Kotak की IT सेक्टर पर Big Call: TCS, Infosys पर दांव; AI का होगा ये असर!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Kotak की IT सेक्टर पर Big Call: TCS, Infosys पर दांव; AI का होगा ये असर!
Overview

Kotak Institutional Equities ने भारत के IT सेक्टर के लिए अपनी टॉप इन्वेस्टमेंट पिक्स (investment picks) जारी की हैं। कंपनी ने Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Tech Mahindra और Coforge को चुना है, लेकिन साथ ही सेक्टर के लिए मिले-जुले संकेत दिए हैं।

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AI के बीच Kotak की चुनिंदा IT कंपनियों पर मेहरबानी

भारतीय IT सेक्टर इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और इसी बीच Kotak Institutional Equities ने अपनी नई रिपोर्ट में कुछ चुनिंदा स्टॉक्स (stocks) पर भरोसा जताया है। फर्म ने Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Tech Mahindra और Coforge को अपने टॉप निवेश विकल्पों में शामिल किया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ब्रोकरेज फर्म ने सेक्टर के भविष्य को लेकर कुछ चिंताएं भी जाहिर की हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले मार्च 2026 क्वार्टर में IT कंपनियों के रेवेन्यू (revenue) में धीमी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए विजिबिलिटी (visibility) भी कम है। इसका एक बड़ा कारण जेनरेटिव AI (generative AI) का बढ़ता प्रभाव है, जो इंडस्ट्री में एफिशिएंसी (efficiency) की नई चुनौतियां खड़ी कर रहा है, लेकिन साथ ही कमाई के नए मौके भी पैदा कर रहा है। ऐसे में सही स्टॉक का चुनाव करना बहुत जरूरी हो गया है।

सेक्टर का धीमा पड़ना, पर इन कंपनियों की अलग राह

Kotak की रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 क्वार्टर में IT कंपनियों के रेवेन्यू में 4-5% के आसपास ग्रोथ रहने का अनुमान है, जो कि पिछले सालों की डबल-डिजिट ग्रोथ से काफी कम है। करेंसी गेन्स (currency gains) शायद नतीजों को थोड़ा बेहतर दिखा सकते हैं, लेकिन अंडरलाइंग ग्रोथ (underlying growth) अभी भी धीमी ही रहेगी।

Tata Consultancy Services (TCS): कंपनी मार्च 2026 क्वार्टर में कॉन्स्टेंट करेंसी (constant currency) में करीब 1.2% की मामूली ग्रोथ दिखा सकती है। कोस्टल क्लाउड (Coastal Cloud) के अधिग्रहण से मदद मिलेगी। इंटरनेशनल मार्केट्स (international markets) से अच्छी कमाई की उम्मीद है, जबकि डोमेस्टिक बिजनेस (domestic business) थोड़ा सिकुड़ सकता है। मार्जिन (margins) स्थिर रहने की संभावना है। डील विन्स (deal wins) $9 से $10 बिलियन के बीच रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले कम है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में कंपनी का मार्केट कैप (market cap) करीब ₹8.87 ट्रिलियन और P/E रेश्यो (P/E ratio) 17-18.5 के आसपास था।

Infosys: कंपनी मार्च 2026 क्वार्टर में 1% रेवेन्यू गिरावट का अनुमान लगा रही है, जिसका मुख्य कारण सीजनल स्लोडाउन (seasonal slowdown) और कम वर्किंग डेज (working days) हैं। मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है, और करेंसी गेन्स वीजा कॉस्ट (visa costs) को ऑफसेट कर सकते हैं। बड़ी डील्स (large deal wins) $2.5 से $2.75 बिलियन के बीच आ सकती हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 3% से 5% ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी AI, क्लाउड और डिजिटल सर्विसेज पर फोकस कर रही है। अप्रैल 2026 में मार्केट कैप करीब ₹5.27 ट्रिलियन और P/E रेश्यो 18-19 के आसपास था।

Tech Mahindra: कंपनी मार्च 2026 क्वार्टर में फ्लैट रेवेन्यू (flat revenue) की उम्मीद कर रही है। हालांकि, बेहतर ऑपरेशंस (operations) और करेंसी गेन्स की मदद से मार्जिन में करीब 60 बेसिस पॉइंट्स (basis points) का सुधार हो सकता है। डील विन्स $1.1 बिलियन रहने का अनुमान है। अप्रैल 2026 में मार्केट कैप करीब ₹1.37 ट्रिलियन और P/E रेश्यो 25-31 के बीच था।

Coforge: यह कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, जिसमें मार्च 2026 क्वार्टर में 2.2% सीक्वेंशियल ग्रोथ (sequential growth) और 19.7% ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ (year-on-year growth) का अनुमान है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है। डील्स $550 से $600 मिलियन के बीच आ सकती हैं। एनालिस्ट्स (analysts) ने Coforge को एक टॉप मिड-कैप (mid-cap) IT स्टॉक बताया है।

AI: अवसर और चुनौती दोनों

जेनरेटिव AI, IT सेक्टर के लिए दोधारी तलवार साबित हो रहा है। एक तरफ, यह 30-40% तक ज्यादा बिलिंग रेट (billing rates) वाली नई और हाई-वैल्यू सर्विसेज (high-value services) का रास्ता खोल रहा है, वहीं दूसरी तरफ, यह ट्रेडिशनल रेवेन्यू पर 3-4% सालाना का दबाव भी डाल रहा है (2025-2027 के बीच)। AI की मदद से एफिशिएंसी में 30-35% तक का सुधार देखा जा रहा है। लेकिन, ऑटोमेशन (automation) के कारण एप्लीकेशन सपोर्ट (application support) और टेस्टिंग (testing) जैसे कामों में बिल होने वाले घंटों की जरूरत कम हो गई है, जिसका सीधा असर कमाई पर पड़ रहा है।

वैल्यूएशन की चिंता और सेक्टर का बंटवारा

AI के रेवेन्यू पर पड़ने वाले असर को देखते हुए, कुछ एनालिस्ट्स वर्तमान स्टॉक वैल्यूएशन (valuations) को लेकर चिंतित हैं। सवाल यह है कि क्या AI के कारण एप्लीकेशन सर्विसेज से होने वाला रेवेन्यू कम होने पर IT कंपनियां अपनी ऊंची वैल्यूएशन बरकरार रख पाएंगी। वहीं, कुछ का मानना है कि IT कंपनियां AI की इंटीग्रेटर (integrator) बनेंगी।

इस बीच, HCL Technologies, जिसका P/E 22x (मार्केट कैप ₹3.68 ट्रिलियन) है, को Wipro (P/E 15x, मार्केट कैप ₹1.965 ट्रिलियन) की तुलना में AI का बेहतर इस्तेमाल करते हुए देखा जा रहा है। यह दिखाता है कि सेक्टर में बंटवारा हो सकता है: जिन कंपनियों की AI स्ट्रेटेजी (strategy) मजबूत होगी, उनकी वैल्यूएशन ऊंची बनी रह सकती है, जबकि अन्य को झटका लग सकता है।

आगे का रास्ता: धीमी पर चुनिंदा ग्रोथ

आगे चलकर, एनालिस्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि फाइनेंशियल ईयर 2027 तक भारतीय IT सेक्टर में धीमी रिकवरी (recovery) देखने को मिलेगी। Nomura का अनुमान है कि बड़ी कंपनियों का रेवेन्यू ग्रोथ FY25 के 1.8% से बढ़कर FY27 तक 4.5% हो जाएगा। अब यह सेक्टर डबल-डिजिट ग्रोथ का इंजन नहीं रहा, ऐसे में मैनेजमेंट और स्टॉक पिकिंग (stock picking) पर खास ध्यान देना होगा। AI सर्विसेज से होने वाली कमाई, आर्थिक दबाव में कमी और क्लाइंट्स (clients) का IT खर्च पर भरोसा बढ़ना इस रिकवरी को गति देगा। TCS, Infosys, Tech Mahindra और Coforge जैसी कंपनियां AI को अपने बिजनेस में कितना प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट (integrate) करती हैं और एफिशिएंसी गेन्स को नए रेवेन्यू में कैसे बदलती हैं, यह उनकी भविष्य की सफलता तय करेगा।

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