मुनाफे में सुधार, पर ऑपरेटिंग खर्चों का टेंशन
Meesho ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹166.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,391 करोड़ था। यह 88% की बड़ी कमी है। इसी के साथ, कंपनी का रेवेन्यू भी 47% बढ़कर ₹3,531 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹2,400 करोड़ था। यह टॉप-लाइन ग्रोथ अच्छी है, लेकिन दूसरी तरफ, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन एंड एमोर्टाइजेशन (EBITDA) का लॉस ₹233 करोड़ से बढ़कर ₹255 करोड़ हो गया है। यह दिखाता है कि कंपनी के कोर बिजनेस के खर्च तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, Meesho का नेट लॉस घटकर ₹1,357.73 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹3,941.70 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) अभी भी -264% पर बना हुआ है, जो इंगित करता है कि कंपनी अभी भी लाभप्रदता से काफी दूर है।
ई-कॉमर्स मार्केट में कड़ी टक्कर
Meesho भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट में एक बेहद कॉम्पिटिटिव माहौल में काम कर रही है। इसके प्रतिद्वंद्वी, जैसे Flipkart, ने FY25 में ₹20,493 करोड़ के रेवेन्यू पर अपने मार्केटप्लेस आर्म का लॉस घटाकर ₹1,494 करोड़ कर लिया। वहीं, Reliance Retail ने FY26 में ₹3.70 लाख करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू दर्ज किया। भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट के $300 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन अभी ग्रोथ घटकर 10-12% रह गई है। ऐसे में, खर्चों को कंट्रोल में रखना एक बड़ी चुनौती है, जिसका असर Meesho के EBITDA लॉस में दिख रहा है।
एनालिस्ट्स क्या कहते हैं?
ज्यादातर एनालिस्ट्स Meesho को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका अनुमान है कि शेयर का टारगेट प्राइस अगले 12 महीनों में ₹187.11 के आसपास रह सकता है। JP Morgan ने तो 'Overweight' रेटिंग के साथ ₹215 का टारगेट दिया है। उनका मानना है कि विज्ञापन (Advertising) और लॉजिस्टिक्स (Logistics) से कंपनी की EBITDA मार्जिन FY31 तक 4% तक बढ़ सकती है। कंपनी अपनी कमाई बढ़ाने के लिए विज्ञापन, लॉजिस्टिक्स और फिनटेक सेवाओं पर फोकस कर रही है।
मुख्य चिंताएं
Q4 FY26 में EBITDA लॉस का बढ़ना एक बड़ी चिंता है। यह बताता है कि रेवेन्यू बढ़ाने के चक्कर में कंपनी भारी ऑपरेशनल खर्च कर रही है। कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है, लेकिन नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) कुछ अक्षमताओं की ओर इशारा करते हैं। Amazon, Flipkart और Reliance Retail जैसे दिग्गजों से लगातार प्रतिस्पर्धा के चलते प्राइसिंग और मार्केटिंग पर दबाव बना हुआ है। पिछले क्वार्टर (Q3 FY26) में नेट लॉस 13 गुना बढ़कर ₹490.7 करोड़ हो गया था, भले ही रेवेन्यू बढ़ा था।
आगे की राह
Meesho का FY26 का प्रदर्शन यूजर बेस और ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) बढ़ाने पर जोर देता है। भविष्य में मुनाफा कमाने की योजना नए मोनेटाइजेशन स्रोतों से जुड़ी है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी में ग्रोथ की काफी संभावना है, लेकिन इसके लिए लागत प्रबंधन और मोनेटाइजेशन रणनीति का सफल एग्जीक्यूशन बहुत ज़रूरी होगा। Meesho भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट को लेकर उत्साहित है, लेकिन टिकाऊ लाभप्रदता (sustainable profitability) तक पहुंचना एक अहम पड़ाव होगा जिस पर निवेशकों की नज़र रहेगी।
