मुनाफे में जबरदस्त सुधार
Meesho के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने लाभप्रदता (profitability) के मामले में एक बड़ी छलांग लगाई है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में नेट लॉस में 88% की भारी कमी आई है, जो घटकर ₹166.3 करोड़ रह गया। इस सुधार की मुख्य वजह ऑपरेशन से होने वाली आय (revenue from operations) में 47% की जोरदार वृद्धि रही, जो ₹3,531.2 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी ने खर्चों (expenses) पर भी बेहतर नियंत्रण दिखाया, क्योंकि कुल खर्चे केवल 44% बढ़े, जो रेवेन्यू ग्रोथ के साथ तालमेल बिठाते हुए लागत प्रबंधन (cost control) को दर्शाता है।
ग्रोथ के आंकड़े क्या कहते हैं?
ऑपरेशनल स्तर पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) में 43% का इजाफा हुआ और यह ₹11,371 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, कुल ऑर्डर्स की संख्या बढ़कर 71.7 करोड़ (717 million) हो गई। लाभप्रदता के अन्य मापदंडों (metrics) में भी सुधार देखा गया, जिसमें कंट्रीब्यूशन मार्जिन NMV का 4.0% रहा। पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) की बात करें तो, सालाना ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (annual transacting users) 33% बढ़कर 26.4 करोड़ (264 million) हो गए, जबकि कुल ऑर्डर्स 45% बढ़कर 2.67 अरब (2.67 billion) तक पहुंच गए।
CEO ने बताई भारत की क्षमता और AI का कमाल
Meesho के फाउंडर और CEO, विदित आत्रेय (Vidit Aatrey) ने भारत में ई-कॉमर्स की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश में केवल 30% स्मार्टफोन यूजर्स ही ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जो चीन जैसे देशों की तुलना में काफी कम है। आत्रेय का मानना है कि AI-संचालित पर्सनलाइजेशन, वॉयस शॉपिंग और बेहतर एड्रेस रिकग्निशन जैसे टूल्स के कारण नए यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आसान हुआ है, जिससे ट्रांजैक्शन बढ़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी की बाधाएं कम होंगी, भारत का ई-कॉमर्स बाजार और बड़ा होगा और Meesho इसका फायदा उठाएगा।
नतीजों के बाद शेयर क्यों गिरा?
इन तमाम सकारात्मक डेवलपमेंट के बावजूद, सोमवार को BSE पर Meesho के शेयर 3.77% गिरकर ₹196.50 पर बंद हुए। यह शेयर बाजार में एक आम प्रतिक्रिया है, जिसे 'पोस्ट-अर्निंग्स रिएक्शन' कहा जाता है। अक्सर, मजबूत नतीजे आने के बाद निवेशक मुनाफावसूली (profit-taking) करते हैं, जिससे शेयर की कीमत में कुछ गिरावट आ सकती है।
