिंग टूल्स के इस्तेमाल से यह ग्रोथ आ रही है। हालांकि, Flipkart और Amazon जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन Meesho की AI का उपयोग करके अंडरसर्व्ड सेगमेंट को टारगेट करने की रणनीति उसे अलग बनाती है। Meesho Mall और Content Commerce जैसे नए फॉर्मेट्स में भी Q4 FY26 में क्रमशः 82% और 105% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई। कंपनी FY26 में भारत का सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला शॉपिंग ऐप और ATUs व ऑर्डर प्लेसमेंट के हिसाब से सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म रही।
वैल्यूएशन का पेच: एनालिस्ट्स की चिंता
शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और मार्केट एक्सपेंशन के बावजूद, एनालिस्ट्स Meesho के मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर थोड़े चिंतित हैं। 7 मई, 2026 तक, Meesho Ltd. का शेयर 4% बढ़कर ₹204.35 पर था। लेकिन कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो अभी भी निगेटिव है, जो -108.1 और -28.71 के आसपास बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी अभी तक प्रॉफिटेबल नहीं है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹897.7 बिलियन है।
एशियाई मल्टीलाइन रिटेल इंडस्ट्री के मुकाबले, Meesho का प्राइस-टू-सेल्स (P/S) रेश्यो 7.8x है, जो इंडस्ट्री एवरेज 1x और पीयर एवरेज 1.9x से काफी ज्यादा है। साथ ही, कंपनी लगातार निगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) रिपोर्ट कर रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अपने कैपिटल को शेयरहोल्डर वैल्यू बनाने में उतनी कुशलता से इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। स्टॉक अपनी बुक वैल्यू से करीब 20.4 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ये सब मिलकर हाई वैल्यूएशन की ओर इशारा करते हैं, खासकर तब जब कंपनी अभी तक टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी साबित नहीं कर पाई है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। कुछ एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जो मजबूत यूजर ग्रोथ और इकोसिस्टम एक्सपेंशन का हवाला देते हैं। वहीं, Choice जैसे एनालिस्ट्स ने अपनी रेटिंग डाउनग्रेड की है, हालांकि टारगेट प्राइस ₹210 रखा है। नौ एनालिस्ट्स का कंसेंसस एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹187.11 है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 4.67% की संभावित गिरावट का संकेत देता है। कुछ रिपोर्ट्स में टेक्निकल इंडिकेटर्स को स्ट्रेच्ड बताया जा रहा है और मौजूदा प्राइस पर नए बायर्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Meesho का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह AI की एफिशिएंसी को स्थिर मुनाफे में कैसे बदल पाती है और अपने मौजूदा मार्केट वैल्यू को कैसे सही साबित करती है।
