MakeMyTrip का AI असिस्टेंट Myra 2.0 लॉन्च: भारत के अगले अरब यूजर्स के लिए गेम-चेंजर?

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AuthorAditya Rao|Published at:
MakeMyTrip का AI असिस्टेंट Myra 2.0 लॉन्च: भारत के अगले अरब यूजर्स के लिए गेम-चेंजर?
Overview

MakeMyTrip ने Myra 2.0 नाम से एक नया AI ट्रैवल असिस्टेंट लॉन्च किया है, जो आसान वॉयस और टेक्स्ट बुकिंग की सुविधा देता है। इसका मुख्य लक्ष्य भारत के टियर-2 शहरों और छोटे कस्बों के यूजर्स तक पहुंचना है।

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Myra 2.0 से कैसे बदलेगा बुकिंग का तरीका?

Myra 2.0 सिर्फ एक अपडेट नहीं, बल्कि MakeMyTrip की एक बड़ी स्ट्रेटेजी है। कंपनी का फोकस अब भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के उन लोगों पर है, जिन्हें अक्सर ट्रेडिशनल ट्रैवल वेबसाइट्स से बुक करना मुश्किल लगता है। Myra 2.0 लोकल भाषा और वॉयस कमांड्स के जरिए ट्रैवल बुकिंग को बेहद आसान बना देगा।

AI की ताकत से मार्केट शेयर बढ़ाएगी कंपनी

Myra 2.0 के साथ MakeMyTrip, बड़े शहरों के बाहर बढ़ते डिजिटल ट्रैवल मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। यह AI असिस्टेंट बुकिंग प्रोसेस को पूरा हैंडल कर सकता है - ऑप्शन ढूंढने से लेकर पेमेंट पूरा करने तक, सब कुछ एक ही चैट में। यह खासकर नॉन-मेट्रो इलाकों के लिए अहम है, जहां वॉयस क्वेरीज़ (अक्सर हिंग्लिश में) टाइप की गई क्वेरीज़ से ज़्यादा डिटेल वाली होती हैं।

कंपनी हर तिमाही में करीब 3 मिलियन कस्टमर कन्वर्सेशन हैंडल करती है, जिसमें से 45% से ज़्यादा टियर-2 शहरों और छोटे कस्बों से आते हैं। Myra के साथ जुड़ने वाले यूजर्स की बुकिंग सक्सेस रेट 10% ज़्यादा पाई गई है। 8 भाषाओं में वॉयस बुकिंग और पासपोर्ट की जानकारी ऑटो-फिल जैसी सुविधाएं इसे और भी खास बनाती हैं।

कॉम्पिटिशन और मार्केट ग्रोथ

MakeMyTrip भारत के ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट में 50% से ज़्यादा शेयर के साथ लीड कर रहा है, लेकिन कॉम्पिटिशन कड़ा है। ixigo जैसी कंपनियां भी अपने 'Tara' जैसे AI असिस्टेंट में भारी निवेश कर रही हैं। यह AI पर फोकस इसलिए है क्योंकि दुनिया भर के ट्रैवलर्स, खासकर भारत में, अब सेफ्टी, फ्लेक्सिबिलिटी और आसान प्लानिंग चाहते हैं। अनुमान है कि 2026 तक 68% भारतीय ट्रैवलर्स AI का इस्तेमाल करेंगे। भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट 2031 तक बढ़कर $38.58 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 8.74% की सालाना ग्रोथ देखी जा सकती है। MakeMyTrip की AI में गहरी दिलचस्पी पहले भी दिखी है, जैसे कि 2026 में OpenAI के साथ पार्टनरशिप से स्टॉक में 7.75% की तेजी आई थी।

AI के रिस्क और बिजनेस मॉडल पर खतरा

AI पर फोकस के बावजूद MakeMyTrip के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। इन्वेस्टर्स को चिंता है कि AI कैसे कस्टमर्स के ट्रैवल ऑप्शन ढूंढने के तरीके को बदल सकता है, जिससे बुकिंग फीस (टेक रेट्स) कम हो सकती है और पर्सनल सर्विस के लिए लागत बढ़ सकती है। बैंक ऑफ अमेरिका ने बताया है कि MakeMyTrip का वैल्यूएशन मल्टीपल इस साल 35% गिरा है। वहीं, कॉम्पिटिटर ixigo का P/E रेश्यो 90.83-127.70 के बीच है, जो सेक्टर के वैल्यूएशन पर बहस छेड़ रहा है। MakeMyTrip के बिजनेस मॉडल के लिए एक बड़ा खतरा एयरलाइंस का अपना 'वन-क्लिक' AI बुकिंग साइट बनाना है, जिससे वे ट्रैवल एजेंट्स और उनके कमीशन से बच सकें।

एनालिस्ट्स की राय और फ्यूचर अर्निंग्स

एनालिस्ट्स की राय आमतौर पर MakeMyTrip के पक्ष में है। मई 2026 तक, 3 एनालिस्ट्स ने इसे "Strong Buy" रेटिंग दी थी, जिनका एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट $101 था, जो 130% से ज़्यादा की संभावित उछाल का संकेत देता है। हालांकि, हाल की कुछ रिपोर्ट्स में थोड़ा संतुलित नज़रिया है। मई 2026 तक 5 ब्रोकरेज फर्मों ने इसे "Moderate Buy" रेटिंग दी थी। Citigroup ने हाल ही में अपना प्राइस टारगेट घटाकर $80 कर दिया है। MakeMyTrip का P/E रेश्यो, जो करीब 90-100 है, एक हाई वैल्यूएशन दिखाता है जिस पर इन्वेस्टर्स बारीकी से नज़र रखेंगे। कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजे 19 मई, 2026 को जारी करने वाली है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.