AI क्लाउड की ओर बढ़ा कदम, पहली बार हुई कमाई
Krutrim AI ने AI चिप और LLM डेवलपमेंट जैसे पूंजी-गहन (capital-intensive) क्षेत्रों से हटकर AI क्लाउड सर्विसेज पर अपना फोकस बढ़ाया है। कंपनी ने 2025 के अंत में हुए एक रणनीतिक पुनर्गठन (Restructure) के तहत अपनी इन-हाउस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिभा (Talent) और पूंजी (Capital) को पुन: आवंटित (Reallocated) किया। इसके नतीजतन, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में अपना पहला सालाना नेट प्रॉफिट कमाया और उसका रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना बढ़कर लगभग ₹300 करोड़ हो गया। टैक्स के बाद मुनाफा (Profit after Tax) 10% से अधिक रहा, जो इसके मोनेटाइजेशन (Monetization) प्रयासों की शुरुआती सफलता को दर्शाता है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि बाहरी ग्राहकों से मिल रहे अच्छे रिस्पांस (Momentum) से यह साबित होता है कि Krutrim, ओला ग्रुप के अलावा अन्य कंपनियों को भी सेवा देने का लक्ष्य रखती है।
फाउंडर का बड़ा दांव: Ola Electric Shares गिरवी
कंपनी के फाउंडर भविष्य अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) इस AI वेंचर को मजबूत वित्तीय सहारा दे रहे हैं। उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के अपने शेयरों को गिरवी रखकर Krutrim के लिए पर्याप्त फंड जुटाया है। मार्च 2025 तक, उन्होंने लगभग ₹603 करोड़ के मूल्य के 5.88 करोड़ से अधिक ओला इलेक्ट्रिक शेयर गिरवी रखे थे, ताकि इस AI वेंचर के लिए ऋण वित्तपोषण (Debt financing) सुरक्षित किया जा सके। यह कदम दिसंबर 2024 में 4.83 करोड़ शेयर गिरवी रखने के बाद आया है। यह रणनीति भविष्य अग्रवाल के भरोसे को दर्शाती है, भले ही ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में इस दौरान काफी अस्थिरता (Volatility) देखी गई हो, जो मई 2026 तक लगभग ₹36.64 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
भारत के बढ़ते AI क्लाउड मार्केट में Krutrim
Krutrim का लक्ष्य भारतीय इंजीनियर्स द्वारा विकसित AI क्लाउड का उपयोग करके भारतीय उद्यमों (Enterprises) को सेवा देना है, जिससे वह तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार का लाभ उठा सके। भारतीय क्लाउड AI मार्केट के 2025 में $6.9 बिलियन से बढ़कर 2033 तक $185.9 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 50.5% है। इसी तरह, भारतीय पब्लिक क्लाउड सर्विसेज मार्केट के 2029 तक $30.4 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें AI को एक प्रमुख उत्प्रेरक (Catalyst) माना जा रहा है। FY26 के लिए Krutrim का ₹300 करोड़ का रेवेन्यू इसे इस बढ़ते इकोसिस्टम में स्थापित करता है, हालांकि कंपनी के निजी होने के कारण प्रतिस्पर्धियों से सीधे तुलना करना मुश्किल है। भारत-केंद्रित LLM स्पेस में इसका निकटतम प्रतिस्पर्धी, सर्वम एआई (Sarvam AI), कथित तौर पर $1.5 बिलियन के वैल्यूएशन पर $300-350 मिलियन जुटाने के लिए उन्नत बातचीत कर रहा है। Krutrim ने जनवरी 2024 में $1 बिलियन के वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न (Unicorn) का दर्जा हासिल किया था। कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत के पहले एनवीडिया (NVIDIA) GB200 NVL सुपरकंप्यूटर पार्टनरशिप का दावा शामिल है, जो इसे ग्लोबल क्लाउड प्रोवाइडर्स (जैसे Amazon - 31% मार्केट शेयर, Microsoft - 20%, Google - 12%) का स्थानीय विकल्प बनाता है।
रेवेन्यू पर निर्भरता और गवर्नेंस पर सवाल
लाभदायकता हासिल करने के बावजूद, Krutrim के बिजनेस मॉडल पर रेवेन्यू विविधीकरण (Revenue diversification) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, इसके ₹101.7 करोड़ के रेवेन्यू का 90% हिस्सा ओला ग्रुप की एंटिटीज, जैसे ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एएनआई टेक्नोलॉजीज (ANI Technologies) से आया था। संबंधित पक्षों के साथ लेन-देन (Related-party transactions) पर यह निर्भरता गवर्नेंस संबंधी चिंताओं को बढ़ाती है, खासकर जब निदेशकों का ओला इलेक्ट्रिक और एएनआई टेक्नोलॉजीज के बोर्ड में भी स्थान है और स्वतंत्र निरीक्षण (Independent oversight) का अभाव है। इसके अलावा, भविष्य अग्रवाल की व्यक्तिगत वित्तीय प्रतिबद्धताएं (Personal financial commitments) Krutrim की फंडिंग को सीधे ओला इलेक्ट्रिक के प्रदर्शन और वैल्यूएशन से जोड़ती हैं, जिसके शेयर मूल्य में गिरावट आई है। चिप और LLM परियोजनाओं पर रोक, हालांकि तत्काल लाभ के लिए रणनीतिक है, यह Krutrim की दीर्घकालिक R&D महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक दिग्गजों के मुकाबले AI मॉडल डेवलपमेंट में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता में देरी कर सकती है। रिपोर्टों में नेतृत्व में उथल-पुथल (Leadership turmoil) और उत्पाद लॉन्च में देरी जैसी बातों का भी जिक्र है, जो निष्पादन चुनौतियों (Execution challenges) का संकेत देते हैं।
भविष्य की राह
Krutrim का घोषित लक्ष्य वित्तीय आत्मनिर्भरता (Financial self-sustainability) हासिल करना है, ताकि वह वर्तमान ओला इकोसिस्टम पर अपनी निर्भरता से आगे बढ़ सके। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि Krutrim अपनी AI क्लाउड सर्विसेज के लिए बाहरी एंटरप्राइज ग्राहकों को कितनी अच्छी तरह आकर्षित और बनाए रख पाती है। AI क्लाउड सर्विसेज की ओर इसका झुकाव, इसके घरेलू फोकस के साथ मिलकर, इसे भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI को अपनाने के अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार करता है। हालांकि, गवर्नेंस संबंधी चिंताओं को दूर करना और लगातार, स्वतंत्र व्यावसायिक वृद्धि दिखाना इसकी दीर्घकालिक व्यवहार्यता (Viability) और वैल्यूएशन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
