IPO लॉक-इन का असर, शेयर गिरे
Lenskart Solutions Ltd. के शेयरों में गुरुवार, 7 मई 2026 को 2% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जो BSE पर लगभग ₹475.80 पर आ गए। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का छह महीने का IPO लॉक-इन पीरियड खत्म होना था। इसके चलते बाजार में करीब 104.7 करोड़ शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए, जिनकी कीमत ₹51,000 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी के ~4% शेयरों की संभावित ब्लॉक डील की खबरों ने भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया, जिससे सप्लाई बढ़ने का दबाव और बढ़ गया।
यह शेयर की गिरावट दिखाती है कि बाजार Lenskart के शेयरों की बढ़ी हुई सप्लाई के लिए तैयार हो रहा है। हालांकि लॉक-अप खत्म होने के बाद निवेशकों को शेयर बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जाता, बड़े स्टेक के बिकने की संभावना अक्सर सावधानी बरतने को प्रेरित करती है। यह Lenskart के लिए एक अहम क्षण है, क्योंकि लिस्टिंग के बाद से स्टॉक पहले ही अपने सबसे निचले स्तर से 57% से ज्यादा चढ़ चुका था और अप्रैल 2026 में ₹559.80 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था।
Lenskart की आसमान छूती वैल्यूएशन
Lenskart का मार्केट कैप अभी ₹84,000 से ₹89,000 करोड़ के बीच है। पिछले बारह महीनों (TTM) के लिए इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो बहुत ज्यादा, 224 से 295 के बीच है। यह इसके पीयर्स (peers) के औसत P/E ~81.44 से काफी ऊपर है। इतनी ऊंची वैल्यूएशन के बावजूद, Lenskart का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) पिछले तीन सालों में 1.16% से 4.32% के बीच कम रहा है। Q3 FY26 में इसका नेट प्रॉफिट मार्जिन 5.58% था। हाई P/E रेश्यो बताता है कि निवेशक भविष्य में भारी ग्रोथ और प्रॉफिट की उम्मीद कर रहे हैं, जो कि बढ़ती सप्लाई और मौजूदा मार्केट मूड के सामने हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
मार्केट और सेक्टर का दबाव
2026 की शुरुआत में भारतीय टेक और कंज्यूमर सेक्टर मिले-जुले माहौल का सामना कर रहे हैं। AI और डिजिटल बदलावों के कारण टेक इंडस्ट्री में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताएं और हाई वैल्यूएशन्स सावधानी बरतने को मजबूर कर रहे हैं। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी सेगमेंट में Lenskart पर भी इन दबावों का असर दिख रहा है। भारत में, बड़े IPO लॉक-अप एक्सपायरी के बाद अक्सर स्टॉक मार्केट में अस्थिरता देखी गई है, जिसमें कीमतों में अगले कुछ हफ्तों में 5-15% तक की गिरावट आ सकती है। यह स्थिति Lenskart की अपनी हाई वैल्यूएशन को बनाए रखते हुए नए शेयरों के इनफ्लो को संभालने की क्षमता पर चिंता पैदा करती है।
Lenskart, Titan Eye Plus और EssilorLuxottica जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ-साथ Specsmakers और GKB Opticals जैसे कई ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेलर्स से मुकाबला करता है। भले ही Lenskart के ग्रॉस मार्जिन (68.1%) अच्छे हैं, लेकिन इसके नेट मार्जिन संकरे हैं। इससे रेवेन्यू ग्रोथ को ऐसे प्रॉफिट में बदलना मुश्किल हो जाता है जो मौजूदा शेयर की कीमत को सपोर्ट कर सके।
बियर्स (Bears) की चिंताएं
Lenskart का मुख्य जोखिम इसकी वैल्यूएशन है। 200 से ऊपर का P/E रेश्यो इसके कम ROE और मामूली नेट प्रॉफिट मार्जिन की तुलना में बहुत ज्यादा है, जो बताता है कि निवेशक असाधारण भविष्य की ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। IPO लॉक-इन का खत्म होना, जिससे ₹51,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर अनलॉक हुए, सीधे तौर पर इस उम्मीद को चुनौती देता है। इसके अलावा, Lenskart के प्रमोटर्स के पास कंपनी का केवल ~17.55% हिस्सा है, जिससे उनके लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट और भविष्य में संभावित बिक्री पर सवाल उठते हैं। कंपनी ने दिसंबर 2025 में समाप्त हुए 12 महीनों में ₹2.2 बिलियन का एक बड़ा वन-ऑफ गेन (one-off gain) भी रिपोर्ट किया था, जिसने इसके रिपोर्टेड अर्निंग्स को बढ़ाया था और असली ऑपरेशनल प्रॉफिट का आकलन करते समय इसे ध्यान में रखना होगा। लॉक-इन खत्म होने वाले दिन डिस्काउंट पर एक बड़ी ब्लॉक डील ने तुरंत सप्लाई प्रेशर के बारे में मार्केट की चिंताओं की पुष्टि की।
एनालिस्ट की राय और अगले कदम
मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट आम तौर पर Lenskart Solutions के बारे में पॉजिटिव बने हुए हैं, 'Buy' रेटिंग और टारगेट प्राइस सुझा रहे हैं जो संभावित लाभ का संकेत देते हैं। हालांकि, इस आशावाद को कंपनी की हाई वैल्यूएशन और तत्काल सप्लाई प्रेशर के मुकाबले संतुलित करने की जरूरत है। Lenskart अपनी Q4 FY26 के नतीजे 20 मई 2026 को जारी करने वाला है, जो उसके प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं पर अहम अपडेट देगा। निवेशक बारीकी से देखेंगे कि मैनेजमेंट बढ़ी हुई शेयर सप्लाई को कैसे संभालता है और अपनी प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए ग्रोथ बनाए रखता है।
