डीपटेक की राह पर Harvested Robotics
हैदराबाद स्थित Agri-tech स्टार्टअप Harvested Robotics ने ₹5 करोड़ की सीड फंडिंग हासिल करके अपना सफर तेज कर दिया है। 2023 में दो युवा इंजीनियरों, राहुल अरेपका और जॉर्ज मैथ्यू द्वारा स्थापित इस कंपनी को Arali Ventures ने लीड किया है, जिसमें Mahindra University के AIC e-Hub से ₹20 लाख और इनक्यूबेटर स्पेस का शुरुआती सहारा मिला। खुद उद्योगपति आनंद महिंद्रा का एंजेल इन्वेस्टर के तौर पर जुड़ना, इस स्टार्टअप के भविष्य के प्रति एक बड़ा संकेत है।
'Rakshak' का दम: AI से खरपतवार का सफाया
कंपनी का मुख्य प्रोडक्ट 'Rakshak' है। यह एक AI-पावर्ड, ट्रैक्टर पर लगने वाला लेजर वीडर है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाए बिना सटीक रूप से खरपतवारों को खत्म करने का काम करता है। यह पारंपरिक रासायनिक तरीकों का एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प पेश करता है। इस फंड का उपयोग प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टीम विस्तार और पायलट प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा, ताकि गो-टू-मार्केट स्ट्रेटेजी को गति मिल सके।
मार्केट में कड़ा मुकाबला और Deeptech की चुनौतियां
Harvested Robotics का लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते Agri-tech मार्केट में अपनी जगह बनाना है, जिसके 2034 तक 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, इस क्षेत्र में मुकाबला काफी कड़ा है। अमेरिका की Carbon Robotics, जो लेजर वीडिंग में अग्रणी है, ने अक्टूबर 2024 में ही 70 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए थे, जिससे उसकी कुल फंडिंग 157 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई है। वहीं, John Deere जैसी दिग्गज कंपनियां भी AI-आधारित वीडिंग टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं, जैसे उन्होंने 2017 में Blue River Technology को 305 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था।
Deeptech हार्डवेयर स्टार्टअप के लिए 'Rakshak' जैसी तकनीक को प्रोटोटाइप से एक बड़े पैमाने पर कमर्शियल प्रोडक्ट में बदलना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें भारी डेवलपमेंट लागत, लंबे प्रोडक्ट साइकिल्स, जटिल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन का प्रबंधन शामिल है। सस्ते केमिकल हर्बिसाइड्स की तुलना में लेजर वीडिंग की लागत-प्रभावशीलता और प्रभावशीलता को साबित करना भी एक बड़ी बाधा है। ₹5 करोड़ की यह फंडिंग, सीड राउंड के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा करने, किसानों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने और बड़े खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए भविष्य में और भी बड़े निवेश की ज़रूरत होगी।
भविष्य की राह
सरकार द्वारा डिजिटल एग्रीकल्चर और सस्टेनेबल फार्मिंग को बढ़ावा देने के बीच, Harvested Robotics की तकनीक सही दिशा में है। लेकिन, कंपनी की असली परीक्षा यह साबित करने में होगी कि क्या वह बड़े प्रतिद्वंद्वियों के बीच अपनी तकनीक को सफल और किफायती बना पाती है।