₹1500 करोड़ की टैक्स डिमांड ने मचाया हड़कंप
Meesho के शेयरधारकों के लिए सोमवार का दिन बुरी खबरों वाला रहा। कंपनी के शेयर BSE पर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए और 10% का लोअर सर्किट लग गया। इसकी मुख्य वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिले ₹1,499.73 करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस को माना जा रहा है। यह नोटिस असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए लागू ब्याज सहित है।
कंपनी ने एक्सचेंज को बताया है कि वह इस ऑर्डर का मूल्यांकन कर रही है, लेकिन इसमें किए गए समायोजनों से सहमत नहीं है। Meesho का कहना है कि उनके पास इस डिमांड को चुनौती देने के मजबूत कानूनी और तथ्यात्मक आधार हैं और वे अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले असेसमेंट ईयर (2022-23) के लिए इसी तरह की एक डिमांड पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने पहले ही अंतरिम राहत (interim stay) दे रखी है।
Meesho ने निवेशकों को आश्वासन दिया है कि मौजूदा टैक्स डिमांड नोटिस का कंपनी की वित्तीय स्थिति या ऑपरेशंस पर कोई बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कंपनी के Q3FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। इस तिमाही में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹490.7 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹37.4 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 32% का इजाफा हुआ और यह ₹3,517.6 करोड़ रहा।
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले दो तिमाहियों में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट रिकवरी और यूजर ग्रोथ से होने वाले ऑपरेशनल लिवरेज के चलते एडजस्टेड EBITDA मार्जिन में काफी सुधार देखने को मिलेगा। JM Financial Institutional Securities के एनालिस्ट्स Meesho की भारतीय ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स में मजबूत स्थिति को स्वीकार करते हैं, लेकिन वे प्रतिस्पर्धी माहौल, लॉजिस्टिक्स लागत में ठहराव जैसे जोखिमों की ओर भी इशारा करते हैं। वहीं, नई मोनेटाइजेशन स्ट्रीम्स (monetization streams) से कंपनी को फायदा हो सकता है।