ब्रोकरेज की 'Buy' रेटिंग ने बढ़ाई चाल
गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को Meesho के शेयरों ने निवेशकों को खुश कर दिया। इंट्राडे ट्रेड में स्टॉक लगभग 13% चढ़ गया। इस उछाल के साथ ही ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, दोपहर तक करीब 50 मिलियन शेयर खरीदे-बेचे गए। इस शानदार तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities का एक नया कवरेज रिपोर्ट है। फर्म ने ई-कॉमर्स कंपनी पर 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹190 का प्राइस टारगेट तय किया है। रिपोर्ट के समय, शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 8.5% बढ़कर ₹165.85 पर ट्रेड कर रहे थे। दिसंबर 2025 में ₹111 के IPO प्राइस की तुलना में यह स्टॉक लगभग 55% ऊपर चल रहा है।
Meesho का अनोखा बिजनेस मॉडल
Equirus Securities का मानना है कि Meesho का बिजनेस मॉडल इसे खास बनाता है। कंपनी खास तौर पर प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों को टारगेट करती है और कम कीमत वाले, हाई-वॉल्यूम की बिक्री पर ध्यान केंद्रित करती है। यह मॉडल कम लागत वाले सामानों की एक बड़ी रेंज पेश करके ई-कॉमर्स दिग्गजों जैसे Amazon और Flipkart के लिए बड़ी चुनौती पेश करता है। Meesho की जीरो-कमीशन मॉडल सेलर्स के लिए जुड़ना आसान बनाती है, जिससे कई कम दाम के प्रोडक्ट्स उपलब्ध होते हैं। यह वॉल्यूम-आधारित ग्रोथ, सिर्फ ट्रांजेक्शन वैल्यू बढ़ाने के बजाय, एक टिकाऊ बिजनेस इंजन बनाने वाला माना जा रहा है।
घाटे की चिंता बरकरार
विश्लेषकों की सकारात्मक राय और शेयर में तेजी के बावजूद, Meesho के लिए प्रॉफिटेबिलिटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में ₹490 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछली अवधि की तुलना में ज्यादा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY25 से FY30 के बीच Meesho का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 26% की CAGR से बढ़ेगा और एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 4.3% तक पहुंच जाएगा। हालांकि, इतने बड़े घाटे से इन मार्जिन तक पहुंचना एक कठिन काम है।
निवेशकों के लिए जोखिम
Equirus Securities की 'Buy' रेटिंग के बावजूद, निवेशकों को कुछ बड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना होगा। भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में Amazon और Flipkart जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इन कंपनियों के पास गहरे संसाधन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और वफादार ग्राहक आधार है। Meesho का प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों और जीरो-कमीशन मॉडल पर ध्यान केंद्रित करने का मतलब है कि उसे भारी मात्रा में बिक्री की आवश्यकता होगी। Q3FY26 के बढ़ते घाटे से पता चलता है कि कंपनी अभी तक लाभप्रदता हासिल नहीं कर पाई है। इसके अलावा, भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में संभावित रेगुलेटरी बदलाव और लागतों को नियंत्रित करने की चुनौती भी महत्वपूर्ण है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Meesho अपनी मजबूत NMV ग्रोथ को टिकाऊ मुनाफे में बदल पाएगी।