सेक्टर का आउटलुक और एनालिस्ट्स की राय
Anand Rathi की रिपोर्ट के अनुसार, Infosys Ltd. और HCL Technologies Ltd. जैसी कंपनियां धीमी तिमाही की उम्मीद कर रही हैं। मार्जिन (Margins) पर वेज हाइक्स (wage hikes) और क्लाइंट्स (clients) से जुड़ी कुछ दिक्कतों के कारण दबाव बना हुआ है।
AI (Artificial Intelligence) जहां एक तरफ कम कीमतों का जोखिम पैदा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह लंबी अवधि में बाजार विस्तार का एक बड़ा अवसर भी है। सेक्टर की वैल्यूएशन्स (Valuations) में भी एडजस्टमेंट (adjustment) देखा गया है, जिसके चलते Nifty IT इंडेक्स साल-दर-तारीख (year-to-date) लगभग 25% गिर चुका है।
आगे की राह देखें तो, Infosys ने FY27 के लिए 5-8% की कांस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है। कंपनी का खास फोकस $2.5 बिलियन से ज्यादा के बड़े डील्स (Total Contract Value - TCV) को बनाए रखने पर है। Infosys अपनी GenAI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल रेवेन्यू बढ़ाने और Project Maximus जैसे कॉस्ट-कटिंग प्रोजेक्ट्स को लागू करने की योजना बना रही है।
अधिकांश एनालिस्ट्स Infosys को 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दे रहे हैं, जिनके 12-महीने के टारगेट प्राइस ₹1,700–1,900 के बीच हैं, जो मामूली अपसाइड पोटेंशियल (upside potential) का संकेत देते हैं। LTIMindtree और HCLTech के लिए एनालिस्ट टारगेट्स अलग-अलग हैं, लेकिन आम राय सावधानी बरतने की है, क्योंकि बाजार AI की परिवर्तनकारी शक्ति और बदलते कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप (competitive landscape) के साथ-साथ निकट अवधि की कठिनाइयों को भी देख रहा है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि FY26 का दूसरा हाफ (second half) सेक्टर में रिकवरी के स्पष्ट संकेत देगा।