नतीजों और AI होप्स का डबल बूस्ट!
Latent View Analytics के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। कंपनी के शेयरों में 8% की बड़ी उछाल आई है, जो पिछले तीन दिनों से जारी तेजी का ही हिस्सा है। इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह कंपनी का हालिया तिमाही (Q3FY26) का शानदार रेवेन्यू परफॉर्मेंस और भारत सरकार की AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाली नीतियां हैं।
दमदार रेवेन्यू और मार्जिन
कंपनी ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3FY26) में ₹278 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले तिमाही के मुकाबले 7.9% ज्यादा है, वहीं साल-दर-साल (YoY) के आधार पर इसमें 22% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। यह लगातार बारहवीं तिमाही है जब कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
ग्रोथ का बड़ा श्रेय फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्रैक्टिसेस को जाता है, जिनमें क्रमशः 20.6% और 6.2% की बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी ने अपने एडजस्टेड EBITDA मार्जिन को 23.0% पर बनाए रखा है, जो सख्त ऑपरेशनल डिसिप्लिन का नतीजा है।
सरकारी नीतियों का सहारा
सरकार की नई पहलें भी Latent View Analytics के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही हैं। यूनियन बजट 2026 में विदेशी क्लाउड फर्मों को भारतीय डेटा सेंटरों से काम करने पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे का प्रस्ताव है, बशर्ते कि भारतीय मांग घरेलू रीसेलर्स के माध्यम से पूरी हो।
इसके अलावा, ₹10,000 करोड़ का आवंटन 'इंडिया AI मिशन' के लिए FY27 में किया गया है। 2025 में ही पब्लिक डेटा सेंटर में $75 बिलियन से ज्यादा का निवेश हो चुका है।
यह सरकारी सहयोग भारत को डेटा और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक प्रमुख ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करता है, जिससे फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को बढ़ावा मिलने और डिजिटल वैल्यू चेन के विस्तार की उम्मीद है।