शॉपिंग को आवाज़ से बनाएं और भी आसान
'Vaani - Your Meesho Dost' नाम का यह असिस्टेंट खास तौर पर उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें टाइपिंग, फ़िल्टर (Filters) या कीवर्ड सर्च (Keyword Search) करने में मुश्किल आती है। यह नेचुरल लैंग्वेज (Natural Language) का इस्तेमाल करता है, जिससे ग्राहक आसानी से प्रोडक्ट खोज सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं और खरीदारी पूरी कर सकते हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे वे किसी फिजिकल स्टोर में करते हैं।
शुरुआती नतीजों में दिखा 22% कन्वर्जन बूस्ट
फरवरी 2026 से शुरू हुए शुरुआती टेस्ट में, 'Vaani' ने 15 लाख से ज़्यादा यूज़र्स को एंगेज किया। Meesho ने बताया कि इससे कन्वर्जन रेट में 22% की बढ़ोतरी हुई। प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट रिटर्न और कैंसिलेशन (Cancellations) भी कम हुए, जिससे पता चलता है कि कस्टमर्स ज़्यादा संतुष्ट थे और उन्होंने ज़्यादा सटीक खरीदारी की।
Meesho ने AI एक्यूरेसी के लिए लगाए 'गार्डरेल्स'
Meesho के को-फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (Chief Technology Officer), संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) ने AI एक्यूरेसी (Accuracy) को लेकर संभावित चिंताओं को दूर किया। उन्होंने कहा कि कंपनी मज़बूत 'गार्डरेल्स और इवैल्यूएशन मेट्रिक्स (Evaluation Metrics)' का इस्तेमाल करती है। कुमार ने Meesho के मौजूदा AI वॉयस-बॉट का भी ज़िक्र किया जो कस्टमर सपोर्ट (Customer Support) संभालता है। यह रोज़ाना हज़ारों कॉल्स हैंडल करता है और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल में ह्यूमन एजेंट्स (Human Agents) से बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस स्कोर करता है।
AI से Meesho का ग्रोथ और विस्तार
कुमार ने कहा, "Meesho में, स्केल के लिए बिल्डिंग (Building for scale) के तरीके में AI हमेशा से核心 रहा है।" सालाना 25.1 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स के साथ, कंपनी भारतीय शॉपिंग व्यवहार को गहराई से समझती है। यह ज्ञान Meesho को इनोवेट (Innovate) करने और कंज्यूमर्स (Consumers) की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करता है, साथ ही AI का इस्तेमाल करके एक बड़े और विविध बाज़ार की प्रभावी ढंग से सेवा करता है। दूसरी रीजनल भाषाओं (Regional Languages) में विस्तार को अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
